पीरियड के दौरान एक्सरसाइज करना सही या गलत …पढ़िए पूरी खबर

नई दिल्ली। महिलाओं के लिए पीरियड के पहले तीन दिन काफी परेशानी से गुजरते हैं। पीरियड के दौरान महिलाओं को थकान, पेट दर्द, मूड स्विंग जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन दिनों बॉडी में इतनी कमजोरी रहती है कि कई बार तो बिस्तर से उठना भी मुश्किल लगता है। इन दिनों महिलाओं के दिमाग में एक ही सवाल रहता है कि पीरियड के दौरान एक्सरसाइज करना ठीक रहेगा या नहीं। फिटनेस फ्रीक लेडीज़ अपनी फिटनेस को लेकर ज्यादा चिंतित रहती है वो एक दिन भी बिना वर्कआउट किए रहना पसंद नहीं करती। ऐसी महिलाएं पीरियड के दौरान वर्कआउट करने को लेकर असमंजस में रहती हैं। अगर आप भी इसी कश्मकश से जूझ रही हैं तो हम आपको बताते हैं कि पीरियड के दौरान एक्सरसाइज करना कितना सही है।

पीरियड्स में एक्सरसाइज करना कितना सुरक्षित?

पीरियड्स के दौरान अक्सर महिलाएं आराम ही करती हैं। जितना आराम करेंगी उतनी ही बॉडी ठीक रहेगी। एक्सरसाइज करना या न करना पूरी तरह से आपके शरीर और आपकी विल पॉवर पर निर्भर करता है। लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक पीरियड्स के दौरान थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करना न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि ऐसा देखा गया है कि इसके कारण प्री मेंस्टुएशन सिंड्रोम के लक्षण कम हो जाते हैं। इतना ही नहीं पीरियड के दौरान एक्सरसाइज करने से महिलाओं को पेट दर्द से भी राहत मिलती है।

एक्सरसाइज के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:

पीरियड्स के दौरान लाइट एक्सरसाइज करने से बॉडी में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। एक्सरसाइज के दौरान महिलाएं ध्यान रखें कि हैवी वेट वाली चीजें नहीं उठाएं। जब आप एक्सरसाइज करते हैं तो आपका शरीर एंड्रोफिन नामक हार्मोन स्त्रावित करता है जो तनाव, मरोड़, सिरदर्द और मासिक धर्म के कारण होने वाले दर्द से राहत पहुंचाने में मददगार साबित होता है।

महिलाए इस दौरान कौन सी एक्सरसाइज कर सकती है?

डांस करना पूरी तरह से सुरक्षित है। कई अध्ययनों में ये बात सामने आ चुकी है कि पीरियड्स के दौरान टहलने से महिलाओं की बॉडी को काफी फायदा मिलता है। इस दौरान एक्सरसाइज करने से मसल्स रिलेक्स होते हैं और दर्द से आराम मिलता है। डांस करना अच्छी एक्सरसाइज है इसके अलावा डांस करने से मन खुश होता है और लाइट एक्सरसाइज के अंतर्गत स्ट्रेचिंग, टहलना, एरोबिक्स करना, योग करना और तनाव दूर होता है। वहीं स्ट्रेचिंग करने से बॉडी रिलैक्स होती है। याद रखें कि आप इस दौरान एक्सरसाइज तभी करें जब आपका मन और बॉडी एक्सरसाइज करने में सक्षम हो।

घोड़ी का दूध लोगों में खासा लोकप्रिय, इस वजह से है रामबाण, कीमत जान कर चौक जाएंगे

नई दिल्ली। आमतौर पर गाय के दूध को सबसे अच्छा और पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है लेकिन ब्रिटेन में एक नए किस्म के दूध की मांग बढ़ती जा रही है. यहां घोड़ी का दूध लोगों में खासा लोकप्रिय हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि घोड़ी के दूध में बहुत सारे विटामिन हैं जिससे कई तरह की बीमारियां ठीक हो रहीं हैं.

‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, UK में फ्रैंक शेलार्ड नाम के इकलौते ऐसे दूध विक्रेता हैं जो घोड़ी का दूध बेचने का काम करते हैं. फ्रैंक का दावा है कि उनके घोड़ी का दूध विटामिन से भरपूर है जो नाश्ते, चाय और कॉफी के लिए सबसे अच्छा और सेहतमंद विकल्प है. फ्रैंक लोगों की इस मानसिकता को बदलना चाहते हैं कि घोड़ी का दूध अच्छा नहीं होता है.

फ्रैंक ने ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ को बताया, ‘लोग गाय का दूध इस वजह से खुशी-खुशी पीते हैं क्योंकि इसकी मार्केटिंग बहुत अच्छे तरीके से की जाती है. हालांकि अब लोग बकरी का दूध, सोया, ओट्स और बादाम का दूध भी पी रहे हैं. लोग हमेशा सेहतमंद चीजों का विकल्प ढूंढते रहते हैं.’

62 साल के फ्रैंक और उनका परिवार पिछले दो दशकों से घोड़ी से दूध निकालने के तरीके पर शोध कर रहा है. फ्रैंक के परिवार का पूरे UK में दूध बेचने का अच्छा बिजनेस है. फ्रैंक कई नस्लों की घोड़ी की देखरेख करते हैं.

फ्रैंक ने पिछले साल ही कॉम्बे हे नस्ल की घोड़ी के दूध का अपना एक ब्रांड जारी किया था. फ्रैंक ने कहा, ‘मैं घोड़ी की एक दुर्लभ नस्ल का उपयोग करना चाहता था जो खेती और पर्यावरण को बेहतर बनाए. बहुत शोध के बाद मैंने ऑर्गेनिक फार्म बनाया जहां घोड़ी का दूध निकाला जाता है.’

ब्रिटेन में 250ml के इस दूध की एक बॉटल 6.50 पाउंड (656 रुपए) में बेची जाती है. इस दूध में फैट बहुत कम (0.7 फीसद) और विटामिन C और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. इसमें पाया जाने वाला लैक्टोज और प्रोटीन केसीन, ब्रेस्ट मिल्क के बराबर पौष्टिक होता है.

स्टडीज का दावा है कि घोड़ी का दूध एक्जिमा की बीमारी को ठीक करता है और इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है. कजाकिस्तान के नजरबायेव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि घोड़ी का दूध कैंसर के खतरे को भी कम करता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि इसमें लाइसोजाइम और लैक्टोफेरिन होता है जिसमें बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के गुण होते हैं. ये आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है.

घोड़ी के दूध को 63 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट के लिए गर्म करके बाद पाश्चराइज्ड किया जाता है और फिर 22 डिग्री सेल्सियस पर जमाकर ग्राहकों को भेजा जाता है. फ्रैंक ने कहा, ‘दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और हमें मदर नेचर और इकोलॉजी के साथ काम करने की जरूरत है. घोड़ी के दूध का व्यवसाय बिल्कुल ऑर्गेनिक है और ये बहुत आगे तक जाएगा.’

फ्रैंक ने कहा, ‘हम घोड़ी के दूध से एक अनोखी ऑर्गेनिक हैंड और बॉडी लोशन बनाने पर भी विचार कर रहे हैं. ये इस साल जुलाई तक तैयार कर लिया जाएगा.’

फ्रैंक एक दिन में एक लीटर घोड़ी का दूध पीते हैं. उनका कहना है कि जबसे उन्होंने ये दूध पीना शुरू किया है उनके पाचन प्रणाली में सुधार हुआ है. इतना ही नहीं, इसे पीने से उनकी बेटी और पोती की एक्जिमा की बीमारी भी ठीक हो गई है.

जीरा करेगा आपके मोटापे को कम, जानिये कैसे ?

आज में आपको पेट की चर्बी ख़त्म करने की लिए एक ऐसी चीज बताऊंगा जो आसानी से आपके पास उपलब्ध है इसके रिजल्ट देखकर आप दांग रह जायेंगे यह नुस्खा बहुत ही चमत्कारिक नुस्खा है इसका प्रभाव गजब का है अगर आपको बताएं उस हिसाब से आपने रोजाना इस नुस्खे को अपना लिया तो देखते ही देखते आपके पेट की चर्बी काम हो जाएगी और आप अपने आप को फिट और तरोताजा महसूस करोगे आज में आपको यह घरेलू नुस्खा बनाना बताऊंगा।

यह उपाय आपको शाम को करना है इसमें हम सबसे पहले एक कटोरी में जीरा लेंगे जीरा पेट की चर्बी ख़त्म करने में बहुत कारगर है। अब जीरे को एक पानी से भरे गिलास में डाल देंगे तथा अच्छी प्रकार से जीरे को पानी में मिला देंगे और सुबह तक के लिए रख देंगे सुबह आप देखोगे की जीरा फूलकर सॉफ्ट हो गया है। अब इस जीरे के पानी जीरे को छान कर अलग कर ले और जीरे को अच्छी प्रकार से मेश करके एक दूसरे बर्तन में जीरे के पानी के साथ वापस डाल कर अच्छी तरह से गर्म करना है।
जब अच्छी तरह से गर्म हो जाये उसे छान ले और दोस्तों सुबह खाली पेट इस मिश्रण को हम जैसे प्रकार से चाय का सेवन करते है उसी प्रकार से गरमागरम इस पानी का आपको सेवन करना करना 10-15 दिनों बाद आपका 5-6 किलो तक वजन काम हो जायेगा।

HEALTH: विटामिन डी 3 की कमी से होती हैं ये समस्याएं… जानें समाधान और संपूर्ण जानकारी…

स्वस्थ रहने के लिए शरीर को कई तरह के विटामिन्स की ज़रुरत होती है. इनमें सबसे ज़रूरी है विटामिन डी 3. क्योंकि ये अन्य विटामिनों के विपरीत, एक हार्मोन की तरह काम करता है. ये कैल्शियम जैसे तमाम पोषक तत्वों को किडनी द्वारा अवशोषित करने में ख़ास भूमिका निभाता है. विटामिन डी 3 का सीधा असर हमारी हड्डियों और मांसपेशियों के साथ, शरीर की सभी प्रणालियों पर पड़ता है. इसकी कमी, शरीर में कई तरह की बीमारियों के बनने की वजह बनती है. ख़ासकर हड्डियों में दर्द और टूटने की बड़ी वजह विटामिन डी 3 की कमी होती है. इसके अलावा भी कई और दिक्कतें शरीर में हो सकती हैं.

इसके बावजूद विटामिन डी 3 की कमी, लोगों में होना आम बात होती जा रही है, क्योंकि लोग इसको अनदेखा कर देते हैं. इसी वजह से दुनिया भर में लगभग 1 बिलियन लोगों में विटामिन डी का लेवल कम है. ‘हेल्थलाइन डॉट कॉम, में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, वर्ष 2011 में हुई एक स्टडी में ये सामने आया कि अमेरिका में 41.6% वयस्कों में विटामिन डी की कमी है. तो वहीं हिस्पैनिक्स में 69.2% और अफ्रीकी-अमेरिकियों में 82.1% लोगों में इसकी कमी पाई गयी’.

हालांकि, विडामिन डी 3 की कमी को, सूरज की रोशनी के ज़रिये, काफी हद तक पूरा किया जा सकता है लेकिन एसी और ब्लोवर के दौर में ऐसा होना संभव नहीं है. इसलिए विटामिन डी 3 की कमी को पूरा करने के लिए कुछ ख़ास चीज़ों को अपनी डाइट में शामिल करने की ज़रूरत है. आइये, जानते हैं, कि विटामिन डी 3 की कमी से शरीर में क्या दिक्कतें हो सकती हैं और इसके लक्षण क्या हैं. ये भी जानते हैं, कि इसकी कमी को पूरा करने के लिए किन चीज़ों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.

अक्सर बीमार या संक्रमित होना

जल्दी थकान हो जाना

विटामिन डी 3 की कमी से होने वाली दिक्कतें और इसके लक्षण

हड्डियों और पीठ में दर्द होना

ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के टूटने की) बीमारी हो जाना

मांसपेशियों में दर्द होना

पीरियड्स का अनियमित होना

मूड स्विंग्स होना

इनफर्टिलिटी का बढ़ना

डिप्रेशन होना

बालों का झड़ना

चोट या घाव का जल्दी ठीक न होना

शरीर में विटामिन डी 3 की कमी के ये हो सकते हैं कारण

त्वचा का काला होना

बुजुर्ग होने के नाते

अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना

ज्यादा मछली या डेयरी प्रोडक्ट्स न खाना

ऐसी ठंडी जगहों पर रहना जहाँ सूरज कम रहता है

बाहर जाते समय हमेशा सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना

ज्यादातर घर के अंदर ही रहना

इनके ज़रिये कर सकते हैं विटामिन डी 3 की कमी पूरी

सूरज की रोशनी यानी धूप में बैठें

फैटी फिश का सेवन करें

टूना मछली खाएं

मशरूम का सेवन करें

पाश्चराइज्ड दूध रोज़ पिएं

संतरे के रस का सेवन करें

अंडे की जर्दी का सेवन करें

साबुत अनाज खाएं

कॉड लिवर तेल (कैप्सूल ) अपनाएं

अल्ट्रा वायलेट लैंप और बल्ब का इस्तेमाल करें

बोस्टन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के मेडिसिन, सोशियोलॉजी और बायोफिजिक्स के एमडी, माइकल एफ होलिक के अनुसार, वो लोग अल्ट्रा वायलेट लैंप और बल्ब का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनमें विटामिन डी की कमी बहुत ज्यादा हो. इसमें वे लोग शामिल हैं जो विटामिन को अवशोषित नहीं कर पाते हैं. या जिनको सर्दियों के मौसम में भी धूप नहीं मिलती है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं.

CG24X7NEWS इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

पुरुष इस समय चबा लें दो लौंग, मिलेंगे चौंकाने वाले फायदे!

सेहत : आज हम आपके लिए लेकर आए हैं लौंग के फायदे। लौंग कई तरह की बीमारियों से बचाती है। खासकर पुरुषों के लिए लौंग का सेवन चमत्कारिक फायदे दे सकता है। बहुत से लोग लौंग खाना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आपकी उर्जा को बढ़ाती है और साथ ही इससे आपका स्टैमिना भी बढ़ सकता है। आज हम आपको लौंग खाने का समय और उससे होने वाले चमत्कारिक फायदों के बारे में बता रहे हैं….
लौंग में क्या होता है
लौंग में विटामिन के साथ अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं। इसमें जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा लौंग में प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम और सोडियम एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
लौंग के फायदे
इम्युनिटी बढ़ती है
लौंग शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार है। इसमें विटामिन सी और कुछ एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। यह आपके शरीर को किसी भी संक्रमण या बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
दांतों के दर्द से राहत
अगर आपके दांतों में दर्द है तो लौंग का सेवन करें, इससे राहत मिलेगी। लौंग में संवेदनाहारी गुण होते हैं, जो कुछ समय के लिए असुविधा को रोकते हैं। इसके अलावा, अगर आप अपने दांत का इलाज करवा चुके हैं तो लौंग का सेवन दर्द को शांत करने में भी मदद कर सकता है।
पाचन में सुधार करती है
अगर आपको पाचन संबंधी किसी भी तरह की समस्या है तो आपको लौंग का सेवन जरूर करना चाहिए। लौंग पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ाती है, जो कब्ज और अपच जैसे पाचन संबंधी विकारों को रोकती है। लौंग फाइबर से भरा होता है जो आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
हड्डियों को मजबूत बनाती है लौंग
लौंग हड्डियों को मजबूत बनाती है। उसमें फ्लेवोनॉयड्स, मैंगनीज और यूजेनॉल होते हैं, जो हड्डी और संयुक्त स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। लौंग का सेवन हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करता है।
लौंग के अन्य फायदे
लौंग का सेवन करने से भूख बढ़ती है।
लौंग पेट के कीड़ों को खत्म करती है।
लौंग चेतना शक्ति को नॉर्मल रखती है।
लौंक का सेवन करने से शरीर की दुर्गंध दूर हो जाती है।
लौंग का सेवन करने से मूत्र मार्ग ठीक रहता।

छोड़ देंगे गर्म चाय पीना ये खबर पढ़कर

गर्म चाय की प्याली हो कोई उसे पिलाने वाली हो…ये गाना तो आपने कई बार सुना होगा। क्या आपको भी गर्म चाय पीने का शौक है? क्या आप भी ठंडी चाय पीने से कतराते हैं? अगर आपका जवाब हां हैं तो ये खबर आपके लिये बुरी है।एक रिसर्च में सामने आया है कि बहुत गर्म चाय के साथ शराब का अत्याधिक सेवन, गले की नली के कैंसर को बढ़ावा देता है। रिसर्च में कहा गया कि इससे कैंसर का खतरा तकरीबन 5 गुना बढ़ जाता है।

गले का कैंसर

गले की नली का कैंसर बहुत ही घातक होता है और इसमें जान बचने का प्रतिशत काफी कम होता है। गले की नली का कैंसर, भारत में कैंसर से होने वाली मौतों का चौथा सबसे बड़ा कारण है।

हड्डियां हो जाती हैं कमजोर

चाय आपकी हड्डियों को कमजोर कर सकती है।

ऑसोफेगल कैंसर

बहुत ज्यादा गर्म चाय पीने से ऑसोफैगल कैंसर हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति बहुत गर्म चाय पीता है, तो उसे यह कैंसर होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।

क्या आप भी एक दिन में खाते हैं दो से अधिक अंडे, तो हो जाएँ सावधान

प्रोटीन के पावरहाउस माने जाने वाले अंडों को लोग हर मौसम में खाना बेहद पसंद करते हैं। ऐसा माना जाता है कि अंडे खाने से आपकी सेहत एकदम दुरूस्त रहती है। यह बात सच है लेकिन पूरी तरह नहीं। आपको शायद पता न हो लेकिन अगर आप प्रतिदिन अंडों का सेवन करते हैं तो आपको एक दिन में दो से ज्यादा अंडे नहीं खाने चाहिए। अन्यथा आपको फायदे के स्थान पर नुकसान उठाना पड सकता है। आईए जानते हैं जरूरत से ज्यादा अंडा खाने से होने वाले नुकसानों के बारे में-

अंडे में 185 एम जी कोलेस्टेरॉल होता है और आपके शरीर के लिये दिन में सिर्फ 300 एम जी कोलेस्टेरॉल की ज़रुरत होती है। अगर आप कोलेस्टेरॉल को ध्यान में रखते है तो 3 या 4 अंडे खाना शरीर के लिये सही नहीं है।

वहीं अंडे खाते समय मौसम को ध्यान में रखना भी बेहद आवश्यक होता है। मसलन, ठंड के मौसम में इनकी मात्रा बढाई जा सकती है लेकिन गर्मी के दिनों में सिर्फ 2 या 3 अंडे खाने चाहिए। दरअसल, अंडे खाने से आपके शरीर में गरमी बढ़ सकती है। और इस वजह से आपके पेट में दर्द हो सकता है।

यूं तो अंडों को किसी भी तरह खाया जा सकता है लेकिन इन्हें उबालकर खाना सेहत के लिये सर्वोत्तम माना जाता है और इस तरह आपको खाने में एक्स्ट्रा नमक और तेल मिलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

शराब पीने के बाद क्‍यों अंग्रेजी बोलने लगते हैं लोग? जानिए कारण 

डेस्क। शराब का सेवन करना पीना सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। अगर आप किसी दूसरी भाषा में बोलने की कोशिश करते हैं तो कई बार आपके साथ ऐसा हुआ होगा। सही शब्द आपको मुश्किल से मिलेंगे और उनका ठीक से उच्चारण करना भी चुनौती जैसा लगेगा। लेकिन अगर आप थोड़ी सी शराब पी लें तो उस दूसरी भाषा के शब्द अपने आप मुंह से धारा प्रवाह निकलेंगे।
ये शराब को लेकर कोई अंदाज़े की बात नहीं है बल्कि इसे लेकर एक अध्ययन आया है। साइंस मैगज़ीन ‘जर्नल ऑफ़ साइकोफ़ार्माकोलॉजी’ में छपे एक अध्ययन के मुताबिक थोड़ी सी शराब किसी दूसरी भाषा में बोलने में मदद करती है।

ये भी सही है कि शराब हमारी याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर असर डालती है और इस लिहाज से ये एक बाधा है। लेकिन दूसरी तरफ ये हमारी हिचकिचाहट भी दूर करती है, हमारा आत्म-विश्वास बढ़ाती है और सामाजिक व्यवहार में संकोच कम करती है।

जब हम किसी दूसरे शख्स से मिलते हैं और बात करते हैं तो इन सब बातों का असर हमारी भाषाई क्षमता पर पड़ता है। यह विचार अब तक बिना किसी वैज्ञानिक आधार के ही स्वीकार किया जाता था।

जानिए कैसे अमरबेल है हमारे शरीर के लिए लाभदायक

अमरबेल के कुछ फायदों के बारे में मैं बताने जा रहा हूं अमरबेल को अगर हम पीसकर उसका लेप हमारे बालों पर करते हैं। तो हमारे बालों को बहुत ही काला और घना कर देता है यह उपाय।

अगर हम अमरबेल का रस अपने घाव पर लगाते हैं तो हमारे घाव को भरने में बहुत ही कम टाइम लगता है क्योंकि अमरबेल हमारे घाव को भरने में बहुत ही सक्षम है। अमरबेल अक्सर दूसरे दरख्तों पर ही पाई जाती है अमरबेल जिस पेड़ पौधे पर पड़ जाती है उसे धीरे-धीरे सुखा देती है।

अंडा प्रेमियों के लिए बुरी खबर है…

जो वयस्क दिन में एक या दो अंडे खाते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा अधिक होता है।शोधकर्ताओं का कहना है कि मुख्य अपराधी कोलेस्ट्रॉल है, जो अंडे की जर्दी और शेलफिश, डेयरी उत्पादों और लाल मांस सहित अन्य खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।

अंडे अभी भी एक स्वस्थ आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन केवल अगर थोड़ी मात्रा में लिया जाता है, तो शोधकर्ताओं का कहना है।

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के फ़िनबर्ग स्कूल ऑफ़ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने पिछले छह अध्ययनों के परिणामों को पाया, जिसमें लगभग 30,000 अमेरिकी वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया था जो दैनिक भोजन का सेवन करते थे। प्रतिभागियों की औसत आयु 17 वर्ष थी।

शोधकर्ताओं ने विश्लेषण किया कि जो लोग एक दिन में 100 अंडे खाते हैं, या 300 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल खाते हैं, उनमें अंडे नहीं खाने वालों की तुलना में दिल की बीमारी का खतरा 17 प्रतिशत अधिक था।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कुछ लोग सोचते हैं कि चाहे कितने भी अंडे हों, कुछ नहीं होगा, लेकिन परिणाम बताते हैं कि संयम अधिक लाभदायक है।

Skin Benefits: स्किन की ड्राईनेस दूर करने के साथ ही चेहरे पर निखार लाता है फेशियल ऑयल, जानिए तरीका

ग्लोइंग स्किन पाने के लिए फेशियल ऑयल बेस्ट ऑपशन है। इसके इस्तेमाल से स्किन में निखार आता है, साथ ही स्किन की ड्राईनेस भी दूर होती है। फेशियल ऑयल हमारी स्किन की मरम्मत करता है। हमारी स्किन के पोर्स से नेचुरल ऑयल निकलता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ही स्किन में मौजूद नैचरल ऑयल कम होने लगता है। ऐसे में स्किन ड्राई होने लगती है। त्वचा की एक्स्ट्रा केयर के लिए साथ ही स्किन की ड्राईनेस दूर करने के लिए फेशियल ऑयल बेस्ट है। ये ऑयल स्किन पर दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाता है, साथ ही झुर्रियां भी दूर करता है। इतने उपयोगी इस तेल को लगाने का का खास तरीका जानना जरूरी है ताकि आपका चेहरा ग्लो करें। तो आइए जानते हैं फेशियल ऑयल कैसे लगाएं

मॉइश्चराइजर के साथ लगाएं ये ऑयल:

फेशियल ऑयल आपकी स्किन को मॉइश्चराइज कर उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है। इसे सीधे चेहरे पर इस्तेमाल करने के बजाय अपने नॉर्मल मॉइश्चराइज में कुछ बूंदें मिला कर इसका इस्तेमाल करें।

आंखों की झुर्रियां दूर करने के लिए:

उम्र बढ़ने का सबसे ज्यादा असर आंखों पर दिखता है। अगर आपके पास फेस ऑयल है तो आप इसे आई क्रीम के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आंखों के नीचे की झुर्रियां और ड्राईनेस धीरे-धीरे कम होने लगती है।

फेशियल ऑयल आपके मेकअप का बेस बनाने में अहम है। सर्दी के मौसम में आप फेस ऑयल को प्राइमर के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपका मेकअप बेस बेहद स्मूद नजर आता है।

हाईलाइटिंग लुक पाने के लिए:

अगर आप सेलेब्स का हाईलाइटिंग मेकअप लुक पाना चाहती हैं, तो इसके लिए आप फेस ऑयल में लिक्विड हाईलाइटर मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इसके बाद फाउंडेशन का बेस लगाएं। फिर देखिए कैसे आपकी स्किन शाइन करती है

चेहरे की मसाज करने के लिए:

अपनी स्किन की जरूरतों को देखते हुए आप अपने चेहरे के लिए फेशियल ऑयल का चुनाव करें। रात में सोने से पहले हाथों पर 4-5 बूंदे फेस ऑयल की लेकर चेहरे पर लगाकर सर्कुलर मोशन में मसाज करें। ऐसा करने से आपकी स्किन हमेशा जवां, निखरी-बेदाग और ग्लोइंग नजर आयेगी।

Myth Busted: मीठा खाने से नहीं होती है डायबिटीज, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के लिए मीठा जिम्मेदार क्यों? यहां जानें फैक्ट्स

Sugar And Diabetes: ज्यादा मीठा खाने को सीधा डायबिटीज से जोड़ा जाता है. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो तब होती है जब आपका ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level), जिसे रक्त शर्करा भी कहा जाता है, बहुत अधिक हो जाता है. ब्लड ग्लूकोज आपकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है और आपके द्वारा खाए गए भोजन से आता है. इंसुलिन, एक हार्मोन जो अग्न्याशय द्वारा बनाया जाता है, भोजन से ग्लूकोज को आपकी कोशिकाओं में ऊर्जा के लिए उपयोग करने में मदद करता है. हर कोई यही सोचता है कि मीठा आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकता है शुगर का सेवन न करने की सलाह दी जाती है, लेकिन वास्तव में सच क्या है? अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो क्या वास्तव में बहुत अधिक शुगर खाने से डायबिटीज हो सकता है? यह जानने के लिए यहां पढ़ें…

चीनी क्या है? | What Is Sugar

शुगर स्वाभाविक रूप से सब्जियों, फलों और डेयरी उत्पादों में पाई जाती है. इसका सेवन हमारे द्वारा तब किया जाता है जब हम इन्हें सीधे खाते हैं या जब इसे हमारे द्वारा भोजन या ड्रिंक में शामिल किया जाता है. जिस चीनी को हम अपनी चाय और ड्रिंक में मिलाते हैं उसे एडेड शुगर कहते हैं. एडेड शुगर में टेबल शुगर शामिल है, जिसका उपयोग हम चाय आदि बनाने करते हैं. कैस्टर शुगर (सुपरफाइन शुगर), जिसका उपयोग नाश्ता, केक और सॉस खाने बनाने के लिए किया जाता है.

डायबिटीज दो प्रकार की होती है – टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज. सरल शब्दों में दोनों के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए, टाइप 1 डायबिटीज में, इंसुलिन उत्पादक कोशिकाएं आपके प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट हो जाती हैं, जबकि टाइप 2 डायबिटीज में, आपका शरीर आपके अग्न्याशय द्वारा उत्पादित इंसुलिन का उपयोग करने में असमर्थ होता है. यह स्पष्ट है कि इनमें से कोई भी चीनी होने के कारण नहीं है.

टाइप 2 डायबिटीज | Type 2 Diabetes

हालांकि, टाइप 2 डायबिटीज को मोटापे से जोड़ा जा सकता है, जो गतिहीन जीवन शैली, जंक और अधिक खाने के कारण हो सकता है. इस प्रकार के डायबिटीज को अप्रत्यक्ष रूप से चीनी (जंक फूड और शर्करा युक्त पेय में मौजूद) से जोड़ा जा सकता है.

तो, जंक खाने से जिसमें शुगर से भरे पेय शामिल हैं, निश्चित रूप से आपको मोटापे से ग्रस्त करके टाइप 2 मधुमेह के खतरे को बढ़ाते हैं, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज बहुत अधिक जटिल है और इसके लिए चीनी एकमात्र कारण नहीं है.

क्या डायबिटीज से पीड़ित लोग चीनी खा सकते हैं? | Can People With Diabetes Eat Sugar?

अगर आपको डायबिटीज है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको चीनी पर पूरी तरह से कटौती करनी होगी. अगर आप इसे अपने स्वस्थ और संतुलित आहार में शामिल करते हैं तो यह समस्याजनक नहीं है. वास्तव में, कुछ लोगों के लिए, ग्लूकोज की गोलियां एक हाइपो का इलाज करने के लिए जरूरी हैं, अर्थात, जब आपके रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम हो जाता है, लेकिन बहुत अधिक शुगर से मोटापा हो सकता है, जिसके कारण कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं.

शुगर के हिडन सोर्स | Hidden Source Of Sugar

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि ज्यादातर चीनी जो आप खाते हैं, वे प्रोसेस्ड फूड से आती हैं. सोडा के एक कैन में लगभग 10 चम्मच चीनी होती है, जो कुल दैनिक अनुशंसित सेवन से अधिक है. केचप के एक चम्मच में लगभग एक चम्मच चीनी होती है. जमे हुए भोजन, अनाज बार, रस, जंक फूड और बीबीक्यू सॉस चीनी के कुछ अन्य छिपे हुए स्रोत हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

शराब प्रेमियों के लिए बड़ी खबर : Alcohol के साथ कभी न लें ये चीजें… नहीं तो आ सकता है Heart Attack… पढ़े पूरी खबर 

सेहत। शराब में सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलाकर पीने से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। इसलिए हो सके तो शराब पानी के साथ ही पिएं।कुछ लोगों को सोडा या कोल्ड ड्रिंक के साथ शराब पीने की आदत होती है। यह आदत आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है।

न खाएं दूध से बनी चीजें

कुछ लोग शराब के साथ पनीर खाते हैं। ऐसा गलती से भी नहीं करना चाहिए। शराब के साथ या उसके एक घंटे बाद तक दूध से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए। दूध से बनी चीजें खाने से डाइजेस्टिव एंजाइम्स को नुकसान पहुंचता है, जिससे हार्ट अटैक होने की आशंका बढ़ जाती है।

शराब के साथ न खाएं ऑयली चीजें

कभी भी शराब पीते समय या शराब पीने के बाद ऑयली चीजें नहीं खानी चाहिए। ऐसा करने से पेट में गैस और जलन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा शराब के साथ चिप्स भी नहीं खाने चाहिए। चिप्स खाने से बहुत प्यास लगती है, जिसकी वजह से लोग ज्यादा शराब पी लेते हैं।

शराब के साथ मीठा न खाएं

शराब पीते समय या उसके एक घंटे बाद तक मीठी चीज नहीं खानी चाहिए। शराब के साथ मीठा खाने से नशा दोगुना हो जाता है। इससे व्यक्ति अपनी सुध-बुध खो बैठता है। इसलिए शराब के साथ मीठा न खाएं।

काजू या मूंगफली न खाएं

ज्यादातर लोग शराब के साथ मूंगफली की गिरी और ड्राई काजू खाने के शौकीन होते हैं। ये दोनों चीजें शराब के साथ कभी नहीं खानी चाहिए। मूंगफली और ड्राई काजू में कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा में पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या आपको भी है दिल के दौरे का खतरा ? जाने अपने ब्लड ग्रुप के जरिये…

सेहत। O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में (A,B, AB) ब्लड ग्रुप वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका लगभग 9 फीसदी ज्यादा रहती है। शोध के निष्कर्षो से यह पता चलता है कि वॉन विलेब्रैण्ड फैक्टर की ज्यादा मात्रा की वजह से खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है। विलेब्रैण्ड फैक्टर एक रक्त का थक्का जमाने वाला प्रोटीन है, जो कि थ्रोम्बोटिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। A ब्लड ग्रुप वाले लोगों को ज्यादा कोलेस्ट्रॉल के लिए जाना जाता है, जो कि दिल के दौरे का मुख्य जोखिम कारक है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इसके अलावा, गैर ओ-ब्लड ग्रुप वाले लोगों में गैलेक्टिन-3 की उच्च मात्रा होती है। गैलेक्टिन-3 प्रोटीन सूजन और दिल के मरीजों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। नीदरलैंड के मेडिकल सेंटर ग्रोनिगन विश्वविद्यालय के छात्र व प्रमुख लेखक ने कहा, “शोध से पता चलता है कि गैर-ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों में दिल से जुड़े रोगों और दिल का दौरा पड़ने का खतरा लगभग 9 फीसदी ज्यादा होता है। इसमें खास तौर से मायोकार्डिल इंफ्रेक्शन शामिल है।”

इस शोध के लिए दल ने ओ और गैर-ओ ब्लड ग्रुप का एक मेटा विश्लेषण किया। इसमें मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन (हार्ट अटैक), कोरोनरी धमनी रोग, हार्ट फेल्योर, कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं और कार्डियोवैस्कुलर मृत्युदर का विश्लेषण किया गया। कोले ने सुझाव दिया, ब्लड ग्रुप को दिल के दौरे की रोकथाम, कोलेस्ट्रॉल, उम्र, लिंग और सिस्टोलिक रक्तचाप के खतरों के मूल्यांकन में शामिल अवश्य किया जाना चाहिए।

मात्र एक महीने में बढ़ेगा 10 किलो वजन, ऐसे करे केले का इस्तेमाल

आज की दुनियां में हर कोई पतलेपन और कमजोरी से परेशान है और यहाँ तक कि ऐसा है कि कोई ट्राय नही करता है ट्राय सब करते है। लेकिन सफल नही होते है और पहले जैसे ही दुबले पतले रह जाते है। दोस्तो आज हम आपको ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे है जिससे आप कम समय मे ही बहुत अधिक वजन ले सकते है।

केला

दोस्तो केला बहुत ही आम फल है और यहाँ तक कि कोई भी खरीद सकता है और आसानी से खा भी सकता है। दोस्तो केले से बहुत जल्दी वजन बढ़ जाता है। और केला खाने में भी स्वादिष्ट होता है।

कैसे खाये केला

1. दोस्तो सबसे पहले सुबह आधे लीटर दूध में 5 केले मिलाकर इसे अच्छी तरह मिला ले और इसतरह से मिला ले कि वो मिल्कशेक बन जाये। फिर इसे पी ले। इससे आपको पूरे दिन की एनर्जी मिल जाएगी।

2. जब आप दिन का खाना खाते हो तब आपको 2 केले ओर खाने होंगे इससे आपके शरीर में फैट बनेगा और आपको प्रोटीन भी बराबर मिलेगा।

3. शाम को थोड़ी एक्सरसाइज करनी होगी और फिर एक गिलास दूध में 2 केले मिलाकर खाने होंगे। दोस्तो ऐसा आपको 1 महीने तक रोजाना करना होगा इसके बाद आपको अपने मन मुताबिक बढ़ता वजन दिखेगा।

पुरुष अपना स्पर्म बेचकर कमा रहें हैं लाखो रुपये, कौन खरीद रहे है, जाने

वीर्य दान करने का व्यापार भारत के बडे बड़े शहरों में खूब चल रहा है. विज्ञान की भाषा में हम बोलें तो इसे स्पर्म डोनेशन यानि की वीर्य दान कहा जाता है.आज कल बहुत सारी जॉब्स दुनिया में की जाती है, लेकिन क्या आप जानते है की एक जॉब ऐसी भी है जहाँ आप अपने स्पर्म बेचकर बहुत अच्छे पैसे कमा सकते है,तो चलिए हम बताते है आपको इस अनोखी जॉब के बारे में.

आपको बता दे की, आपके द्वारा बेचे गए स्पर्म उन लोगो के बहुत काम आते है, जिनके पास बच्चे पैदा करनी की क्षमता कम हो गयी है, या फिर वो लोग जिनकी उम्र बहुत ज्यादा हो चुकी है, और वो बच्चा पैदा करना चाहते है।

आपने तो बॉलीवुड की विक्की स्पर्म डोनर फिल्म तो देखी होगी, लेकिन क्या आप जानते है की आप रियल लाइफ में भी अपना स्पर्म डोनेट कर के बहुत अच्छे पैसे कमा सकते है। आपको बता दे की स्पर्म को डोनेट करने से पहले आपके स्पर्म की कई जाँच की जाती है। और इस बात का पता लगया जाता है की आपका स्पर्म स्वस्थ है या नही और उसमे कितनी शुकाणु मौजूद है।

अगर आपका स्पर्म स्वस्थ पाया जाता है, तो आप इसे आसानी से बेच सकते है। आज ऐसे दुनिया भर में बहुत से हॉस्पिटल और कम्पनिया है जहा स्पर्म ख़रीदे जाते है। साथ ही आपकी जानकरियो को भी गुप्त रखा जाता है। स्पर्म बेचने से पहले इस बात का ध्यान दे की आपके शरीर में कोई रोग ना हो, और आप पूरी तरह से स्वस्थ हो।

प्रेग्नेंसी के दौरान प्लास्टिक की बोतल से पानी पीना हो सकता है हानिकारक

सेहत। प्रेग्नेंट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी हेल्थ का बहुत खास ध्यान रखना पड़ता है। हाल ही में एक स्टडी में सामने आया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना महिलाओं के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। स्टडी में बताया गया है कि ऐसा करने से बच्चों में मोटापा होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार बिसफेनोल ए हार्मोन से पेट में बच्चे के मोटापे बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इस रिसर्च में ये भी सामने आया है कि प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से गर्भवती महिलाओं में भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोंन भी बहुत हद तक प्रभावित हो सकते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं में भूख लगनी कम हो जाती है और इसकी वजह से बच्चे में मोटापे होने और इसके विकास पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

बता दें कि बिस्फेनोल ए (BPA) रसायन जिन प्लास्टिक के बर्तनों में पाया जाता है उन सभी उत्पादों पर चीन, फ्रांस और कनाडा में पूरी तरह प्रतिबंध है। ऐसे में सिर्फ वही प्लास्टिक के बर्तनों का प्रयोग करें जिस पर ‘बिस्फेनोल ए (BPA) फ्री’ लिखा होता है। वहीं कई रिसर्च में सामने आया है कि प्लास्टिक के बर्तनों में पाए जाने वाले इस रसायन के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं में एस्ट्रोजन बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाता है। यह बच्चे के विकास पर प्रभाव डालता है और महिलाओं को प्रजनन संबंधी बहुत साडी समस्याएं उत्पन्न करता है।

Abdominal Bloating: गैस से नहीं बल्कि इन पांच कारणों से भी फूलता हैं पेट, जानिए उपचार

पेट फूलना एक ऐसी समस्या है जिससे हम सभी कभी ना कभी परेशान जरूर रहते हैं। आमतौर पर पेट फूलने का कारण पेट में बनने वाली गैस होती है, जिसकी वजह से पेट का साइज बढ़ने लगता है। इस परेशानी को पेट की सूजन भी कहते हैं। ये परेशानी खाना-खाने के बाद तब होती है जब छोटी आंत के अन्दर गैस भर जाती है। इसका सीधा संकेत पाचन क्रिया में गड़बड़ी भी होती है। पेट फूलने के गैस के अलावा और भी कई गंभीर कारण हो सकते है जिन्हें नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। आइए जानते हैं किन चार कारणों की वजह से आपको पेट फूलने की समस्या हो सकती है।

हॉर्मोन्स में बदलाव: बॉडी में हॉर्मोनल में बदलाव का असर ना सिर्फ बॉडी पर पड़ता है बल्कि इसकी वजह से हमारा मूड और पाचनतंत्र भी प्रभावित होता है। खासतौर पर हमारे सोने-जागने और खाने-पीने का समय निश्चित नहीं होने पर हॉर्मोन्स की गड़बड़ी सबसे अधिक होती है। इस कारण भी बार-बार पेट फूलने की समस्या का सामना करना पड़ जाता है। अगर आप पेट फूलने की समस्या से परेशान हैं तो एक बार अपने हॉर्मोन्स का चेकअप जरूर कराएं।

ओवरी में कैंसर होना: कुछ लोगों को बार-बार पेट फूलने की समस्या ओवरी कैंसर के कारण भी होती है। ओवरी का कैंसर जब विकसित होता है जब पाचन पर बुरा असर पड़ता है। समस्या की बात यह है कि ओवरी कैंसर आमतौर पर बहुत देरी से डायग्नॉज होता है।

सीलिएक डिजीज: इस परेशानी की वजह से व्यक्ति के पेट में अक्सर दर्द की समस्या होती है। ऐसा इनसान हर समय थकान महसूस करता है। इस बीमारी से पीड़ित इंसान का वज़न तेजी से घटने लगता है।

ऑटोइम्यून डिसऑर्डर: ऑटोइम्यून डिसऑर्डर्स के कारण अपने शरीर की कोशिकाएं दूसरी स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। कुछ लोगों को गेहूं में पाए जाने वाले ग्लूटन से एलर्जी होती है। गेहूं, बार्ले और इनसे बने फूड्स जैसे पास्ता, मैगी, बन, ब्रेड खाने के बाद लोगों का पेट फूलने लगता है। आप भी इस परेशानी से जूझ रहें है तो सबसे पहले डॉक्टर्स से संपर्क करें।

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम: इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जिसे आईबीएस भी कहते हैं, ये एक ऐसी समस्या है जिसमें आपके पाचन तंत्र में कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन आपकी आंतों के गट बैक्टीरिया बहुत अधिक सेंसेटिव होते हैं जिसकी वजह से आपका पेट फूलने लगता है।

पेट फूलने की समस्या से बचने के घरेलू उपाय

  • पेट फूलने की समस्या है तो भोजन से पहले इसबगोल, सेब का सिरका और पानी को मिलाकर सेवन करें।
  • एक गिलास पानी में 1 चम्मच इसबगोल और 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर खाने से आधे घंटे पहले पीएं।
  • पेट फूलने की समस्या से बचने के लिए आप खाने के बाद 1/4 चम्मच अजवाइन का हल्के गुनगुने पानी से सेवन करें।
  • खाना खाने के तुरंत बाद हरे पुदीने के 4 से 5 पत्ते लेकर इन्हें एक चुटकी काला नमक के साथ चबाकर खा लें। आप चाहें तो गर्म पानी का भी सेवन कर सकते हैं।
  • खाना खाने के कुछ देर बाद हरी इलायची खाने से फायदा होगा। आप हरी इलायची को मुंह में रखकर टॉफी की तरह चूसकर खाएं।

ये दाल बनी औरतों के लिए वरदान… जानें कैसे करना है इस्तेमाल…

आजकल के समय में ज्यादातर सभी अपने चेहरे की त्वचा को निखारने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं। वैसे देखा जाए तो चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने के लिए बाजार में बहुत से प्रोडक्ट उपलब्ध हैं, परंतु यह प्रोडक्ट हमारी त्वचा के लिए हानिकारक साबित होते हैं क्योंकि इनमें केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा आपकी रसोई में रखी हुई बहुत सी चीजें ऐसी हैं, जिनका अगर आप इस्तेमाल करतीं हैं तो इससे आपकी आपके चेहरे की त्वचा में निखार आ सकता है। रसोई में रखी हुई इन चीजों के इस्तेमाल से छोटी-छोटी कमियों को दूर किया जा सकता है।

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं बदलते मौसम की वजह से हमारी त्वचा पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने की बजाय आप अपने किचन में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों की सहायता से चेहरे की त्वचा पर निखार बढ़ा सकतीं हैं। अगर धूप में होने वाली टैनिंग से आप परेशान हो गई हैं और त्वचा का रंग सांवला हो गया है तो एक बार रसोई में रखी हुई मसूर की दाल का इस्तेमाल जरूर करें। मसूर की दाल स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है इसके अलावा मसूर की दाल से बना हुआ फेस पैक त्वचा की रंगत निखारने में भी मदद करता है। अगर आप इसका इस्तेमाल करती हैं तो समय से पहले चेहरे पर दिखने वाली झुर्रियां कम होंगीं।

बेस्ट एंटी एजिंग का काम करती है मसूर की दाल :

अगर आप अपनी रसोई में रखी हुई मसूर की दाल के फेस पैक का इस्तेमाल करती हैं तो यह चेहरे के लिए बेस्ट एंटी एजिंग का काम करती है। अगर आप इसका इस्तेमाल सीधा चेहरे पर करती हैं तो यह सेल्स और टिशु डैमेज की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इतना ही नहीं बल्कि मसूर की दाल से बना हुआ फेस पैक फ्री रेडिकल्स को भी खत्म करता है।

दाल का पाउडर और अंडा :

मसूर की दाल का पाउडर बनाने के लिए सबसे पहले आप दाल को पीसकर बारीक पाउडर तैयार कर लीजिए। आप चाहे तो इसको एयरटाइट कंटेनर में भर कर रख सकती हैं और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। दो चम्मच मसूर दाल के पाउडर में एक अंडे की सफेदी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लीजिए। इसमें दो बूंद नींबू का रस और एक बड़ा चम्मच कच्चा दूध मिलाकर रोज अपने चेहरे पर लगाएं। चेहरे पर कुछ समय के लिए इसको सूखने तक छोड़ दीजिए। उसके बाद ठंडे पानी से अपने चेहरे को धो लीजिए। अगर आप इसका इस्तेमाल करती हैं तो बहुत जल्द आपके चेहरे पर निखार दिखने लगेगा।

दाल, हल्दी और शहद :

मसूर दाल के पिसे हुए पाउडर में आप शहद और हल्दी पाउडर मिलाकर इसका स्क्रब तैयार कर लीजिए। आप इसमें थोड़ा पानी मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से डेड स्किन सेल्स खत्म हो जाते हैं और त्वचा में निखार आती है।

दाल और दूध का फेस पैक :

रात भर के लिए मसूर की दाल को कच्चे दूध में भिगोकर रख दीजिए और सुबह उठकर इसको पीस लीजिए। अब इस पेस्ट को आप अपने चेहरे पर लगाएं। आपको बता दें कि इस पेस्ट का इस्तेमाल करने से गाढ़ी रंगत को हल्का किया जा सकता है। चेहरे पर निखार पाने का यह अचूक घरेलू नुस्खा माना जाता है।

कितना खतरनाक है बर्ड फ्लू, अंडा-चिकन खाएं या नहीं, जानें हर सवाल का जवाब

कोरोना (Corona) के विरुद्ध अभी युद्ध खत्म भी नहीं हुआ कि बर्ड फ्लू (Bird Flu) देश में अपने पंख फैला रहा है. कुछ दिनों पहले देश के अलग-अलग राज्यों से पक्षियों के मरने की खबरें आनी शुरू हुईं, जो अब करीब 7 राज्यों तक फैल गई हैं.
आज हम आपको 3 ज़रूरी बातें बताएंगे. सबसे पहले जानेंगे कि बर्ड फ्लू से आपको खतरा है या नहीं. दूसरी बात- क्या आपको अपने खान-पान में कोई बदलाव लाने की जरूरत है, यानी क्या आपको अंडा या चिकन खाना छोड़ देना चाहिए. और तीसरी बात- बर्ड फ्लू का हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा ? इसके अलावा हम आज आपको बर्ड फ्लू से जुड़े आपके मन में आ रहे तमाम सवालों के जवाब देंगे.
फिलहाल राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि कर दी गई है. जबकि पंजाब, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्य हाई अलर्ट पर हैं. मुर्गियों के अलावा कौवे, बतख, बगुले और मोर जैसे पक्षियों की भी मौत हो रही है. राजस्थान के कुछ इलाकों में तो धारा 144 भी लगानी पड़ी है.
आप सभी को ये जनना ज़रूरी है की बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन की तरह है जो ना सिर्फ पक्षियों को संक्रमित करता है. बल्कि दूसरे जानवरों या इंसानों को भी अपनी चपेट में ले सकता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की आप पैनिक में आ जाए. हाँ सावधानी बहुत जरूरी है. आपके मन में बर्ड फ्लू को लेकर कई सवाल आ रहे होंगे. ऐसे कई सवालो के जवाब हमने आपके लिए रिसर्च कर तैयार किये है.
पहला सवाल, जो आज कई लोगों ने हमसे पूछा. क्या अंडा खाने से बर्ड फ्लू हो जाएगा? इसका जवाब है, नहीं. लेकिन Experts की राय है कि अंडा हो या मीट आपको ये चीजें अच्छी तरह से उबाल कर खानी चाहिए.
दूसरा सवाल, आखिर ये वायरस पक्षियों से इंसान में कैसे चला जाता है? दरअसल, बर्ड फ्लू पालतू मुर्गियों में आसानी से फैल जाता है. ऐसे पक्षी के मुंह, नाक या आंखों को अगर कोई इंसान छूता है, तो उसे भी बर्ड फ्लू हो सकता है.
तीसरा सवाल, क्या पक्षियों से इंसान में इस वायरस के ट्रांसफर होने का कोई उदाहरण है? इसका जवाब है हाँ, बिल्कुल है. पहला ऐसा मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था. माना जाता है कि उस आदमी में पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों से ये वायरस आया था.
चौथा सवाल बर्ड फ्लू के लक्षण क्या होते हैं? जवाब है कफ, डायरिया, बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश के अलावा सांस से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. लेकिन आपको फिर एक बार बता दें. ये खतरा उन्हीं लोगों को है, जो संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में हैं.

बर्ड फ्लू से होगा अर्थव्यवस्था पर नुकसान

अब आप ये समझिए कि बर्ड फ्लू से आपकी और देश की अर्थव्यवस्था को कितना बड़ा नुकसान हो सकता है. हमारे देश में करीब 10 करोड़ लोग मुर्गी पालन से जुड़े हुए हैं. जिनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश तक कई राज्यों के लोग शामिल हैं. पोल्ट्री फार्म हर रोज करीब 25 करोड़ अंडों का उत्पादन करते हैं. देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP में इन पोल्ट्री फॉर्म का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होता है.
ध्यान देने की बात ये है कि साल 2004 में भी बर्ड फ्लू आया था और उस वक्त भारत के पोल्ट्री फॉर्म को करीब 800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. तब उत्तर भारत में चिकन और अंडों की बिक्री में 40 प्रतिशत तक गिरावट आ गई थी.
सोचिये अगर बर्ड फ्लू लंबा चला तो इस बार भी दिक्कत हो सकती है और ध्यान रहे कि कोरोना की वजह से पोल्ट्री उद्योग को पहले ही भारी नुकसान हो चुका है. आपको याद होगा कि कोरोना वायरस के आते ही अंडों और चिकन को लेकर भी कई तरह की अफवाह फैल गई थी, जिसका असर पोल्ट्री उद्योग पर भी पड़ा था.

पिछले साल हुआ 22 करोड़ का घाटा

देश में पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच पोल्ट्री इंडस्ट्री को 22 हजार 500 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा. मार्च के महीने में, यानी जिस समय हमारे देश में कोरोना की शुरुआत हुई, हर रोज 160 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. All India Poultry Breeders Association का कहना है कि उस दौरान हर सप्ताह करीब 1100 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.
पोल्ट्री उद्योग को इतना घाटा तब भी नहीं हुआ था, जब कोरोना के पहले 2004, 2006 या 2010 में बर्ड फ्लू आया था. आइए अब आपको दिखाएं कि इस बार देश भर में बर्ड फ्लू की तस्वीर क्या है.

किस राज्य में क्या हाल

सबसे पहले बात हिमाचल प्रदेश की, जहां करीब ढाई हजार विदेशी पक्षियों की मौत हो गई है. ये पक्षी हर साल सर्दियों के मौसम में कांगड़ा की पौंग झील की तरफ आते हैं. फिलहाल कांगड़ा के इंदौरा, फतेहपुर, जवाली और देहरा में चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. इसके अलावा पौंग झील में सभी तरह की गतिविधियां भी रोक दी गई हैं.

जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में घराना वेटलैंड भी उन bar-headed goose के लिए मशहूर है, जो हर साल कांगड़ा की पौंग झील तक पहुंचते हैं. इसलिए यहां भी मुस्तैदी बरती जा रही है. इस वक्त भी विदेशी पक्षियों की करीब 150 प्रजाति यहां आ रही है. जिनकी सैंपलिंग की जा रही है.

हरियाणा में एक लाख से ज्यादा मुर्गियों की मौत

हरियाणा का पोल्ट्री हब कहे जाने वाले पंचकुला में एक लाख से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है. यहां से चिकन और अंडों की सप्लाई राज्य के बाहर भी होती है. लेकिन करीब महीने भर पहले शुरू हुई मुर्गियों की मौत के बाद कारोबार ठप है. फिलहाल पक्षियों के सैंपल जालंधर और भोपाल की लैब में भेजे गए हैं.

मध्य प्रदेश में कौवों की मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर, खरगौन और मंदसौर में भी करीब साढ़े तीन सौ कौवों की मौत हो गई है. कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद मंदसौर में एहतियातन चिकन की दुकानों को बंद करवाया गया. इसके अलावा जिन दुकानों में स्टॉक में मुर्गियां रखी गई थीं, उन्हें भी हटा दिया गया. दुकानदारों का कहना है कि दुकानदारी पहले ही ठप थी, अब मुश्किल और बढ़ जाएगी.

राजस्थान में कौवे और मोर की भी मौत
राजस्थान के अलग-अलग जिलों में कौवों के अलावा कबूतर और मोर जैसे करीब 500 पक्षियों की मौत हो चुकी है. झालावाड़, जयपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर और दौसा जिले में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हो चुकी है. राजस्थान में कौवों के मरने का सिलसिला 25 दिसंबर को झालावाड़ से शुरू हुआ था. जयपुर के जल महल में भी रविवार को सात कौवे मृत पाए गए थे.

गुजरात के जूनागढ़ में 50 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है. यहां के बांटवा गांव में 2 जनवरी को बतख, टिटहरी, बगुला जैसे पक्षी अलग मृत पाए गए, जिसके बाद इन इलाकों में अलर्ट है.

केरल में 40 हजार पक्षियों की मौत

केरल में पोल्ट्री फार्म के 40 हजार पक्षियों को मारने का फैसला किया गया है. इसके पहले राज्य के अलप्पुझा और कोट्टायम में 12 हजार बत्तखों की जान चली गई. सरकार ने पुष्टि भी की थी कि इसके पीछे बर्ड फ्लू ही था, जिसके बाद दोनों जिलों में करीब एक किलोमीटर के दायरे में सभी पक्षियों को मारने का आदेश जारी हुआ. ताकि बीमारी फैल ना सके.

बर्ड फ्लू की बात होती है तो बार-बार एक सवाल उठता है, आखिर पक्षियों को मारना कितना सही है? हमने आपको बताया भी, केरल में हजारों पक्षियों को मारा जा रहा है. दरअसल, ऐसा पहले भी हुआ है.

2004 और 2005 के बीच बर्ड फ्लू वायरस को रोकने के लिए. सिर्फ एशिया में 10 करोड़ से ज्यादा मुर्गियों को मार दिया गया था. Food and Agriculture Organization के नियम कहते हैं कि बर्ड फ्लू रोकने के लिए पक्षियों को मारना कानून के हिसाब से सही है. लेकिन साल 2004 में ही वियतनाम में किसानों ने अपनी मुर्गियों को मारने से मना कर दिया था. उनका तर्क था कि ये कोई स्थायी समाधान नहीं है. जो भी हो, इस तर्क को एकदम से खारिज भी नहीं किया जा सकता. आप भी इसके बारे में सोचिएगा जरूर.