एमपी के मास्टर जी गजब हैं: 23 साल में सैलरी मिली 36 लाख, लेकिन 24 शहरों में बना ली करोड़ों की संपत्ति

मध्यप्रदेश के एक प्राथमिक स्कूल के शिक्षक के पास से सवा पांच करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। यह चौंकाने वाला खुलासा लोकायुक्त भोपाल की दस सदस्यीय टीम की जांच में हुआ। मंगलवार को यह जांच की गई थी। टीम ने सुबह छह बजे प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पंकज रामजन्म श्रीवास्तव के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों में भोपाल का मिनाल रेसीडेंसी स्थित मकान नंबर डी 413 और सारणी-बगडोना में एमजीएम कॉलोनी के घर शामिल हैं। इन छापेमारी से पंकज की बैतूल, छिंदवाड़ा, भोपाल और नागपुर में 24 से ज्यादा प्रॉपर्टी की जानकारी मिली है। जिसमें समरधा में प्लॉट, पिपरिया जाहिरपीर में एक एकड़ भूमि, छिंदवाड़ा में छह एकड़ भूमि, बैतूल में आठ आवासीय प्लॉट, बगडोना में छह दुकान और दस अलग-अलग गांवों में कुल 25 एकड़ की कृषि भूमि शामिल है। बता दें कि पंकज घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रेंगाढाना में स्थित एक प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है। फिलहाल पंकज की संपत्ति को लेकर अभी जांच चल रही है। पंकज के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

टीम की ओर से की गई छापेमारी में पता चला कि पंकज क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को ऊंची ब्याज दर पर कर्जा देता था और उनकी संपत्ति को गिरवी रखता था। कर्ज लेने वाले अगर पैसा नहीं चुका पाते थे तो पंकज उनकी संपत्ति अपने नाम करवा लेता था। पंकज ने अपने मित्र के साथ श्रीराम आईटीआई संस्था के निर्माण कार्य में करीब 50 लाख रुपये का निवेश किया है।

लोकायुक्त अधिकारी डॉक्टर सलिल शर्मा का कहना है कि पंकज ने 1998 में शिक्षा विभाग में 2,256 रुपये के वेतन पर नौकरी ज्वाइन की थी। मौजूदा समय में पंकज का वेतन करीब 40,000 रुपये प्रति महीना है। लोकायुक्त अधिकारी ने बताया कि 23 साल की नौकरी में पंकज को 36,50,500 रुपये का वेतन मिला।

BREAKING : राज्य के इन चार बडे़ शहरों में… 17 से 31 मार्च तक… प्री-नाइट कर्फ्यू

देशभर में कोरोना के बढ़ते प्रभाव का असर नजर आने लगा है। महाराष्ट्र के नागपुर में जहां लाॅक डाउन कर दिया गया है, तो कई जिलों और शहरों नाइट कर्फ्यू लागू हो चुका है। अब गुजरात में भी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है।

गुजरात सरकार ने 17 मार्च से 31 मार्च के बीच चार महानगरों-अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया है। इन चार महानगरों में 16 मार्च तक रात 12 बजे से सुबह 6 बजे प्री-नाइट कर्फ्यू रहेगा।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र के नागपुर में 15 मार्च से 21 मार्च तक टोटल लॉकडाउन लगाया गया है। बावजूद इसके सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग दिख रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि अगर लोग इसी तरह से सड़कों पर निकलेंगे तो कोरोना खत्म कैसे होगा? जबकि कोरोना को रोकने के लिए सबसे बड़ा हथियार भीड़भाड़ को रोकना है।

SAD NEWS : नहीं रहीं पूर्व मुख्यमंत्री की पोती… मुंबई के अस्पताल में… इलाज के दौरान ली अंतिम सांस

गुजरे जमाने में अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नरेश सिंह की पोती और प्रदेश के कोमाखान राजघराने की राजमाता का मुम्बई के एक अस्पताल में देहांत हो गया। इससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहीं थीं।


बता दें, की कोमाखान राजमहल की राजमाता बालकुमारी देवी जी का जन्म 19 अगस्त 1938 को सारंगढ़ के राजा के खानदान में हुआ था। उनके दादा नरेश सिंह अविभाजित मध्यप्रदेश में 13 दिनों के लिए मुख्यमंत्री चुने गए थे। वे प्रदेश के एकमात्र आदिवासी मुख्यमंत्री चुने गए थे। राजमाता बालकुमारी पूर्व मुख्यमंत्री नरेश सिंह की पोती एवं पंडरिया के जमीदार ऑनरेरी मजिस्ट्रेट बिलासपुर ठाकुर गौतम सिंह की पुत्री थीं। इनका विवाह 1958 में कोमाखान जमींदार के राजकुमार ठाकुर नरेंद्र प्रताप के साथ हुआ था।

BREAKING : छग सरकार ने भी अपनाया… सख्त रवैया… पढ़िए क्या है मामला

रायपुर। राजधानी सहित प्रदेश में फूट रहे कोरोना बम को लेकर पहले रायपुर कलेक्टर ने सख्त आदेश जारी किया था, जिस पर अब सरकार ने भी मुहर लगा दी है। कोरोना के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि राजधानी रायपुर में आयोजित हो रहे रोड सेफ्टी वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज में दर्शक अब बिना मास्क के स्टेडियम में प्रवेश नही कर सकेंगे।

नहीं मिलेगी कोई रियायत

हालात को ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मैच के दौरान यदि कोई दर्शक बिना मास्क के पाया जाता है तो उनके विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। इसमें यह बात भी शामिल है कि व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसे एसओपी का पालन करना अनिवार्य होगा। पद या फिर प्रतिष्ठा को देखकर किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।

बड़ी खबर : जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिव को किया निलंबित… जाने क्या है वजह 

राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अजीत वसंत ने ग्राम पंचायत भरदाकला सचिव गुंजा राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खैरागढ़ से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार गुंजा राणा द्वारा बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित रहने, सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन आहरण करने तथा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता तथा घोर लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

2,000 रुपये का नोट बंद करना चाहती है सरकार? 2 साल से नहीं छापा एक भी नोट

सरकार ने लोकसभा में बताया है पिछले दो सालों में 2 हजार रुपए के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है, जबकि इसकी संख्या में कमी आ गई है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को संसद को एक लिखित जवाब में बताया कि 30 मार्च 2018 को 2000 रुपए के 336.2 करोड़ नोट सर्कुलेशन में थे, जबकि 26 फरवरी 2021 को इसकी संख्या घटकर 249.9 करोड़ रह गई।

वित्त राज्य मंत्री ने जवाब में कहा, ”किसी मूल्य के बैंक नोटों की छपाई का फैसला जनता की लेन-देन की मांग को पूरा करने के लिए RBI के की सलाह पर लिया जाता है।” उन्होंने कहा, ”2019-20 और 2020-21 में 2000 रुपए के नोट की छपाई का ऑर्डर नहीं दिया गया है।”

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2019 में बताया था कि वित्त वर्ष 2016-17 (अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक) में 354.2991 करोड़ नोटों की छपाई की गई थी। हालांकि, 2017-18 में केवल 11.1507 करोड़ नोटों की छपाई की गई। 2018-19 में 4.669 करोड़ नोट छापे गए तो अप्रैल 2019 के बाद से एक भी नोट नहीं छापा गया है।

माना जा रहा है कि यह फैसला कालेधन पर रोक लगाने के लिए ऐसा किया गया है। नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर किए जाने के बाद सरकार ने 500 रुपए के नए नोट और 2 हजार रुपए के नोट को जारी किया था। 2000 रुपए के नोट के अलावा सरकार ने 10, 20, 50 और 100 रुपए के नए नोट जारी किए हैं।

बिग ब्रेकिंग : सड़क हादसे में भाजपा नेता की मौत… बेटे की हालत गंभीर

आये दिन सड़क हादसे की घटनाओ में वृद्धि होती जा रही है। रोजना सैकड़ों लोग हादसे में अपनी जान गवा रहे है। वहीँ देवास जिले में एक भाजपा नेता की सड़क दुर्घटना में मौत होने की खबर सामने आ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार खातेगांव से तकरीबन तीन किमी दूर मुरली वाले होटल के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवाल भाजपा नेता जगदीश पटेल और उनके पुत्र कपिल को टक्कर मार दी। हादसे में जगदीश पटेल की मौत हो गई, जबकि कपिल गंभीर रूप से घायल है।

बड़ी खबर : सांसद की बहु ने की खुदकुशी की कोशिश… वीडियो में कहा- तुम खुश रहो… और काट ली हाथ की नस… लगाए ये गंभीर आरोप  

लखनऊ । लखनऊ के मोहनलालगंज से बीजेपी सांसद कौशल किशोर के घर का कलह शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब आयुष की पत्नी व सांसद की बहू अंकिता ने उनके घर के बाहर पहुंचकर अपनी हाथ की नस काट कर खुदकुशी करने की कोशिश की। आननफानन में उसे सिविल अस्‍पताल में भर्ती कराया गया।

नस काटने से चंद घंटे पहले अंकिता का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो रोते हुए नजर आई। वीडियो में अंकिता सांसद के पुत्र आयुष पर गंभीर आरोप लगाकर जान देने की बात कह रही थी। अंकिता ने यह भी कहा कि आयुष ने उसके साथ धोखा किया है।

अंकिता ने अपने वीडियो में कहा- ‘मैं किसी से नहीं लड़ सकती क्योंकि तुम्हारे पापा सांसद और मां विधायक हैं, मेरी कोई नहीं सुनेगा, मैं आज तक किसी को तुम्हें हाथ नहीं लगाने दिया, तो मैं तुम्हें कैसे मार सकती हूं, तुम कितना झूठ बोल रहे हो, तुमने और तुम्हारे घर वालों ने मुझे जीने के लिए नहीं छोड़ा।’

वीडियो में अंकिता ने आगे कहा कि घर का किराया नहीं दिया, गैस सिलेंडर नहीं भरवाया, एक बार भी नहीं सोचा कि मैं क्या खाऊंगी। अगर तुम मेरे पास नहीं आओगे तो मुझे रहना भी नहीं हैं। मैं जा रही हूं। मैं जा रही हूं और तुम मुझे याद रखोगे और सोचोगे कि मुझसे ज्यादा चाहने वाला तुम्हें कोई और नहीं मिलेगा। मेरी मरने की वजह तुम हो और तुम्हारे घर वाले हैं, मैं जा रही हूं।

आपको बता दें कि इससे पहले आयुष ने एक वीडियो जारी कर अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसने वीडियो में सफाई देते हुए बताया कि उसे पत्नी अंकिता सिंह ने फंसाया है। उसने कहा कि व सरेंडर कर देगा। उसने कोई गलत काम नहीं किया है। उसने खुद पर गोली नहीं चलवाई। अगर वो उस दिन घर में होता तो उसकी हत्या कर दी जाती।

थाने पहुंचा आयुष, खुद को बताया बेकसूर
आयुष किशोर रविवार को खुद मड़ि‍यांव थाने पहुंचा और बयान दर्ज कराया। आयुष ने अपने बयान में कहा कि उसे असलहा उसके दोस्त चंदन गुप्ता ने दिया था। आयुष ने खुद को बेकसूर बताते हुए आदर्श व उसकी बहन पर साजिश रचने का आरोप भी लगाया। इंस्पेक्टर मड़ियांव मनोज सिंह के मुताबिक, रविवार को करीब ढ़ाई घंटे तक आयुष से पूछताछ की गई। आयुष को सोमवार को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। बता दें, सांसद के बेटे पर खुद पर फायरिंग कराकर साजिश करने व धोखाधड़ी की एफआइआर दर्ज है।

BREAKING : चुनाव आयोग ने ममता के… आरोप को किया खारिज… दिया यह बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने अपने चोटिल होने को लेकर आरोप लगाया था कि भाजपा ने जानबूझकर उन्हें घायल किया है। इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच की भी सिफारिश की गई थी और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी का यह दांव उलटा पड़ गया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला नहीं हुआ था। आयोग ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी अलापन बंदोपाध्याय, स्पेशल पुलिस ऑब्जर्वर विवेक दुबे और अजय नायक की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला किया। यह संयोग ही है कि ममता चोटिल होने के बाद पहली बार बंगाल में रोड शो करने जा रही थीं, इससे ठीक पहले ही यह रिपोर्ट आ गई।

मामले में दो रिपोर्ट पेश की गई
इससे पहले शनिवार को मामले में चुनाव आयोग के सामने दो रिपोर्ट पेश की गई। पहली रिपोर्ट सुबह बंगाल के चीफ सेक्रेटरी ने दी, जिसमें ममता को लगी चोट का कारण कार का दरवाजा बताया गया। इसके बाद देर शाम स्पेशल ऑब्जर्वर विवेक दुबे और अजय नायक ने भी अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें बताया गया कि नंदीग्राम में ममता के साथ हुई घटना एक हादसा था। उनके काफिले पर किसी भी तरह के हमले के कोई सबूत नहीं मिले। ममता के साथ उस दिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी।

चीफ सेक्रेटरी ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की
इसके बाद शनिवार देर शाम चीफ सेक्रेटरी भी चुनाव आयोग को अपनी नई जांच रिपोर्ट सौंप दी थी। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने तय समय में चुनाव आयोग को रिपोर्ट सौंप दी थी, लेकिन उसमें कई जानकारी स्पष्ट नहीं थी। रिपोर्ट में तथ्यों का जिक्र तो किया गया था, लेकिन घटना के कारणों का स्पष्ट ब्योरा नहीं था।

रिपोर्ट में हमले का जिक्र नहीं
राज्य के सीईओ ऑफिस के एक अधिकारी ने बताया था कि घटना वाली जगह पर काफी भीड़ थी। रिपोर्ट में लिखा है कि मौके के क्लियर फुटेज नहीं हैं। घटना के बाद ममता ने आरोप लगाया था कि 4-5 लोगों ने उन्हें धक्का दिया था। जिला प्रशासन के एक सीनियर अफसर ने बताया कि उस इलाके में सिर्फ एक दुकान पर सीसीटीवी कैमरा लगा था। वह भी काम नहीं कर रहा था। यहां तक कि मौके पर मौजूद लोग भी कुछ खास जानकारी नहीं दे पाए। इससे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।

ब्रेकिंग : चलती ट्रेन में लगी भीषण आग… मचा हड़कंप… टीम मौके पर रवाना  

दिल्ली । दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी ट्रेन के एक कोच में आग लग गई. आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। शताब्दी ट्रेन के एक कोच सी-5 में आग लगी। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका गया है। बताया जा रहा है कि डोईवाला के क़रीब जंगल में आग लगी। ट्रेन का यह कोच हरिद्वार में ही खाली हो जाता है। आग की लपटों से वहां हाहाकार मच गया। लोको पायलट और गार्ड ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को कांसरो रेलवे स्टेशन पर रोक दिया।

तत्काल कोच को खाली कराया गया। इसके साथ ही इस कोच को रेलगाड़ी से अलग कर अन्य डिब्बों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैंं। घटना शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। शताब्दी एक्सप्रेस जब राजाजी टाइगर रिजर्व की कंसरो रेंज से होकर गुजर रही थी तभी रेलगाड़ी के (सी 5) कोच में अचानक आग लग गई। कोच में मौजूद यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींचकर लोको पायलट को सूचना दी। लोको पायलट में तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रेलगाड़ी को कंसरो रेंज के नजदीक ही रोक दिया।
रेलगाड़ी के रुकते ही डिब्बे में मौजूद यात्री बाहर निकल आए। ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने तुरंत ट्रेन के बीच में जुड़े इस (सी 5) कोच को काटकर शेष डिब्बों से अलग किया। गनीमत रही कि इस बीच किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचा। देखते ही देखते पूरी बोगी आग की लपटों से घिर गई। जिस जगह पर यह हादसा हुआ वहां सिर्फ वन विभाग की चौकी मौजूद है।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को जल्द मिलेगी बड़ी राहत, हटेगी तबादले पर लगी रोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। दरअसल प्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों के तबादले पर लगी रोक हटाने वाली है। इस बात के संकेत खुद मंत्री रविंद्र चौबे ने दी है। हालांकि अभी इस पर कैबिनेट की मुहर नहीं लगी है। लेकिन सरकार के इस फैसले से पिछले एक साल से तबादला का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मंत्री रविंद्र चौबे ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा है कि पिछले एक साल कोरोना के कारण तबादले नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी-कर्मचारी रिटायर भी हो रहे हैं। नए ताबदला नीति पर अप्रैल में चर्चा होगी।

BIG BREAKING : संयुक्त किसान मोर्चा का बड़ा एलान… इस दिन होगा भारत बंद… पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ और भी मुद्दों पर करेंगे प्रदर्शन

कृषि कानून विरोधी आंदोलन को तेज करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मार्च को भारत बंद का एलान किया है। इस दौरान दिनभर सभी दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ रेल व सड़क परिवहन को भी रोका जाएगा। मोर्चा 17 मार्च को विभिन्न ट्रेड यूनियनों, बस व ट्रक आपरेटर यूनियनों के साथ बैठक कर सहयोग की अपील करेगा। बुधवार हुई बैठक के बाद मोर्चा के नेता बूटा सिंह बुर्जगिल ने बताया कि आंदोलन लंबा चलना है। दिल्ली और संसद कूच का भी कार्यक्रम होगा, लेकिन फिलहाल इसको लेकर कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। 15 मार्च को विभिन्न ट्रेड यूनियनों की ओर से कारपोरेटाइजेशन और प्राइवेटाइजेशन व पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरुद्ध रेलवे स्टेशनों के बाहर होने वाले प्रदर्शन में मोर्चा भी शामिल होगा।

मार्च को मंडी बचाओ-खेती बचाओ कार्यक्रम किया जाएगा। विभिन्न मंडियों में प्रदर्शन कर वहां के एसडीएम, डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें मुख्य मुद्दा जमाबंदी और फर्द को लेकर जो अनिवार्यता लागू की गई है, इसका विरोध किया जाएगा। 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का शहीदी दिवस मनाया जाएगा। 28 मार्च को होली के दिन तीनों कृषि कानूनों की धरनास्थल पर होली जलाई जाएगी। बता दें कि दिल्ली के सिंघू बॉर्डर से लेकर टीकरी बॉर्डर और यहां तक कि गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसानों का जमावड़ा अब भी है।
किसान 26 नवंबर 2020 से बैठे हैं धरना पर
पिछले साल 26 नवंबर को किसानों का दिल्ली कूच पंजाब और हरियाणा से निकले किसानों के जत्थे दिल्ली की तरफ कूच कर गए। पंजाब-हरियाणा की सीमा पर जमकर बवाल हुआ। सिंधु बॉर्डर पर टकराव के बावजूद किसान आगे बढ़ते चले आए। रात में किसान तमाम मुश्किलों और हरियाणा पुलिस की चुनौतियों का सामना करते हुए सिंघु बॉर्डर पहुंचे। जहां उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। दिल्ली चलो का अभियान दिल्ली की सीमा के भीतर नहीं आ पाया। तय हुआ कि दिल्ली के बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी जाए, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया।
सरकार-किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत
बता दें कि 1 दिसंबर से सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। पहले दौर की बैठक के बाद एक के बाद एक 11 दौर की बातचीत सरकार और तकरीबन 40 किसान संगठनों के नेताओं के बीच हुई। अलग-अलग प्रस्तावों के बावजूद, किसान तीन कानून की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग पर अड़े रहे।

TRANSFER : प्राचार्य समेत कई शिक्षकों का हुआ तबादला, शिक्षा विभाग ने जारी की सूची

रायपुर। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। इनमें से अधिकांश शिक्षकों का तबादला प्रशासनिक कारणों से किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची में तीन व्याख्याता, दो शिक्षक और एक प्राचार्य का नाम शामिल हैं।

देखें पूरी सूची…

BIG NEWS : किसान संगठन ने फिर किया भारत बंद का एलान, पेट्रोल-डीजल की कीमतों के खिलाफ भी करेंगे प्रदर्शन

किसान संगठनों ने केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 26 मार्च को अपने आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौके पर भारत बंद का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बूटा सिंह बुर्जगिल ने बुधवार को कहा कि किसान और व्यापार संघ मिलकर 15 मार्च को पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सिंघू बॉर्डर पर कहा कि हम 26 मार्च को अपने आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौके पर पूर्ण रूप से भारत बंद का पालन करेंगे। शांतिपूर्ण बंद सुबह से शाम तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान 19 मार्च को ‘मंडी बचाओ-खेती बचाओ’ दिवस मनाएंगे। बता दें कि दिल्ली के सिंघू बॉर्डर से लेकर टीकरी बॉर्डर और यहां तक कि गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसानों का जमावड़ा अब भी है।

Farmer unions call for ‘Bharat bandh’ on March 26 when their agitation against Centre’s farm laws completes 4 months

किसान 26 नवंबर 2020 से बैठे हैं धरना पर
पिछले साल 26 नवंबर को किसानों का दिल्ली कूच पंजाब और हरियाणा से निकले किसानों के जत्थे दिल्ली की तरफ कूच कर गए। पंजाब-हरियाणा की सीमा पर जमकर बवाल हुआ। सिंधु बॉर्डर पर टकराव के बावजूद किसान आगे बढ़ते चले आए। रात में किसान तमाम मुश्किलों और हरियाणा पुलिस की चुनौतियों का सामना करते हुए सिंघु बॉर्डर पहुंचे। जहां उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। दिल्ली चलो का अभियान दिल्ली की सीमा के भीतर नहीं आ पाया। तय हुआ कि दिल्ली के बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी जाए, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया।

सरकार-किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत
बता दें कि 1 दिसंबर से सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। पहले दौर की बैठक के बाद एक के बाद एक 11 दौर की बातचीत सरकार और तकरीबन 40 किसान संगठनों के नेताओं के बीच हुई। अलग-अलग प्रस्तावों के बावजूद, किसान तीन कानून की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग पर अड़े रहे। सरकार ने कानून को लगभग डेढ़ साल तक स्थगित करने तक का प्रस्ताव भी दिया, जिसे किसानों ने सर्वसम्मति से ठुकरा दिया।

BIG NEWS : केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी… रायपुर आईजी डाॅक्टर आनंद छाबड़ा केंद्र में इम्पैनल्ड…

नई दिल्ली। अलग-अलग कैडर में काम कर रहे 22 आईपीएस अधिकारियों को आईजी लेवल पर इम्पैनल किए जाने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी है. इम्पैनलमेंट में 1996 से 2001 बैच तक के अधिकारी शामिल किए गए हैं. कैबिनेट समिति की मंजूरी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका आदेश जारी कर दिया है.

छत्तीसगढ़ कैडर के सीनियर आईपीएस और वर्तमान में राज्य के इंटेलीजेंस चीफ और रायपुर आईजी डाॅक्टर आनंद छाबड़ा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं. वह राज्य के इकलौते अधिकारी हैं जिन्हें इम्पैनल किया गया है. छाबड़ा 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी है.

BIG BREAKING : मुख्यमंत्री पर हमला… सीएम का आरोप, भाजपा की साजिश…

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम में प्रचार के दौरान घायल हो गई हैं, उनके पैर में चोट लगी है। बताया जा रहा है कि उनके पैर में सूजन है। उन्होंने इसे बीजेपी की साजिश बताते हुए कहा है कि उन पर हमला हुआ है। नामांकन दाखिल करने के बाद वह लगातार मंदिरों में दर्शन कर रही थीं और लोगों से मिल रही थीं। इसी दौरान एक जगह भीड़ होने पर उनके पैर में चोट लगी है। वहीं, बीजेपी ने कहा है कि ममता बनर्जी सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही हैं।
ममता बनर्जी ने कहा है, ”4-5 लोगों ने मुझे धक्का दिया, जब मैं गाड़ी के पास थी। मेरा पैर कुचलने की कोशिश की गई। मेरे पैर मैं सूजन है। मैं अब कोलकाता जा रही हूं, डॉक्टर को दिखाने के लिए। बहुत दर्द है। बुखार भी आ गया है। कोई पुलिसकर्मी नहीं था। 4-5 लोगों ने जानबूझकर यह किया है। यह साजिश है।” वहीं टीएमसी ने कहा है कि चार-पांच लोगों ने उनपर हमला किया। यह साजिश के तहत किया गया है। पार्टी इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेगी।
ममता बनर्जी को इलाज के लिए कोलकाता ले जाया जा रहा है। रात होने की वजह से चॉपर उड़ान नहीं भर सकता है, इसलिए उन्हें सड़क मार्ग से ही ले जाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। कोलकाता में दो अस्पताल तैयार रखे गए हैं।

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”वह मुख्यमंत्री है और यहां के हालात हैं, 300-400 पुलिसकर्मियों के साथ रहते हैं, कोई सपने में भी नहीं सोच सकता है कि ममता बनर्जी पर हमला करे। हमला तो दूर की बात है कोई आंख उठा कर नहीं देख सकता है। यह एक्सिडेंट हो सकता है। लेकिन हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता है। वह सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही हैं।” बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता सामिक भट्टाचार्य ने कहा, ”मैं कामना करता हूं कि वह जल्दी रिकवर कर जाएं। उनके आसपास पुलिसकर्मी और समर्थक थे।”
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा, ”क्या तालिबान ने उनके पैर पर हमला किया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके साथ रहते हैं। कौन उनके नजदीक जा सकता है? 4 आईपीएस अधिकारी उनकी सुरक्षा में तैनात हैं, उन्हें तुरंत सस्पेंड करना चाहिए। हमला करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। वह सानुभूति के लिए नाटक कर रही हैं।”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया और जीतने का विश्वास जताते हुए कहा कि वह नंदीग्राम से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला पूर्व में अपने सहयोगी और अब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा। बनर्जी ने तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुव्रत बक्शी की उपस्थिति में हल्दिया सब डिविजनल कार्यालय में नामांकन दाखिल किया।
इससे पहले उन्होंने दो किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और एक मंदिर में पूजा अर्चना की। नामांकन दाखिल करने में बाद बनर्जी एक और मंदिर गईं। मुख्यमंत्री कोलकाता की भवानीपुर सीट छोड़ने के बाद पहली बार नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने नंदीग्राम में एक घर किराए पर लिया है जहां से वह चुनाव प्रचार करेंगी।

दर्दनाक सड़क हादसा : यात्रियों से भरी बस खाई में गिरी… अब तक 8 लोगों की मौत… 10 घायल… कई यात्री अब भी लापता 

चंबा । हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यहां एक निजी बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है। हादसा बुधवार को हुआ है। पुलिस ने आ‌ठ शव बरामद कर लिए हैं। वहीं, बताया जा रह है कि 10 लोग घायल हैं। जानकारी के अनुसार, चम्बा के तीसा में कॉलोनी मोड़ के पास दर्दनाक बस हादसा हुआ है।

निजी बस में 20-25 लोग सवार थे। यह निजी बस बुंदेडी से चम्बा के लिए आ रही थी कि इस दौरान मोड से नीचे लुढ़क गई। पुलिस प्रशासन घायलों को निकालने में जुटा हुआ है। घायलों को नजदीक के हॉस्पिटल में इलाज के लिए पहुंचाया जा रहा है और अब तक 8 शव निकाले जा चुके हैं।

शुरुआती जांच में हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन अंदेशा लगाया जा रहा है कि चालक गाड़़ी से नियंत्रण खो बैठा और बस खाई में जा गिरी। तस्वीरों में देखने से पता चलता है कि हादसा काफी भंयकर रहा है क्योंकि, बस के परखच्चे उड़ गए हैं।

बड़ी ख़बर : मूकबधिर युवक ने की…बीएसएफ जवान की पत्नी की हत्या…

कांकेर के चारामा थाना क्षेत्र में बीएसएफ जवान की पत्नी पर एक मूक-बधिर युवक द्वारा चाकू से हमले का मामला सामने आया है। हमले में महिला के हाथ में चोट आई है। पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

चारामा क्षेत्र के ग्राम कानापोड़ निवासी 28 वर्षीय महिला अपनी बेटी को आगनबाड़ी छोडकर वापस घर पहुंची और मेन गेट का ताला खोलकर अंदर आई, तभी एक लड़का अचानक हाथ में चाकू लेकर चैनल गेट को धक्का मारकर घर में घुसा और महिला का मुंह दबाकर गले पर चाकू रख दिया।

महिला ने अपने बचाव में चाकू को हाथ से पकड़ लिया और जोर जोर से चिल्लाने लगी। छीना झपटी में महिला के हाथ में चाकू से चोट लगी। महिला के शोर को सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने किसी तरह आरोपित युवक को धर दबोचा।

इसकी सूचना तत्काल चारामा पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है की महिला का पति बीएसएफ का जवान है और राजस्थान में पदस्थ है। चारामा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित युवक मोइद्दीन मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। युवक चारामा क्षेत्र के ग्राम लखनपुरी का निवासी है। युवक मुक बधिर होने के कारण उसके द्वारा महिला पर किस कारण से हमला किया गया और वह ग्राम कानापोड़ क्यों आया था, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। फ‍िलहाल, पुलिस आरोपित युवक से पूछताछ कर रही है। हमला करने का कारण अब तक स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है।

चयनित शिक्षकों की पदस्थापना… का आदेश जारी… हटाए जाएंगे 1000 से ज्यादा अतिथि शिक्षक

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग ने 1000 अतिथि शिक्षकों को नौकरी से हटाए जाने का आदेश जारी किया है। शिक्षा विभाग, अतिथि शिक्षक की जगह नियमित शिक्षकों की पदस्थापना करेगी। चुनाव से पहले ही इन्हें नियमित करने का वादा किया किया था। जो अब पूरा किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार अब अतिथि शिक्षक 31 मार्च तक ही नौकरी कर पाएंगे। वहीं 1 अप्रैल से नियमित शिक्षकों की पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बता दें कि 2017-18 में करीब 2500 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती की गई थी।

वहीं 300 अतिथि शिक्षकों को हटाने के बाद अब 1000 को हटाने का आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया है। इस आदेश के बाद विद्यामितान संघ ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया। कहा कि आज हम सरकार के आदेश से बेरोजगार हो गए। वहीं आंदोलन की चेतावनी दी है।

बिग ब्रेकिंग : मुख्यमंत्री ने दिया इस्तीफा… जल्द होगा नए सीएम के नाम का एलान 

मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर सियासी उठा पटक जारी है। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को इस्तीफा सौंपा। बीते कुछ दिनों से यह चर्चा थी कि बीजेपी आलाकमान ने उत्तराखंड में नेतृत्व बदलने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में रावत को दिल्ली तलब किया गया था। आखिरकार दिल्ली से वापस अपने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया है। अब से कुछ देर में त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रेस कॉन्फ्रेंस है। अनुमान है कि बुधवार को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

भाजपा के कई विधायकों द्वारा नाराजगी व्यक्त करने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बने रहने पर संकट जारी था। जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व बीते दो दिनों से मंथन कर रहा था। और तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की सीएम पद से छुट्टी हो सकती है।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद उत्तराखंड की कुर्सी के सबसे प्रमुख दावेदारों में धन सिंह रावत का नाम सबसे आगे है। त्रिवेंद्र कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का करीबी माना जाता है। इसके साथ ही उन्हें संघ का आशीर्वाद भी प्राप्त है। जमीनी नेता के रूप में अपनी पहचान रखने वाले धन सिंह रावत भाजपा को इस वजह से भी मुफीद हैं क्योंकि राज्य में अगले वर्ष ही चुनाव होने हैं। इसके साथ ही उनके नाम पर सीएम त्रिवेंद्र को भी सहमति देने में आसानी होगी जो धन सिंह के पक्ष में जा रहा है। हालांकि दूसरे दावेदार भी हैं।