CM ममता का मोदी सरकार पर हमला, कहा- पहले दिल्ली संभालो फिर बंगाल की ओर देखना

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ ‘‘झूठ और अफवाह फैलाने के लिए” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को आलोचना की और कहा कि इस बार मतदाता राज्य में सभी 294 निर्वाचन क्षेत्रों में ‘दीदी बनाम भाजपा’ के मुकाबले का गवाह बनेंगे। कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्रों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर शामिल किए जाने को लेकर कटाक्ष करते हुए बनर्जी ने कहा कि ‘वह दिन दूर नहीं, जब समूचा देश उन्हीं के नाम पर होगा।’ पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का भरोसा जताते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘सभी 294 सीटों पर मेरे और भाजपा के बीच मुकाबला है।”

सीएम ममता ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पहले दिल्ली को संभालो फिर बंगाल की ओर देखना। उन्होंने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम बेतहाशा बढ़ा रहे हैं और गरीबों पर जुल्म कर रहे हैं। उन्होंने फिर कहा कि विधानसभा चुनावों में मैं गोलकीपर रहूंगी और बीजेपी एक भी गोल नहीं कर पाएगी। मुख्यमंत्री बनर्जी इतने में ही नहीं रुकी उन्होंने आगे कहा कि बंगाल पर बंगाल शासन करेगा। बंगाल पर गुजरात शासन नहीं करेगा। मोदी बंगाल पर राज नहीं करेंगे। बंगाल पर गुंडे और बदमाश राज नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा नेता) केवल चुनाव के दौरान बंगाल आएंगे और अफवाह तथा झूठ फैलाएंगे। वह हमें महिलाओं की सुरक्षा पर सीख दे रहे हैं। भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की क्या स्थिति है? मोदी के पसंदीदा गुजरात में क्या हालात हैं?” उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के नाम पर स्टेडियम का नाम रखा गया। कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों में उनकी तस्वीरें लगायी गयीं। एक दिन आएगा जब समूचा देश उनके नाम पर होगा।” महिलाएं पश्चिम बंगाल में सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं, प्रधानमंत्री के इस दावे को खारिज करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर ऐसी बात होती तो वे रात में आजादी से घूम नहीं पातीं।”

प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा कि मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘आदर्श राज्य’ गुजरात समेत सभी भाजपा शासित राज्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जहां मीडिया की खबरों के मुताबिक पिछले दो साल से हर दिन दुष्कर्म की चार घटनाएं और दो हत्याएं हो रही हैं। मध्य कोलकाता में कॉलेज स्कवायर इलाके में तृणमूल कांग्रेस की रैली शुरू हुई और यह करीब पांच किलोमीटर दूर दोर्नियां क्रॉसिंग पर खत्म हुई। पार्टी की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य और माला रॉय भी मार्च में शामिल हुईं। रैली में पार्टी की अन्य महिला उम्मीदवारों ने भी हिस्सा लिया।

ममता के मंत्री की मतदाताओं को धमकी… कहा- वोट नहीं दिया तो बिजली-पानी सब बंद कर देंगे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को अपने-अपने तरीके से लुभाने की कोशिश में लगी हैं। इस बीच, कुछ नेता वोटों की खातिर नैतिकता भूल मतदाताओं को डरा धमका कर अपने पाले में कर रहे हैं। ममता सरकार में कृषि मंत्री तपन दासगुप्ता ने वोट नहीं मिलने पर मतदाताओं को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी विधायक और बंगाल के कृषि मंत्री तपन दासगुप्ता ने राज्य विधानसभा चुनाव में वोट नहीं मिलने पर मतदाताओं को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। हुगली में एक बैठक में सप्तग्राम विधानसभा के टीएमसी उम्मीदवार तपन दासगुप्ता ने मतदाताओं को यह धमकी दी।

धमकी : वोट नहीं, तो बिजली और पानी नहीं
तपन दासगुप्ता ने शनिवार को एक रैली में कहा, ”जिन क्षेत्रों से मुझे वोट नहीं मिलेंगे, उन इलाकों में बिजली और पानी नहीं पहुंचेगा। ये तय है। वे इसके लिए भाजपा से कह सकते हैं।” तपन दासगुप्ता 2011 में वाम मोर्चे के अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर हुगली में सप्तग्राम के विधायक बने। वर्ष 2016 के बंगाल चुनावों में भी उन्होंने सप्तग्राम सीट जीती थी। दासगुप्ता को अब 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव में लड़ने के लिए एक ही सीट दी गई है।

गद्दारों से निपटने की दी थी धमकी
बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब तृणमूल कांग्रेस के किसी उम्मीदवार ने विधानसभा चुनावों में पार्टी को वोट न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी हो। विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायक हमीदुल रहमान को मतदाताओं को धमकाते हुए पकड़ा गया था।

दिनाजपुर में एक जनसभा में हमीदुल रहमान ने कहा था कि चुनाव के बाद गद्दारों से निपटा जाएगा। हमीदुल रहमान ने लोगों को यह कहते हुए टीएमसी के लिए वोट करने के लिए कहा कि जो लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी सरकार के लाभों का आनंद लेने के बाद भी गद्दारी करते हैं, उन्हें गद्दार के तरह काम दिए जाएंगे।

मोदी का ममता पर तंज- दीदी स्कूटी पर चलीं तो सबने प्रार्थना की, पर जब स्कूटी ने नंदीग्राम में गिरना तय किया तो हम क्या करें

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल ने आपको दीदी के रूप में चुना था, लेकिन आप सिर्फ एक भतीजे की बुआ बनकर रह गईं। बंगाल के लोग आपसे केवल यही एक सवाल पूछ रहे हैं। बंगाल ने परिवर्तन के लिए ममता दीदी पर भरोसा किया था। लेकिन दीदी ने ये भरोसा तोड़ दिया। इन लोगों ने बंगाल का विश्वास तोड़ा। इन लोगों ने बंगाल को अपमानित किया। यहां की बहन-बेटियों पर अत्याचार किया, लेकिन ये लोग बंगाल की उम्मीद कभी नहीं तोड़ पाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वामपंथियों के विरुद्ध ममता दीदी ने पोरिवर्तन का नारा दिया था। बंगाल से ‘मां, माटी, मानुष’ के लिए काम करने का वादा किया। लेकिन आप मुझे बताएं, क्या टीएमसी पिछले 10 वर्षों में यहां आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने में सफल रही है? ‘मां, मानुष, माटी’ की हालत से आप अच्छी तरह वाकिफ हैं। सड़कों पर और उनके घरों में माताओं पर हमले हो रहे हैं। हाल ही में, एक 80 वर्षीय मां पर क्रूरता ने पूरे देश के सामने अपका क्रूर चेहरा दिखाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले, जब आप (ममता बनर्जी) एक स्कूटी पर सवार हुई थीं,तो हर कोई प्रार्थना कर रहा था कि आप चोटिल न हों। अच्छा हुआ कि आप गिरी नहीं। नहीं तो आप उस राज्य को दुश्मन बना लेतीं, जहां स्कूटी बनी है। आपकी (ममता बनर्जी की) स्कूटी ने भवानीपुर जाने के बजाय नंदीग्राम की ओर रुख किया। दीदी, मैं सभी को शुभकामना देता हूं और किसी को चोट नहीं पहुंचाना चाहता। लेकिन अगर नंदीग्राम में स्कूटी का गिरना तय है तो मैं क्या कर सकता हूं?

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि अगले 5 सालों का विकास बंगाल के आने वाले 25 सालों के विकास का आधार बनेगा। 25 साल बाद देश जब आजादी के 100 साल मनाएगा तो बंगाल फिर से पूरे देश को एक बार फिर आगे ले जाने वाला बंगाल बन जाएगा। केंद्र की हमारी सरकार ने कोलकाता की धरोहरों को संवारने के लिए अनेक प्रयास किए हैं, जब कोलकाता में विकास का डबल इंजन लग जाएगा, तो वो रोड़े भी खत्म हो जाएंगे जो अभी कदम-कदम पर हमें अनुभव होते हैं। भाजपा सरकार में यहां परीक्षा से लेकर ट्रेनिंग और भर्ती प्रक्रिया में एक पारदर्शी व्यवस्था फिर से खड़ी होगी। यहां नई शिक्षा नीति पर भी बल दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, डॉक्टर और तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई बांग्ला भाषा में हो इस पर भी जोर दिया जाएगा।

BREAKING : बिग्रेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भाजपा में शामिल

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोलकाता के बिग्रेड परेड ग्राउंड में एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे। इससे पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, दिलीप घोष और कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। पार्टी उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और सुवेंदु अधकारी भी यहां मौजूद रहे। बता दें कि देर रात बंगाल में भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद से ही कहा जा था कि वह भाजपा में शामिल होंगे। प्रदेश भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री की रैली ऐतिहासिक होगी। इसमें 10 लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटेगी। सभा स्थल और कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोंन से भी निगरानी हो रही है। मैदान के आसपास 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। वहीं 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले कई टीएमसी नेता भाजपा में शामिल हुए हैं।
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती दिलीप घोष और कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए बड़ी संख्या में लोग ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जमा हुए हैं।

हरियाणा की छात्रा ने राकेश टिकैत को कर दिया निरुत्तर… तीखे सवाल पूछे तो छीन लिया माइक…

हिसार। कृषि कानूनों में सुधार की मांग को लेकर झज्‍जर के पास ढांसा बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में शुक्रवार शाम एक अलग सा वाकया हुआ। आंदोलनकारियों को संबोधित करने पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत से एक छात्रा ने ऐसा सवाल पूछा कि हंगामा हो गया। मंच पर पहुंची एक छात्रा ने जब माइक मांगा तो पहले दे दिया गया मगर जैसे ही लड़की ने राकेश टिकैत से 26 जनवरी को ट्रैक्‍टर परेड के दौरान दिल्‍ली में हुई हिंसा के बारे में सवाल पूछा तो माहौल गरम हो गया। दरअसल, राकेश टिकैत शुक्रवार को ढांसा बॉर्डर पर विनोद गुलिया की अध्यक्षता में चल रहे धरने में लोगों से मुलाकात करने और अपना संदेश देने पहुंचे थे।
युवा लड़की ने कहा कि राकेश टिकैत ने ये तो बता दिया कि कृषि कानूनों से कितना नुकसान होगा। मगर इनका कहना है कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती आंदोलन खत्‍म नहीं होगा। मैं पूछना चाहती हूं अगर किन्हीं परिस्थितियों में दोनों पक्ष एक फीसद या फिर .005 फीसद भी पीछे नहीं हटे तो फिर समाधान किस बात पर होगा। यह जवाब सभी को चाहिए। धरने का समाधान मिलना चाहिए। ताकि, युवा भी परेशान नहीं हो और किसान भी परेशान नहीं हो।
युवा लड़की ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि दिल्‍ली में 26 जनवरी के दिन जो हिंसा हुई उसके लिए कौन जिम्‍मेदार है। अगर प्रदर्शनकारी जिम्‍मेदार नहीं है, सरकार जिम्‍मेदार नहीं है तो कौन जिम्‍मेदार है। 26 जनवरी जैसी घटना में किसका हाथ था, हमें नहीं पता। लेकिन, हमारे समाज, हमारे मेल-मिलाप पर इसका क्या असर पड़ रहा है। यह देखा जाना चाहिए। बात पूरी होती इससे पहले ही वहां खड़े किसान नेताओं ने युवा लड़की से ही सवाल पूछने शुरू कर दिए। माइक भी बंद कर दिया और युवा लड़की का नाम पूछा गया। लड़की ने अपना नाम भी बता दिया।

लड़की ने माइक बंद होने के बाद भी अपनी बात जारी रखी और कहा कि अगर देश में 26 जनवरी जैसी हिंसा होगी तो देश का युवा सवाल तो पूछेगा ही। इस दौरान एक महिला भी मंच पर आ गई और युवा लड़की से सवाल करने लगी। युवा लड़की इस दौरान सभी से अकेली ही अपनी बात कहती रही और कहा कि मैंने किसी को दोषी नहीं कहा, बस ये सवाल किया है कि आखिर इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्‍मेदार कौन है। मगर लड़की की बात नहीं सुनी गई।

छात्रा कहती रही कि हम टिकैत जी से जवाब चाहते है की धरने का समाधान कब तक होगा। आज देश का युवा भी परेशान है और किसान भी परेशान है। आखिर कब तक इसका अंत होगा? छात्रा ने कहा कि 26 जनवरी को जो हुआ उसमे हमें नही पता आपका हाथ था या सरकार का हाथ था। छात्रा के ये सवाल पूछते ही टिकैत के मंच पर छात्रा से उसका नाम और गांव का नाम पूछा जाने लगा। छात्रा द्वारा नाम बताने के बाद उस से पूरा नाम पूछा जाने लगा।

हालांकि, जब यह छात्रा बोल रही थी तो उस दौरान भी बीच-बीच में कहा जा रहा था कि माइक ले लो। माइक को बंद कर दो। छात्रा को माइक किसने दिया। लेकिन, मंच पर पहुंची छात्रा ने करीब अढ़ाई मिनट के इस घटनाक्रम में समाज की पीड़ा और युवाओं के दर्द को बड़े बढ़िया ढंग से सभी के समक्ष रखा।
छात्रा के सवाल पूछने की वीडियो हुई वायरल
मंच पर सवाल पूछने के दौरान हुए इस वाकये की वीडियो भी वायरल हो गई है। दरअसल, पहले यह लड़की किसान आंदोलन के समर्थन में बोली। फिर उसने मिले जुले सवाल करना शुरू किया और इसके बाद 26 जनवरी को दिल्‍ली में हुई हिंसा पर भी सवाल पूछ लिया। इसके बाद मामला गरमा गया। हालांकि, राकेश टिकैत ने बाद में अपनी बात भी रखी। जो कि काफी सीमित रही और लड़की को अपने सवालों का जवाब नहीं मिला।

मुंगेली के पूर्व जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह क्षत्रिय असम के नहरकटिया विधानसभा के प्रभारी बने…असम के लिए अपने टीम के साथ हुए रवाना…

विवेक माणिक, मुंगेली – असम चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज़ हो गई है वहां 2 चरणों में चुनाव होना है कांग्रेस पार्टी ने वह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रभारी बनाया है उनके प्रभारी बनने के बाद छतीसगढ़ के नेताओ को विधानसभा में प्रभारी नियुक्त किया जा रहा है उसी कड़ी में मुख्यमंत्री बघेल के अनुशंसा पर गिरीश देवांगन ने मुंगेली के पूर्व जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह क्षत्रिय को नहरकटिया विधानसभा के प्रभारी नियुक्त किया गया है |

इस नियुक्ति पर आत्मा सिंह क्षत्रिय ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गिरीश देवांगन का ह्रदय से आभार ज्ञापित करता हु जिन्होंने मुझे महत्वपूर्ण जिम्मेंदारी दी है जो जिम्मेंदारी मुझे मिली है मैं उसे बखूभी निभाने का प्रयास करूंगा
असम रवाना होने वालों में मुख्यरूप से आत्मा सिंह क्षत्रिय,जिलामंत्री लखन कश्यप ,प्रवक्ता एजाज अहमद,राहुल प्रियंका सेना के जिलाध्यक्ष मनोज सोनकर,संयुक्त महामंत्री संतोष जायसवाल, जनपद सदस्य रवि वर्मा

बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार के नितियो के विरोध में, कांग्रेसीयो ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका !

पुतला दहन किए, पूर्व नियोजित पुतला दहन कार्यक्रम के तहत कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा स्कुटी वाहन में प्रधानमंत्री और अड़ानी अम्बानी का पुतला बना कर स्कुटी में बिठाए जिसे ट्रेक्टर में डाल कर आधे किलोमीटर तक रस्से के सहारे से कार्यकर्ताओं द्वारा खींचते हुए तिरंगा चोंक ले कर आए और वहाँ ज़मीन में बैठ कर नकेंद्र सरकार और अड़ानी अम्बानी के ख़िलाफ़ में जमकर नारेबाज़ी की,

ज्ञात हो की वर्तमान में पेट्रोल डीज़ल के साथ दैनिक उपयोग के चीज़ों की महंगाई अपने चरम सीमा पर है ! इसके विरोध स्वरूप आज गरियाबंद ज़िले के कांग्रेसियो ने देस के प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया, इस दौरान पुतला दहन को रोकने आए पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमा झटकी की स्थिति निर्मित हो गई गौरतलब है

प्रदेस कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम जी का यह प्रथम नगर आगमन गरियाबंद ज़िले में हुआ जहां वे स्थानीय मंगल भवन में कार्यकर्ताओं के बैठक लिए इसके पश्च्यात प्रदेस कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के हृदय स्थल तिरंगा चोंक में पेट्रल डीज़ल की बढ़ती महंगाई को ले कर स्कुटी वाहन के साथ प्रधानमंत्री और अड़ानी अम्बानी का

देखा गया की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वयं डोर के साहारे पुतला रखे ट्रेक्टर को खींचते हुए तिरंगा चौक तक ले कर आए

उनकी उपस्थिति में पुतला दहन का कार्यक्रम किया गया इस पुतला दहन के लिए गरियाबंद पुलिस के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को ले कर दुरुस्त चौक चौबंध का व्यवस्था किया गया था फिर भी कार्यकर्ता पुतला जलाने में सफल हुए और इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमा झटकी की स्थिति निर्मित हुई


इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे.. ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष आबिद ढेबर रितिक सिन्हा योगेंद्र चंद्राकर अवनीश तिवारी शिव साहू सफीक खान अहसान मेमन मनीष ध्रुव दौलत मंडावी भीम निषाद दुलेश ध्रुव नासिर कुरेशी निरंजन प्रधान रूपेंद्र चंद्राकर छत्रपाल कुंजाम भूपेंद्र ध्रुव सोहन ध्रुव चंद्रहास कवर नंदू गोस्वामी दिनेश धुर्वे वेदराम निषाद कमल दीवान

बड़ी खबर : पूर्व केंद्रीय मंत्री व दिग्गज कांग्रेस नेता का निधन…

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री व दिग्गज कांग्रेस नेता कैप्टन सतीश शर्मा का बुधवार को निधन हो गया. कैप्टन सतीश शर्मा लंबे समय तक अमेठी लोकसभा क्षेत्र में गांधी परिवार के प्रतिनिधि थे. वो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी माने जाते थे. उनके निधन पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताया है.

BREAKING : पीएम आवास योजना में… फर्जीवाड़े के लिए… पीसीसी अध्यक्ष मरकाम… के नाम का इस्तेमाल

रायपुर। राजधानी में पीएम आवास योजना अंतर्गत बीएसयूपी मकानों के फर्जीवाड़े में एक और बड़ी ठगी का खुलासा हुआ है। इस बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के नाम का बेजा इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, जिस हितग्राही के नाम पर ग्राह्यता जारी की गई है, उसमें बकायदा नोडल अधिकारी का हस्ताक्षर भी है और लेटर हेड रायपुर नगर निगम का इस्तेमाल किया गया है।

बता दें कि रविवार को कोतवाली पुलिस ने पीएम आवास योजना अंतर्गत बीएसयूपी मकानों के फर्जीवाड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, तो अन्य की तस्वीरों को वायरल कर दिया है। अब इस मामले में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम के नाम और पत्र का इस्तेमाल एक नया पेंच खड़ा कर दिया है।


पुलिस ने इस मामले में तहकीकात शुरु कर दी है, लेकिन पीसीसी के नाम का उल्लेख होने और उनके पत्र का हवाला मामले ने पुलिस के साथ नगर पालिका निगम के अधिकारियों का होश उड़ा दिया है। इस पूरे मामले को लेकर अब हड़कंप की स्थिति मच गई है।

BREAKING : लोक सभा में गृह मंत्री अमित शाह… ने कांग्रेस को जमकर खरी-खोटी सुनाई

लोकसभा में आज गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि जिन्हें पीढ़ियों तक शासन करने का मौका इस देश ने दिया है, वे अपने गिरेबान में झांककर देंखे कि वे सवाल पूछने के हकदार भी हैं या नहीं। गृह मंत्री ने कहा कि इस वक्त जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने जैसा कोई मामला नहीं है, वक्त आने पर वह भी किया जाएगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने सवाल पर सवाल दागते हुए कहा कि सालों तक धारा 370 लागू करके रखने जाने का क्या तात्पर्य था? पहले इस बात का जवाब देश को दिया जाना चाहिए कि आखिर किसके दवाब में आजादी से लेकर 70 सालों तक 370 से जम्मू-कश्मीर को क्यों मुक्त नहीं किया गया।

BREAKING : वित्त मंत्री ने राहुल को कहा… देश का नाश करने वाला… तो सदन में फिर गूंजा “दामाद”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में बजट भाषण पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने फिर दामाद शब्द का इस्तेमाल करते हुए सोनिया और राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी को देश का नाश करने वाला आदमी बताया। उन्होंने कहा कि राहुल कई मुद्दों पर फर्जी कहानियां सुनाते हैं और वो डूम्सडे मैन ऑफ इंडिया हैं। निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में भी दामाद शब्द का इस्तेमाल किया था।

वित्त मंत्री ने राहुल गांधी के हम दो और हमारे दो वाले बयान पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, ष्हम और हमारे दो का मतलब है- दो लोग पार्टी को संभालेंगे और दो अन्य लोग हैं, जिन्हें संभालना है यानी बेटी और दामाद। हम ऐसा नहीं करते हैं। हमने 50 लाख स्ट्रीट ट्रेडर्स को एक साल तक 10 हजार दिए। ये स्ट्रीट वेंडर्स किसी के घनिष्ठ मित्र नहीं हैं।श्
निर्मला यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा, ’जो लोग हम पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि हम करीबियों के लिए काम करते हैं, उन्हें बता दूं कि स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना किसी करीबी के लिए नहीं है। उधर, दामादों को उन राज्यों में जमीनें बांटी गईं, जिनमें कभी कुछ पार्टियों का शासन था। जैसे राजस्थान हरियाणा में। हमारे करीबी कौन है? हमारी करीबी इस देश की आम जनता है।’

राहुल ने साधा केंद्र पर निशाना, कहा- किसानों के सामने अंग्रेज नहीं टिक पाए, तो मोदी कौन हैं

नई दिल्ली। केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने दोस्तों के लिए रास्ता साफ करना चाहते हैं। गांधी ने कहा कि जिस दिन ये कानून लागू हो गए ये जो धंधा 40% लोगों का है ये पूरा धंधा 2 लोगों के हाथ में चला जाएगा।

राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश के किसान के सामने अंग्रेज नहीं टिक पाए तो नरेंद्र मोदी कौन हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल केंद्र सरकार को इन कानूनों को वापस ही लेना पड़ेगा। गांधी गंगानगर जिले के पदमपुर कस्बे में किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। किसान आंदोलन को पूरे देश का आंदोलन बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका दायरा अभी और बढ़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा किसानों की कानून वापस लेने की मांग नहीं मानने की ओर इशारा करते हुए गांधी ने कहा, ‘‘यह शर्म की बात है। यह आंदोलन फैलेगा। यह आंदोलन किसानों से शहरों में फैलेगा। इसलिए मैं नरेंद्र मोदी से कह रहा हूं कि उन्हें किसानों की बात सुन लेनी चाहिए। अंत में करना ही पड़ेगा।” उन्होंने कहा, ‘‘’ हिंदुस्तान के किसान, मजदूरों के सामने अंग्रेज नहीं टिक पाए तो नरेंद्र मोदी कौन हैं। कानून तो वापस लेने ही पड़ेंगे। इसलिए कह रहा हूं कि आज ले लो ताकि देश आगे बढ़े … लेकिन जिद कर रहे हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का किसान और मजदूर आने वाले दिनों में प्रधानमंमत्री को अपनी शक्ति दिखा देगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ पूरा हिंदुस्तान खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान का आंदोलन है बस किसान ने अंधेरे में दिया जलाया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी आंदोलनरत किसानों को तीन विकल्प देने की बात करते हैं और ये तीन विकल्प हैं ‘पहला भूख, दूसरा बेरोजगारी और तीसरा आत्महत्या’।” गांधी ने कहा कि खेती से देश में करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं। यह सिर्फ किसानों का नहीं, इसमें किसान हैं छोटे दुकानदार, मजदूर, व्यापारी, मंडी पल्लेदार व आढतिया व करोड़ों लोग हैं कृषि कार्य करते हैं। यह 40 लाख करोड़ रुपये का कारोबार है। यह दुनिया का सबसे बड़ा कारोबार है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस कारेाबार में और भारत के बाकी कारोबार में फर्क है। बाकी कारोबार में एक या दो उद्योगपतियों का नियंत्रण होता है। लेकिन यह एक व्यापार है जिसे करोड़ों लोग चलाते हैं और यह किसी एक का नहीं है। ये एक बिजनेस है जो भारत माता का बिजनेस है। पूरे देश का और इसमें हिंदुस्तान के 40 प्रतिशत लोगों का व्यापार है।” गांधी ने आरोप लगाया कि अगर केन्द्र के नए कृषि कानूनों को लागू किया गया तो इसका फायदा किसानों, मजदूरों, मध्यम वर्ग या उपभोक्ताओं को नहीं बल्कि दो तीन अरबपति उद्योगपतियों को होगा। उन्होंने कहा कि मोदी इस व्यापार को दो तीन लोगों के हाथ में देना चाहते हैं इसलिए ये कानून लाए गए हैं। उनके अनुसार कोरोना काल में जब सारे धंधे ठप हो गए कृषि ही ऐसा व्यापार था जो बंद नहीं हुआ। किसान ने हिंदुस्तान को बचाया। गांधी ने कहा कि जब उन्होंने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संसद में कुछ पल का मौन रखा तो ‘भाजपा एक सांसद एक मंत्री आधे मिनट के लिए खड़े नहीं हुए… जो शर्म की बात है। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण काल में बेहतर प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व राज्य सरकार को बधाई दी।

BREAKING : केंद्र ने रोका नवा रायपुर का फंड… बिफरे सीएम बघेल… कहा, भाजपा ने कमीशनखोरी के लिए… बनाया था प्रोजेक्ट

रायपुर। केंद्र सरकार ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के लिए स्वीकृत 216 करोड़ के जारी फंड को रोक दिया है। यह फंड नवा रायपुर को विकसित करने के लिए जारी किया गया था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने फंड रिलीज करने से इंकार कर दिया है। फंडिंग रोक जाने की खबर के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जमकर बिफर पड़े हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार को जहां आड़े हाथ लिया, वहीं भाजपा पर बड़ा आरोप भी मढ़ दिया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट कह दिया कि नवा रायपुर स्मार्ट सिटी भाजपा की कमीशनखोरी का प्रोजेक्ट था। जब प्रदेश में भाजपा की सत्ता थी, तब केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 216 करोड़ की राशि को स्वीकृत कर दिया था। अब, जबकि भाजपा सत्ताहीन हो चुकी है, तो स्मार्ट सिटी के लिए जारी धनराशि राज्य के खाते में डालने से केंद्र सरकार मुंह चुरा रही है।
सीएम बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार नवा रायपुर को माॅडल के तौर पर विकसित करना चाहती है। राज्य सरकार वहां बसाहट के लिए तैयार है और मुख्यमंत्री निवास से लेकर मंत्रियों, अधिकारियों सहित अन्य तरह के आवास बनाए जाने की कोशिश में है, पर केंद्र सरकार स्वीकृत धनराशि रोककर विकास योजना में बाधा खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह भाजपा शासन काल में प्रस्तावित योजना है। यदि योजना को गति नहीं दी गई, तो नवा रायपुर खंडहर में तब्दील हो जाएगा और अब तक खर्च किए हजारों करोड़ रुपए बर्बाद हो जाएंगे। सीएम बघेल ने कहा कि वे इसके लिए केंद्र सरकार से बात करेंगे, ताकि स्वीकृत फंड नवा रायपुर के खाता में डाला जा सके और विकास को गति दी जा सके।

भारत चीन सीमा विवाद को लेकर… रक्षा मंत्री ने दिया बड़ा बयान…

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में भारत और चीन के बीच तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि महीनों से जारी भारत चीन सीमा तनाव अब खत्म हो गया है। LAC के पास लद्दाख में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध समाप्त हो गया है। राजनाथ सिंह ने आज राज्यसभा में बताया है कि भारत-चीन के बीच LAC के पास पैंगोंग लेक विवाद पर समझौता हो गया है और अब यहां से दोनों ही देश की सेनाएं अपने सैनिकों को पीछे हटाएंगी।
भारत-चीन सीमा विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया। राज्यसभा में राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा जमा रखा है लेकिन हम अपनी एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ेंगे। रक्षा मंत्री ने बताया कि चीन से आग्रह किया गया है कि ‘एलएसी’ को माना जाए। ‘एलएसी’ पर मौजूदा परिस्थिति को बदलने का प्रयास ना हो। दोनों पक्ष आपसी सहमति का पालन करें।
राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा कि सितंबर 2020 से ही भारत और चीन की सेनाओं और राजनैतिक स्तर पर बातचीत हो रही है। उन्होंने बताया कि पैंगोंग झील(Pengong Lake) से दक्षिण और उत्तर में समझौता हो गया है। उन्होनें बताया कि दोनों पक्ष अपनी सेनाएं हटाएंगे। चीन फिंगर 8 पर रहेगा और भारत फिंगर 3 पर।
राजनाथ सिंह ने बताया कि सीमा पर अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोलिंग अभी नहीं होगी। समझौता होने के बाद पेट्रोलिंग फिर से शुरू होगी। कुछ मुद्दे अभी भी बाकी हैं जिन पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि चीन ने पिछले साल एलएसी के आसपास प्रवेश करने का प्रयास किया था हमने कार्रवाई की। गोला बारूद भी पिछले साल इकठ्ठा किया था। चीन लद्दाख के इलाके में अनाधिकृत तरीके से 1962 से कब्जा बना रहा है, पाकिस्तान ने भी चीन को हमारी जमीन दी है। चीन का अनाधिकृत तरीके से 43 हजार वर्ग किलोमीटर कब्जा है। इससे चीन और भारत के संबंधों पर असर पड़ा है. चीन ने गोल बारूद एलएसी पर इकठा कर लिया है।

राज्यसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि हम नियंत्रण रेखा पर शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत ने हमेशा द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर जोर दिया हैष हमारे सुरक्षा बलों ने साबित कर दिया है कि वे देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू आज लेंगे बैठक… इन मुद्दों पर होगी चर्चा…

रायपुर। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू आज गृह विभाग की बैठक लेंगे। बैठक नवा-रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय भवन में दोपहर 3 बजे होगी।
लंबित उप-निरीक्षक भर्ती, निरीक्षक से उप-पुलिस अधीक्षक पदोन्नति, राजनीतिक प्रकरण वापसी, चिटफंड, CID में लंबित मामले व अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा।

महापौर एजाज ढेबर के ट्वीट से तिलमिलाई पंगा गर्ल… कहा…

रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने बीजेपी और एक्ट्रेस कंगना रनौत पर ट्वीट कर निशाना साधा था।
अपने ट्वीट में ढेबर ने लिखा था कि-

भाजपा आईटी सेल हेड @KanganaTeam और सारे फर्जी देश भक्त (अंधभक्त) देश में जंग का माहौल बनाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हैं।
ये ऐसा लग रहा मानो @BJP4India
और @narendramodi
सरकार ने भारत के किसानों के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया है।
इस पर कंगना रनौत ने ट्वीटस कर पलटवार किया है, कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा कि ये कोई इटालियन सरकार नहीं है, ये राम राज्य है, श्रीराम ने समुद्र देवता से भी महीनों तपस्या करके रास्ता मांगा था,जब नहीं मिला तो फिर क्या हुआ..

POLITICS : कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल… कहा, राम के नाम पर लेते हैं चंदा… फिर जाम छलकाते हैं भाजपाई

कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के विवादित बयान के बाद अब भाजपा ने सिलसिलेवार भूरिया पर हमला बोला है। इस मामले पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि ’’यत पिंडे तत ब्रह्मांडे’’ जैसी शिक्षा मिली है, वैसा ही कहा जा रहा है, मिश्रा ने कहा कि भूरिया का जो बयान है वह आसुरी प्रवृत्ति का द्योतक है। उनके गुरु दिग्विजय सिंह जो है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि द्वापर युग से सतयुग तक हम देखते हैं कि जब जब कोई अच्छा काम होता था उसमें आसुरी शक्तियां व्यवधान डालती थी, आज भी कुछ वैसा ही है। इसीलिए श्री राम मंदिर के निर्माण संबंधी धन संग्रह में इस प्रकार के बयान दिए जा रहे हैं।

दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया ने अयोध्या में निर्माणाधीन रामलला के मंदिर निर्माण के लिए देशभर में जारी चंदा को लेकर बयान दिया। भूरिया ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बहाने भाजपा के लोग चंदा वसूली कर रहे हैं और उसी पैसे से जाम से जाम टकरा रहे हैं। भूरिया के इस बयान पर बीजेपी नेता और मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भूरिया का बयान शर्मनाक है, भूरिया और कांग्रेस राम के नाम को बदनाम कर रही हैं। भाजपा कार्यकर्ता चंदा वसूली नहीं कार सेवा कर रहे हैं। भूरिया का बयान उनका चरित्र बता रहा है।

वहीं मध्यप्रदेश के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने राम मंदिर धन संग्रह को लेकर कांतिलाल भूरिया के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भूरिया अपने राजनैतिक गुरु दिग्विजय सिंह से ही कुछ सीख लेते, मुस्लिम परस्त होते हुए भी दिग्विजय ने राम मंदिर के लिए चंदा दिया है। वहीं बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि उनके क्षेत्र में धर्मांतरण होता है तब क्यों सवाल खड़ा नहीं करते भूरियाजी? आदिवासियों को हिंदुओं से काटने का प्रयास होता है तब सवाल क्यों नहीं उठाते? जब अलगाववद की बात होती है तब जबान क्यों नहीं खुलती? किसके कहने पर षड्यंत्र का शिकार हो रहे हैं?

प्रकाशनार्थ : मोदी सरकार का सेल इंडिया बजट- कोको पाढ़ी

रायपुर/1 फरवरी 2021। केंद्रीय बजट को चंद कार्पोरेट्स को फायदा पहुंचाने वाला बताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पूर्णचन्द्र(कोको) पाढ़ी ने कहा है कि केंद्रीय बजट मोदी सरकार का सेल इंडिया बजट है जो केवल और केवल मोदी जी के चंद कार्पोरेट्स मित्रों को देश की संपदा दान करने के उद्देश्य से लाया गया है, कोको पाढ़ी ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार पूरी तरह से अपने कार्पोरेट्स मित्रों की गुलाम बन गई है जो देश नहीं बिकने दूंगा के झूठे स्वांग रचा कर पूरे देश को ही बेचने में जुट गई है और इस बजट में BPCL, कॉनकॉर, LIC जैसी कंपनियों के विनिवेश की बातें मोदी सरकार की मानसिकता को जाहिर करती है।
पाढ़ी ने आगे कहा कि देश की जीडीपी लगातार गिर रही है साथ ही कोरोना की वजह से लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं और मोदी सरकार की नीतियों की वजह से बेरोजगारों की तादाद में लगातार वृद्धि हो रही हर साल दो करोड़ रोजगार का वायदा कर सत्ता हासिल करने वाली मोदी सरकार का इस ओर भी कोई ध्यान न देना युवाओं के साथ एक बड़ा छलावा है इसके साथ ही कृषि और पेट्रोल डीजल पर बढ़ाया गया सेस इस बढ़ती महंगाई की मार झेल रही आम जनता के जख्मों पर नमक रगड़ने जैसा है।

अमित द्विवेदी,
प्रदेश समन्वयक मीडिया,
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस।

आम बजट पर रमन सिंह का बड़ा बयान : देश की अर्थव्यवस्था में नया रफ़्तार देखने को मिलेगा… रोज़गार के अवसर मिलेंगे… साथ ही कहि ये बातें 

रायपुर। कोरोना काल में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीसरा आम बजट पेश किया, जिसपर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यंमंत्री रमन सिंह ने कहा कि नया बजट और इसकी मूल भावना आत्मनिर्भर भारत बनाने का एक प्रयास है, उन्होंने कहा अर्थव्यवस्था शून्य होने के बाद का बजट है हालांकि इस बार की बजट में कोई टैक्स नहीं लगाया गया है, जो सबके लिए बेहतर है। ये बजट किसानों की आमदनी दुगनी और स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने वाली बजट है ,पूंजीगत व्यय में 34 .5 % की वृद्धि में किया गया है।

इस बजट से रोजगार को नए अवसर मिलेंगे ,विदेशी निवेश बढ़ेगा और जो आज की स्थिति है उसे एक नया रफ़्तार देखने को मिलेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान और जल मिशन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से अधिक व्यवस्था स्वास्थ्य सेक्टर में 2,38000 लाख करोड़ की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के लिए खर्च किया गया ,वहीं उज्ज्वला योजना में एक करोड़ का प्रावधान रखा गया और किसानों को 1 हज़ार और मंडी बनाने का आदेश दिया गया है।

BIG NEWS : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में… पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप तय… 27 फरवरी से शुरू होगी… कोर्ट की कार्रवाई

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चैटाला के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने शनिवार को आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अगली तारीख 27 फरवरी तय की है। अदालत ने अभियोजन पक्ष को कहा है कि अगली तारीख से गवाहों के बयान दर्ज कराने शुरू किए जाएं। इसके लिए गवाहों को समन जारी कर दिए जाएं।
तीस हजारी अदालत ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चैटाला के खिलाफ आरोप तय करते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य व गवाह पेश किए हैं। अदालत ने आगे कहा कि प्रथमदृष्टया आरोपी चैटाला के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उपयुक्त साक्ष्य रिकॉर्ड पर मौजूद हैं, इसलिए अदालत इस मामले में चैटाला के खिलाफ मुकदमा चलाने को हरी झंडी देती है।

साथ ही अभियोजन पक्ष को कहा गया है कि वह भी गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए अगली तारीख के लिए समन जारी कराने की प्रक्रिया को पूरा करे। पेश मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अप्रैल 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ओम प्रकाश चैटाला के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्याकाल में बेहिसाब बेनामी संपत्ति जोड़ी। इस संपत्ति में से बड़ी मात्रा में नकदी चैटाला व उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खाते में जमा कराए गए, जबकि इसी संपत्ति से बहुत सारी अचल संपत्ति भी खरीदी गई व उन पर निर्माण कार्य कराया गया।

ईडी ने धन का हिसाब आरोप पत्र में दिया

ईडी की तरफ से अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में कहा कि ओम प्रकाश चैटाला 24 मई 1993 से 5 मई 2006 के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। इस बीच अपनी वास्तविक आय से छह करोड़ 9 लाख 79 हजार 26 रुपये से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की, जिसका हिसाब भी वह जांच एजेंसी के समक्ष नहीं दे पाए। ज्ञात रहे कि ओम प्रकाश चैटाला इस समय वर्ष 2000 में 3206 शिक्षकों की भर्ती घोटाला में सजायाफ्ता है।