पुरुष इस समय चबा लें दो लौंग, मिलेंगे चौंकाने वाले फायदे!

सेहत : आज हम आपके लिए लेकर आए हैं लौंग के फायदे। लौंग कई तरह की बीमारियों से बचाती है। खासकर पुरुषों के लिए लौंग का सेवन चमत्कारिक फायदे दे सकता है। बहुत से लोग लौंग खाना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आपकी उर्जा को बढ़ाती है और साथ ही इससे आपका स्टैमिना भी बढ़ सकता है। आज हम आपको लौंग खाने का समय और उससे होने वाले चमत्कारिक फायदों के बारे में बता रहे हैं….
लौंग में क्या होता है
लौंग में विटामिन के साथ अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं। इसमें जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा लौंग में प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम और सोडियम एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
लौंग के फायदे
इम्युनिटी बढ़ती है
लौंग शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार है। इसमें विटामिन सी और कुछ एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। यह आपके शरीर को किसी भी संक्रमण या बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
दांतों के दर्द से राहत
अगर आपके दांतों में दर्द है तो लौंग का सेवन करें, इससे राहत मिलेगी। लौंग में संवेदनाहारी गुण होते हैं, जो कुछ समय के लिए असुविधा को रोकते हैं। इसके अलावा, अगर आप अपने दांत का इलाज करवा चुके हैं तो लौंग का सेवन दर्द को शांत करने में भी मदद कर सकता है।
पाचन में सुधार करती है
अगर आपको पाचन संबंधी किसी भी तरह की समस्या है तो आपको लौंग का सेवन जरूर करना चाहिए। लौंग पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ाती है, जो कब्ज और अपच जैसे पाचन संबंधी विकारों को रोकती है। लौंग फाइबर से भरा होता है जो आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
हड्डियों को मजबूत बनाती है लौंग
लौंग हड्डियों को मजबूत बनाती है। उसमें फ्लेवोनॉयड्स, मैंगनीज और यूजेनॉल होते हैं, जो हड्डी और संयुक्त स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। लौंग का सेवन हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करता है।
लौंग के अन्य फायदे
लौंग का सेवन करने से भूख बढ़ती है।
लौंग पेट के कीड़ों को खत्म करती है।
लौंग चेतना शक्ति को नॉर्मल रखती है।
लौंक का सेवन करने से शरीर की दुर्गंध दूर हो जाती है।
लौंग का सेवन करने से मूत्र मार्ग ठीक रहता।

ATTENTION : ड्राइविंग के दौरान इन गलतियों की वजह से कम हो जाता है माइलेज, आज ही जान लें

ऑटो डेस्क। कार चलाने के दौरान अगर आप लापरवाही बरतते हैं तो इसका नतीजा ये होता है कि आपकी कार का माइलेज धीरे-धीरे कम होने लगता है। दरअसल ड्राइविंग के दौरान आप कई बार कुछ गलतियां करते हैं जो माइलेज पर असर डालती हैं और आपकी कार ज्यादा फ्यूल कंज्यूम करने लगती है। ऐसे में आज हम आपको उन्हीं गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें कार ड्राइवर आम तौर पर दोहराते हैं जिससे माइलेज कम हो जाता है। इन गलतियों से बचकर माइलेज बढ़ाया जा सकता है।

फ्रीक्वेंट गियर शिफ्ट

अगर आप कार चलाते समय बेवजह ही गियर चेंज करते हैं या फिर कम स्पीड में ही टॉप गियर लगा देते हैं तो इससे माइलेज पर असर पड़ता है और इंजन ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल करता है। ऐसे में आपको सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही कार का गियर चेंज करना चाहिए।

ओवर लोडिंग

कभी भी अपनी कार में कपैसिटी से ज्यादा सवारी नहीं बैठानी चाहिए। इससे इंजन पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है। ऐसे में इंजन अपनी पूरी क्षमता से काम करने के लिए ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल करता है और माइलेज अपने आप कम हो जाता है। हमेशा कार में कपैसिटी से ज्यादा लोगों को नहीं बैठाना चाहिए।

पावर मोड

कोशिश करें कि अर्बन रोड्स पर पावर मोड में अपनी कार ना चलाएं। इससे माइलेज अपने आप कम हो जाता है। अगर आप इकॉनमी मोड पर कार चलाते हैं तो इससे आप सुरक्षित तो रहते ही हैं साथ ही साथ आप कार का माइलेज भी बढ़ा सकते हैं। दरअसल लो स्पीड में कार चलाने से इंजन पर दबाव नहीं पड़ता है।

हैवी ब्रेकिंग

अगर आप कार में हैवी ब्रेकिंग करते हैं तो इससे इंजन पर प्रेशर पड़ता है जिससे काफी ज्यादा गर्म हो जाता है। अगर ऐसा बार बार किया जाए तो इससे माइलेज पर असर पड़ता है और आपको बार-बार फ्यूल भरवाना पड़ता है।

छोड़ देंगे गर्म चाय पीना ये खबर पढ़कर

गर्म चाय की प्याली हो कोई उसे पिलाने वाली हो…ये गाना तो आपने कई बार सुना होगा। क्या आपको भी गर्म चाय पीने का शौक है? क्या आप भी ठंडी चाय पीने से कतराते हैं? अगर आपका जवाब हां हैं तो ये खबर आपके लिये बुरी है।एक रिसर्च में सामने आया है कि बहुत गर्म चाय के साथ शराब का अत्याधिक सेवन, गले की नली के कैंसर को बढ़ावा देता है। रिसर्च में कहा गया कि इससे कैंसर का खतरा तकरीबन 5 गुना बढ़ जाता है।

गले का कैंसर

गले की नली का कैंसर बहुत ही घातक होता है और इसमें जान बचने का प्रतिशत काफी कम होता है। गले की नली का कैंसर, भारत में कैंसर से होने वाली मौतों का चौथा सबसे बड़ा कारण है।

हड्डियां हो जाती हैं कमजोर

चाय आपकी हड्डियों को कमजोर कर सकती है।

ऑसोफेगल कैंसर

बहुत ज्यादा गर्म चाय पीने से ऑसोफैगल कैंसर हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति बहुत गर्म चाय पीता है, तो उसे यह कैंसर होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।

छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक कर्मचारियों का वेतन ग्रेड पे 2800 बढ़ाने समर्थन में “लोक सिरजनहार यूनियन(LSU)” और महासचिव श्री वीरेन्द्र भारद्वाज जी ने छत्तीसगढ़ शासन से की अपील।

छत्तीसगढ़ राज्य में पुलिस आरक्षक कर्मचारियों का वेतन ग्रेड से 1900 से 2800 बढ़ाने पर सभी सामाजिक संस्थाएं एक के बाद एक सामने आ रही है, इसी कड़ी में”लोक सिरजनहार यूनियन” महासचिव श्री वीरेंद्र भारद्वाज जी ने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को अनुशंसा पत्र ग्रेड पे 2800 बढ़ाने पर दिया है।

श्री वीरेंद्र भारद्वाज जी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस कर्मचारियों के द्वारा वेतन ग्रेड पे 2800 बढ़ाने की मांग रखी गई है जिसका हम समर्थन करते हैं क्योंकि पुलिस समाज में कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है, पुलिस लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए 12 से 18 घंटे तक कार्य करते हैं, पुलिस कर्मचारियों का काम अधिक और वेतन बहुत कम है जिससे आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक कर्मचारियों ग्रेड पे 2800 बढ़ाने पर छत्तीसगढ़ सरकार को अविलंब प्रस्ताव पारित कर सरकार के मजबूत स्तंभ पुलिस को उनका अधिकार देना चाहिए।

देश हित में पुलिस जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, वेतन भत्ता और सुविधाओं को लेकर जो मांग रखी जा रही है, उसे खरे शर्तों पर पूरा करना चाहिए ताकि पुलिस जवान का मनोबल अच्छा हो और आर्थिक समस्याओं के कारण मानसिक क्षति ना हो।

Skin Benefits: स्किन की ड्राईनेस दूर करने के साथ ही चेहरे पर निखार लाता है फेशियल ऑयल, जानिए तरीका

ग्लोइंग स्किन पाने के लिए फेशियल ऑयल बेस्ट ऑपशन है। इसके इस्तेमाल से स्किन में निखार आता है, साथ ही स्किन की ड्राईनेस भी दूर होती है। फेशियल ऑयल हमारी स्किन की मरम्मत करता है। हमारी स्किन के पोर्स से नेचुरल ऑयल निकलता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ही स्किन में मौजूद नैचरल ऑयल कम होने लगता है। ऐसे में स्किन ड्राई होने लगती है। त्वचा की एक्स्ट्रा केयर के लिए साथ ही स्किन की ड्राईनेस दूर करने के लिए फेशियल ऑयल बेस्ट है। ये ऑयल स्किन पर दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाता है, साथ ही झुर्रियां भी दूर करता है। इतने उपयोगी इस तेल को लगाने का का खास तरीका जानना जरूरी है ताकि आपका चेहरा ग्लो करें। तो आइए जानते हैं फेशियल ऑयल कैसे लगाएं

मॉइश्चराइजर के साथ लगाएं ये ऑयल:

फेशियल ऑयल आपकी स्किन को मॉइश्चराइज कर उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है। इसे सीधे चेहरे पर इस्तेमाल करने के बजाय अपने नॉर्मल मॉइश्चराइज में कुछ बूंदें मिला कर इसका इस्तेमाल करें।

आंखों की झुर्रियां दूर करने के लिए:

उम्र बढ़ने का सबसे ज्यादा असर आंखों पर दिखता है। अगर आपके पास फेस ऑयल है तो आप इसे आई क्रीम के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आंखों के नीचे की झुर्रियां और ड्राईनेस धीरे-धीरे कम होने लगती है।

फेशियल ऑयल आपके मेकअप का बेस बनाने में अहम है। सर्दी के मौसम में आप फेस ऑयल को प्राइमर के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपका मेकअप बेस बेहद स्मूद नजर आता है।

हाईलाइटिंग लुक पाने के लिए:

अगर आप सेलेब्स का हाईलाइटिंग मेकअप लुक पाना चाहती हैं, तो इसके लिए आप फेस ऑयल में लिक्विड हाईलाइटर मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इसके बाद फाउंडेशन का बेस लगाएं। फिर देखिए कैसे आपकी स्किन शाइन करती है

चेहरे की मसाज करने के लिए:

अपनी स्किन की जरूरतों को देखते हुए आप अपने चेहरे के लिए फेशियल ऑयल का चुनाव करें। रात में सोने से पहले हाथों पर 4-5 बूंदे फेस ऑयल की लेकर चेहरे पर लगाकर सर्कुलर मोशन में मसाज करें। ऐसा करने से आपकी स्किन हमेशा जवां, निखरी-बेदाग और ग्लोइंग नजर आयेगी।

वास्तु टिप्स : धन की बरकत और खुशहाली चाहते है…घर में इन दिशा पर रखे ये पांच चीजे

धातु से निर्मित मछली और कछुआ
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में धातु का बना कछुआ और मछली रखना बहुत ही शुभ रहता है। धातु के बने कछुए और मछली को हमेशा उत्तर दिशा में रखना चाहिए। इससे दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख समृद्धि का आगमन होता है। कछुआ रखने से घर में न सिर्फ सुख समृद्धि आती है बल्कि इसे वास्तु दोष के निवारण के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

मां लक्ष्मी की प्रतिमा
मां लक्ष्मी धन और ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी हैं। उत्तर दिशा को धन की दिशा माना गया है। वास्तु के अनुसार घर की उत्तर दिशा में कमल के आसन पर विराजमान मां लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर जिसमें वे अपने हाथों से सोने के सिक्को की बारिश कर रही हो। वास्तु विज्ञान के अनुसार, इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। जिससे आपके घर में धन-धान्य की बरकत होती है।

भरी सुराही या मटका
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आप चाहते हैं कि घर में धन की बरकत बनी रहे तो अपन घर की उत्तर दिशा में पानी से भरी मिट्टी की सुराही अथवा घड़ा रखना चाहिए। इससे कभी भी पैसों कि किल्लत नहीं होती है। घड़े या सुराही को रखते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि यहा खाली न हो। जैसे ही इसमें पानी कम होने लगे उसे बदलकर नया पानी भरकर रख दें।

घर में रखें धातु का पिरामिड
वास्तु के अनुसार घर में पिरामिड रखने से सकारात्मकता का संचार होता है। पिरामिड कई परेशानियों को दूर करने में कारगर होता है। आप अपने घर में चांदी, पीतल अथवा तांबे से बनी पिरामिड रख सकते हैं। इसे समान्यतः घर की उत्तर दिशा में रखने से धन में बरकत होती है। इसके अलावा यदि बच्चे की पढ़ने की मेज पर पिरामिड रखने से पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है। तो वहीं पिरमिड को यदि ऐसे स्थान पर रखा जाए जहां परिवार के सभी सदस्य एक साथ सबसे ज्यादा समय बिताते हो तो उनमें प्यार बढ़ता है।

तोते की तस्वीर
जिस घर में पढ़ने वाले बच्चे हो उस घर में तोते की तस्वीर लगाना बहुत शुभ रहता है। वास्तु के अनुसार यदि उत्तर दिशा में तोते की तस्वीर लगाई जाए तो पढ़ाई करने वाले बच्चे के लिए यह बहुत फायदेमंद रहता है।

काम की खबर : आज से हो रहे हैं ये 10 बड़े बदलाव… LPG, बैंकिंग, ट्रेन के लिए बदलेंगे ये नियम… आपकी जिंदगी में पड़ेगा असर…पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। आज 1 फ़रवरी है। आपकी जिंदगी में 10 बड़े बदलाव आएंगे। LPG, बैंकिंग, ट्रेन के लिए नियम बदलेंगे।

1 फरवरी को बदलेंगे सिलेंडर के दाम

1 फरवरी से सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होगा। हालांकि, बीते साल दिसंबर में 2 बार रसोई गैस की कीमतें बढ़ चुकी हैं। इस साल जनवरी में कंपनियों ने दाम नही बढ़ाए थे। अब फरवरी में तेल कंपनियां सिलेंडर के दाम बढ़ा सकती हैं। आपको बता दें कि हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनिया रसोई गैस सिलेंडर और कमर्शियल सिलेंडर के दाम तय करती हैं।

पेश होगा देश का आम बजट, होंगे बड़े ऐलान!

पहली फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। बजट में किसी शुल्क या ड्यूटी में बदलाव होने पर कुछ चीजें महंगी होंगी और कुछ चीजें सस्ती हो सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 फरवरी को बजट जारी होने के बाद ट्रेनों के संचालन को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि भारतीय रेलवे की तरफ से अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन माना जा रहा है कि अब ट्रेनों की संख्या ज्यादा की जा सकती है।

1 फरवरी से PNB के इन ATM से कैश नहीं निकलेगा

पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहक हैं तो जान लीजिए कि एक फरवरी से PNB एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। पीएनबी ने देशभर में बढ़ते एटीएम फ्रॉड को रोकने के लिए बड़ा सराहनीय कदम उठाया है। अगर आपका भी पीएनबी में बैंक खाता है तो ये आपके लिए काम की खबर है। 1 फरवरी से पीएनबी ग्राहक गैर ईएमवी एटीएम मशीनों से पैसे नहीं निकाल पाएंगे।

1 फरवरी से आवागमन के लिए अनुमति या ई-परमिट की जरूरत नहीं

1 फरवरी से राज्यों के भीतर या एक राज्य से दूसरे राज्य में आवागमन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होगी। इसके लिए किसी तरह की अनुमति लेने की भी जरूरत नहीं होगी। कंटेनमेंट जोन के बाहर कुछ को छोड़कर सभी गतिविधियों की अनुमति दी गई है और मानक संचालन प्रक्रिया का भी पालन करना होगा।

दूसरे राज्यों से या राज्य के अंदर लोगों के आने-जाने और माल ढोने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इसी तरह पड़ोसी देशों के साथ संधि शर्तों के अनुरूप सीमा पार परिवहन की अनुमति होगी। इसके लिए अलग से किसी भी प्रकार की अनुमति या ई-परमिट आदि की आवश्यकता नहीं होगी।

1 फरवरी से सिनेमाहॉल 100 परसेंट क्षमता के साथ खुलेंगे

देशभर में 100 परसेंट क्षमता के साथ थिएटर्स खोलने की इजाजत दे दी गई है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सिनेमा हॉल और सिनेमाघरों के लिए एसओपी का एक नया सेट भी जारी किया है।

नए एसओपी के अनुसार, 1 फरवरी से देशभर में 100 प्रतिशत कैपिसिटी के साथ सिनेमाघर खोले जा सकेंगे। मार्च महीने में देश में कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ सिनेमाहॉल, थिएटर और मल्टीप्लेक्स बंद कर दिए गए थे।

1 फरवरी से आम लोगों के लिए बहाल होंगी मुंबई लोकल ट्रेनें

महाराष्ट्र के मुंबई में 1 फरवरी से आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन सेवाएं कुछ तय टाइम स्लॉट के हिसाब से बहाल हो जाएंगी। महाराष्ट्र सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए एक आदेश में यह जानकारी दी गई है। बता दें कि ये सेवाएं कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले साल मार्च में सस्पेंड कर दी गई थीं।

1 फरवरी से आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन सेवाएं इन टाइम स्लॉट में उपलब्ध होगी। सुबह 4:15 बजे से सुबह 7 बजे तक, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक, रात में 9 बजे से रात 1 बजे तक। दूसरी तरफ, जरूरी कामों में लगे कर्मचारी सुबह 7 से दोपहर 12 बजे और शाम 4 से रात 9 बजे के बीच आवागमन कर सकते हैं।

1 फरवरी से SpiceJet की 20 नई डोमेस्टिक फ्लाइट्स

स्पाइसजेट ने 1 फरवरी से 20 नई फ्लाइट्स की घोषणा की है। कंपनी ने जयपुर को देहरादून, अमृतसर, उदयपुर और दिल्ली सहित कई शहरों से जोड़ने वाली 16 नई फ्लाइट्स शुरू करने की घोषणा की। एयरलाइन जयपुर से गोवा वाया सूरत भी फ्लाइट शुरू करेगी।

सिक्किम के पाक्योंग को दिल्ली से जोड़ने के बाद कंपनी अब सरकार की उड़ान योजना के तहत पाक्योंग को कोलकाता से भी जोड़ेगी। दिल्ली और देहरादून के बीच अपनी दूसरी Frequency भी शुरू करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि सभी नई उड़ानें 1 से 10 फरवरी के बीच शुरू हो जाएंगी।

PMC Bank के लिए 1 फरवरी तक ऑफर देना होगा

Punjab & Maharashtra Co-operative बैंक के एडमिनिस्ट्रेटर ने बैंक को दोबारा खड़ा करने के लिए निवेशकों से अपने ऑफर देने के लिए 1 फरवरी तक अपने प्रस्ताव देने की डेडलाइन तय की है। कुछ निवेशकों जैसे Centrum Group-BharatPe ने साथ मिलकर ऑफर दिया है। UK की कंपनी Liberty Group ने भी अपना ऑफर सौंपा है।

1 फरवरी से राशन कार्ड के लिए OTP के जरिए मिलेगा

राशन कार्डधारकों सहित अन्नपूर्णा तथा अन्तोदय कार्ड धारकों को हर महीने मिलना वाला राशन अब बायोमेट्रिक पद्धति की जगह मोबाइल ओटीपी और आईरीस ऑथेन्टिकेशन की सहायता से मिलेगा। एक खबर के अनुसार, राशन कार्ड से जुड़ा यह नियम देश के तेलंगाना राज्य में 1 फरवरी 2021 से लागू हो जाएगा।

यह कदम कोरोना महामारी के कारण फैले संक्रमण से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया हैं। हैदराबाद और तत्कालीन रंगारेड्डी जिले में आइरिस ऑथेन्टिकेशन की सुविधा उपलब्ध ना होने के कारण, इन जगह पर राशन की सामग्री मोबाइल ओटीपी के जरिए दिया जाएगा।

1 फरवरी को Franklin Templeton पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

1 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट Franklin Templeton Mutual Fund की 6 बंद स्कीमों में फंड्स के वितरण की प्रक्रिया तय करेगा, 23 अप्रैल Franklin Templeton Mutual Fund ने कुछ यूनिटधारकों के ई-वोटिंग प्रक्रिया के विरोध के बाद बंद कर दिया था।

यूनिटधारकों को इस बारे में मत देना था कि क्या इन योजनाओं को बंद किया जाना चाहिए या नहीं। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने फ्रैंकलिन टेम्पल्टन म्यूचुअल फंड के 6 स्कीम्स से पैसे निकालने पर रोक लगा दी थी। इन म्यूचुअल फंड्स स्कीम के बंद होने से करीब 3 लाख निवेशकों पर असर पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ पुलिस फोर्स विभाग के आरक्षक कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शासन-प्रशासन से किया पत्राचार, कहा नई पेंशन योजना विसंगति पूर्ण है ,जिससे शासकीय कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय।

छत्तीसगढ़ पुलिस फोर्स विभाग के पुलिस आरक्षक कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी, गृहमंत्री माननीय ताम्रध्वज साहू जी व श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय जी से पत्राचार किया, जिसमें आरक्षक शंभू केवट, हितेंद्र लोनिया, रमाशंकर कौशिक, दिलीप वैष्णव, दीपक वैष्णव, वेंकटेश श्रीवास, विनीत कुमार, धर्मेंद्र कश्यप, मनजीत गोयल व अन्य पुलिस कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किया, पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस फोर्स विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की 1 जनवरी 2004 से लागू नई पेंशन योजना(NPS) को खत्म कर, पुरानी पेंशन(OPS) व जी.पी.एफ व्यवस्था पुनः लागू किया जाए।

फोर्स विभाग के समस्त कर्मचारी नई पेंशन योजना के तहत लगन, निष्ठा, ईमानदारी पूर्वक कार्य कर रहे हैं, परंतु कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर नई पेंशन योजना एनपीएस के तहत मिलने वाली राशि न्यूनतम होने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना संभव नहीं होगा और सभी शासकीय कर्मचारी भविष्य में अपनी वृद्धा अवस्था की सुरक्षा को लेकर काफी परेशान हैं,एनपीएस पेंशन व्यवस्था पूर्णतः विसंगति पूर्ण है।

प्रदीप दिवाकर ने कहा कि एन पी एस में जमा इक्विटी का हिस्सा वैश्विक संकट और स्थानीय बजट नीतियों के कारण बाजार भाव लुढकने से जोखिम के आधीन रहता है और अपेक्षित रिटर्न की गारंटी नहीं दे सकता है।

केंद्र शासन द्वारा पुरानी पेंशन योजना(OPS) बंद कर,नई पेंशन योजना(NPS) लागू करके कर्मचारी विरोधी निर्णय लिया है, जिससे शासकीय कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय है क्योंकि पेंशन बुढ़ापे की लाठी होती है।

शासकीय कर्मचारियों को 60 वर्ष बाद भी पेंशन का अधिकार नहीं है, शासन जनहित के लिए चुना जाता है ,लेकिन राजनैतिक स्वार्थ से ओतप्रोत है, जबकि शासकीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का संवैधानिक अधिकार है।

मात्र एक महीने में बढ़ेगा 10 किलो वजन, ऐसे करे केले का इस्तेमाल

आज की दुनियां में हर कोई पतलेपन और कमजोरी से परेशान है और यहाँ तक कि ऐसा है कि कोई ट्राय नही करता है ट्राय सब करते है। लेकिन सफल नही होते है और पहले जैसे ही दुबले पतले रह जाते है। दोस्तो आज हम आपको ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे है जिससे आप कम समय मे ही बहुत अधिक वजन ले सकते है।

केला

दोस्तो केला बहुत ही आम फल है और यहाँ तक कि कोई भी खरीद सकता है और आसानी से खा भी सकता है। दोस्तो केले से बहुत जल्दी वजन बढ़ जाता है। और केला खाने में भी स्वादिष्ट होता है।

कैसे खाये केला

1. दोस्तो सबसे पहले सुबह आधे लीटर दूध में 5 केले मिलाकर इसे अच्छी तरह मिला ले और इसतरह से मिला ले कि वो मिल्कशेक बन जाये। फिर इसे पी ले। इससे आपको पूरे दिन की एनर्जी मिल जाएगी।

2. जब आप दिन का खाना खाते हो तब आपको 2 केले ओर खाने होंगे इससे आपके शरीर में फैट बनेगा और आपको प्रोटीन भी बराबर मिलेगा।

3. शाम को थोड़ी एक्सरसाइज करनी होगी और फिर एक गिलास दूध में 2 केले मिलाकर खाने होंगे। दोस्तो ऐसा आपको 1 महीने तक रोजाना करना होगा इसके बाद आपको अपने मन मुताबिक बढ़ता वजन दिखेगा।

मैजेंटा लाइन पर देश की पहली बिना ड्राइवर वाली ट्रेन का उद्घाटन किया PM मोदी ने

दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन पर भारत की पहली बिना ड्राइवर के चलने वाली मेट्रो ट्रेन के परिचालन का उद्घाटन किया। आज नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन में शुरुआत की गई। यह कार्ड पिछले साल अहमदाबाद में शुरू किया गया था। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उपस्थित थे।

आज 700 किलोमीटर से अधिक मेट्रो लाइनें

लक्ष्य रजक,महासमुंद,दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में केवल 5 शहरों में मेट्रो रेल थी, लेकिन यह आज 18 शहरों में उपलब्ध है। वर्ष 2025 तक हम इसका 25 से अधिक शहरों में विस्तार करने जा रहे हैं। 2014 में देश में केवल 248 किमी मेट्रो लाइने परिचालित थीं, लेकिन आज 700 किलोमीटर से अधिक मेट्रो लाइनें परिचालित हैं, इस प्रकार इसमें तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 तक, हम इसका 1700 किमी तक विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने विभिन्‍न प्रकार की मेट्रो रेल को सूचीबद्ध किया, जिन पर काम किया जा रहा है। दिल्ली और मेरठ के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के बारे में प्रधान मंत्री ने कहा कि इससे दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी एक घंटे से भी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में यात्रियों की संख्या कम है, वहां मेट्रोलाइट रेल पर काम किया जा रहा है।

मेट्रोलाइट रेल का निर्माण सामान्य मेट्रो की 40 प्रतिशत लागत पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रोनिओ का निर्माण उन शहरों में किया जा रहा है, जहां यात्रियों की संख्‍या कम है। इस मेट्रो का निर्माण सामान्य मेट्रो की 25 प्रतिशत लागत पर हो जाएगा। इसी प्रकार, वाटर मेट्रो अलग सोच वाली होगी। इसका निर्माण उन शहरों में किया जा रहा है, जहां बड़े-बड़े जल निकाय हैं। यह द्वीपों के पास रहने वाले लोगों को अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी उपलब्‍ध कराएगी।

‘मेक इन इंडिया’ महत्वपूर्ण है

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेट्रो सेवाओं के विस्तार के लिए ‘मेक इन इंडिया’ महत्वपूर्ण है। ‘मेक इन इंडिया’ से लागत कम होती है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होती है और देश में लोगों को अधिक रोजगार उपलब्‍ध होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रोलिंग स्टॉक के मानकीकरण ने अब हर कोच की लागत 12 करोड़ से घटाकर 8 करोड़ कर दी है। आज, चार बड़ी कंपनियां देश में मेट्रो कोच का विनिर्माण कर रही हैं और दर्जनों कंपनियां मेट्रो के घटकों के विनिर्माण में लगी हुई हैं। इससे ‘मेक इन इंडिया’ के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के अभियान में भी मदद मिल रही है।

चुनिंदा देशों में हुआ शामिल

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिना ड्राइवर वाली मेट्रो रेल की उपलब्धि से हमारा देश दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहाँ इस प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ब्रेकिंग प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें ब्रेक लगाने पर 50 प्रतिशत ऊर्जा वापस ग्रिड में चली जाती है। आज दिल्‍ली मेट्रो में 130 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 600 मेगावाट कर दिया जाएगा।

किस पुरुष को कैसे प्यार की होती है ज़रूरत, सब बताती है उनकी राशि, जानें

कहते हैं कि महिलाओं को समझना मुश्किल नहीं बल्कि नामुमकिन होता है. लेकिन यह बात सिर्फ महिलाओं पर लागू नहीं होती. कई बार महिलाएं भी पुरुषों को समझ नहीं पाती. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पुरुष महिलाओं की तुलना में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कमज़ोर होते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पुरुषों में भावनाएं नहीं होती. महिलाओं की तरह उनकी भी इच्छा होती है कि ऐसा कोई हो जो न केवल उन्हें समझे बल्कि उनसे वैसा ही प्यार करे जैसा वह चाहते हैं. अब इसमें महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये होती है कि आखिर ये पता कैसे लगाया जाए कि उनके पति या बॉयफ्रेंड उनसे कैसा प्यार चाहते हैं? आज हम आपको आपके पति या बॉयफ्रेंड की राशि के अनुसार बताते हैं कि उन्हें किस तरह के प्यार की जरूरत महसूस होती है और वह आपसे कैसा प्यार चाहते हैं.

मेष
मेष राशि वालों के लिए प्यार का मतलब है जो लगातार बढ़ता रहे. इन्हें ऐसे प्यार करने वाले पार्टनर की तलाश रहती है, जो हर दिन इनको बताए कि वो इनसे कितना प्यार करता है.

वृषभ
वृषभ राशि वालों के लिए प्यार दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर होता है. प्यार में उन्हें इमोशनल और फिजिकल दोनों तरह के प्यार करने के तरीके पसंद होते हैं.

मिथुन
मिथुन राशि वाले लोग प्यार को लेकर इतना गंभीर नहीं होते जितना वह जताते हैं. उनके लिए प्यार एक एहसास है लेकिन सिर्फ तब तक, जब तक वह अपने साथी के करीब हैं.

कर्क
कर्क राशि वाले जातक अपने प्यार और जिम्मेदारियों के प्रति बहुत ईमानदार होते हैं. यही बात वो अपने पार्टनर से भी चाहते हैं और तभी तालमेल बन पाता है.

सिंह
सिंह राशि वाले जब प्यार में होते हैं तो वह बिना किसी डर के खुल्लम खुल्ला प्यार करने में यकीन करते हैं. ऐसी ही उम्मीद वो अपने पार्टनर से भी रखते हैं.

कन्या
कन्या राशि वाले लोग दिखावे वाले प्यार में यकीन नहीं करत. वह बस यह चाहते हैं कि उनका पार्टनर उनकी आंखों में देखकर ही समझ जाए कि बात क्या है.

तुला
तुला राशि वाले जातक यह चाहते हैं कि उन्हें ऐसा पार्टनर मिले जो उनकी लाइफ को स्टेबल बनाये. हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रह सके.

वृश्चिक
वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए प्यार एक आग की तरह है, जिसमें वह पूरी तरह जल जाना चाहते हैं. वह ऊपरी तौर से प्यार करना पसंद नहीं करते मगर उन्हें प्यार की गहराइयों में डूब जाना पसंद होता है.

धनु
धनु राशि वाले लोग प्यार को लेकर काफी संवेदनशील और खुशमिजाज होते हैं. वह अपने हर पल को ख़ुशी से जीने में यकीन करते हैं.

मकर
मकर राशि वाले लोग थोड़े जिद्दी स्वभाव के होते हैं. इसी कारण उन्हें प्यार में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह लोग अपने पार्टनर के लिए काफी ईमानदार होते हैं और अपने पार्टनर से भी ऐसी ही उम्मीद करते हैं.

कुंभ
कुंभ राशि वाले लोगों को गुस्सा बहुत कम आता है. लेकिन जब आता है तो संभलता नहीं है. इन्हें ऐसा ही पार्टनर चाहिए होता है, जो इन्हें मुश्किल वक्त में संभाल ले.

मीन
मीन राशि वाले लोग चंचल स्वभाव के होते हैं. वह बहुत भावुक भी होते हैं इसलिए जल्द ही विपरीत लिंगी के प्रति आकर्षित हो जाते हैं. ऐसे में उन्हें ऐसा पार्टनर चाहिए जो उनकी फीलिंग्स को समझें.

ये जड़ीबूटी है बड़े काम की,महिलाओं के लिए तो चमत्कारी, खत्म करती बड़ी बीमारी

सेहत को बेहतर बनाने के लिए कई बातों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। हमें स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए पौष्टिक चीजों का सेवन करना चाहिए। कब क्या चीज दिन में किस समय खानी चाहिए, इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए। कुछ खाद्य सामग्रियों में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, ऐसे में उन्हे खाली पेट खाना या पीना आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

आज हम आपको कुछ ऐसी ही चीजो के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें खाली पेट खाने या पीने से कई तरह के संक्रमण और बिमारियों की समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खाद्य सामग्रियों के बारे में। आयुर्वेद को सेहत का खजाना कहा जाए तो गलत नहीं होगा. हर जड़ी-बूटी अपने भीतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के कई गुण समेटे हुए है. वैसे तो आयुर्वेद में लगभग 1,200 औषधीय जड़ी-बूटियों का वर्णन है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जड़ी बूटि के बारे मेंबताने जा रहे है जो आपके लिए काफी लाभदायक है. विजयसार पेड़ का उपयोग प्राचीन समय से ही औषधीय उपयोग के लिए किया जा रहा है।

विजयसार के फायदे मुख्‍य रूप से मधुमेह जैसी गंभीर समस्‍या को दूर करने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा विजयसार बहुत सी अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। इस आर्टिकल में आप विजयसार के फायदे और नुकसान के बारे में जानेगे। आइए जाने विजयसार के फायदे आप कैसे प्राप्‍त कर सकते हैं और इससे जुड़ी अन्‍य जानकारियां क्‍या हैं।

मधुमेह
मधुमेह की रोकथाम करने के लिए विजयसार एक प्रभावी उपाय माना जाता है। विजयसार का उपयोग कर आप मधुमेह के लक्षणों को कम कर सकते हैं। विजयसार रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने के साथ ही कोलेस्‍ट्रॉल को भी कम करता है। नियमित रूप से विजयसार का सेवन करने से यह मधुमेह के लक्षणों जैसे बार-बार पेशाब आना, बार-बार भूख और प्‍यास लगना, शरीर में दर्द और जलन आदि को निय‍ंत्रित करने में मदद करता है।

खून की कमी
जिन लोगों को एनीमिया या खून की कमी होती है उनके लिए विजयसार बहुत ही फायदेमंद जड़ी बूटी मानी जाती है। विजयसार में मौजूद पोषक तत्‍वों में आयरन भी शामिल होता है जिसकी उच्‍च मात्रा होती है। आयरन की कमी से एनीमिया की समस्‍या होती है क्‍योंकि रक्‍त उत्‍पादन और हीमोग्‍लोबिन के लिए लोहे की आवश्‍यकता होती है। आप अपने शरीर में आयरन की कमी को दूर करने के लिए विजयसार के लाभ उठा सकते हैं। विजयसार शरीर में रक्त का उत्पादन बढ़ाने में काफी लाभदायक होता है।

पेट के कीड़े
विजयसार विशेष रूप से बच्‍चों के लिए बहुत ही प्रभावी मानी जाती है। क्‍योंकि अक्‍सर बच्चों के पेट में कीड़े हो जाते हैं जिसके कारण उनको पर्याप्‍त पोषक तत्व प्राप्‍त नहीं होते हैं। साथ ही उनके पेट में दर्द की समस्‍या भी होती है। आप पेट के कीड़ों को नष्‍ट करने के लिए विजयसार पेड़ की छाल का पाउडर तैयार करें और नियिमत रूप से इसका सेवन करें। यह आपको पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने का सबसे प्रभावी घरेलू उपचार हो सकता है।

सफेद बाल
जो लोग बालों की समस्‍याओं से प्रभावित हैं वे विजयसार के फायदे प्राप्‍त कर सकते हैं। विजयसार का उपयोग बालों को मजबूत करने और उन्‍हें प्राकृतिक रंग दिलाने में मदद करते हैं। इसका उपयोग करने से बालों के विकास में वृद्धि होती है। यह बालों को पोषण देने का सबसे अच्‍छा तरीका है। यदि आपके बाल झड़ रहे हैं या समय से पहले आपके बाल भूरे हो रहे हैं तो आप भी विजयसार की लकड़ी का उपयोग कर सकते हैं, इसके उपयोग से कुछ ही दीनो में आपके बाल प्राकृतिक काले हो जायेंगे एवं बालो का गिरना भी बंद हो जायेगा।

वास्तु में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं जिनके करने से आपको कभी भी जीवन में धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा

धर्म । वास्तु में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं जिनके करने से आपको कभी भी जीवन में धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगर आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पैसों कि किल्लत हो रही है, तो वास्तु के अनुसार इन उपायों को करने से आप पर मां लक्ष्मी की कृपा होगी और आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी। आइए जानते हैं आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए वास्तु के आसान उपाय।घर का द्वार ही एक ऐसी जगह है जो आवगमन का स्थान होता है। साथ ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश भी यहीं से होता है। इसी तरह से धन वृद्धि में भी दरवाजे का बहुत महत्व होता है। इसलिए सुबह उठकर दरवाजा खोलते समय सबसे पहले मां लक्ष्मी का स्मरण करें और उसके बाद दरवाजा खोलें। घर के दरवाजे को काला रंग छोड़कर अन्य किसी भी डार्क रंग से रंगवाना चाहिए। चाहे तो अपने घर के दरवाजे को लाल या मैरुन रंग में रंगवा सकते हैं। ये रंग शुभ माने जाते हैं। ऐसा करने से घर में आर्थिक संपन्नता बनी रहती है।अगर आपके घर का दरवाजा लाल या मैरुन रंग का नहीं है तो आप इन रंगो से अपने घर के दरवाजे पर डिजाइन बनवा सकते हैं। सुबह दरवाजा खोलते समय डिजाइन की तरफ देखकर माता लक्ष्मी का ध्यान करें। इससे भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में पैसों की तंगी नहीं रहती है।दरवाजे पर शुभ-लाभ,स्वास्तिक, ॐ आदि चिन्हों का प्रयोग करना चाहिए। ये प्रतीक अति शुभ होते हैं। घर के दरवाजे पर गणेश जी की प्रतीमा लगाएं। सुबह को दरवाजा खोलते समय इन चिन्हों को प्रणाम करें और माता लक्ष्मी का स्मरण करें। नियमित रुप से ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मां लक्ष्मी की कृपा होती है।सुबह उठकर गुलाब का इत्र अपनी नाभि पर लगाएं। लेकिन इत्र को पहले मां दुर्गा को अर्पित करें और फिर कुछ खाने से पहले ही इत्र को अपनी नाभि पर लगा लें। उसके बाद ही घर से बाहर निकलें। ऐसा करने से आपको धन की कमी नहीं होती है। आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है।24ी5

नकारात्मक चीजों को बार-बार सोचने से भविष्य में डिमेंशिया हो सकता है..

बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहा करते हैं कि बुरी चीजों को याद न करें। हेल्थ के मामले में भी यही बात सच है। अब वैज्ञानिकों ने भी माना है कि नकारात्मक चीजों को बार-बार सोचने से भविष्य में डिमेंशिया हो सकता है।

अल्जाइमर एंड डिमेंशिया जर्नल में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि नकारात्मक चीजों को जान-बूझकर बार-बार सोचने की आदतों का सीधा संबंध बाद के जीवन की संज्ञात्मक क्षमता (याददाश्त) से जुड़ा हुआ है। यानी जिंदगी की नकारात्मक सोच को बार-बार लाने से इंसान में 55 की उम्र के बाद संज्ञात्मक क्षमता प्रभावित होने लगती है।

रिसर्च के मुताबिक, नकारात्मक चीजों को सोचने से दिमाग में दो तरह के खतरनाक प्रोटीन जमा होने लगते हैं, जो बाद में अल्जाइमर बीमारी का कारण बनते हैं। इस रिसर्च की मुख्य लेखक यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन की नताली मर्चेंट ने बताया कि हमने अपनी रिसर्च में सोचने के खास पैटर्न की पहचान की है, जिसमें अवसाद और चिंता महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अवसाद और चिंता से ग्रस्त होते हैं, उन्हें बाद में डिमेंशिया का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने 292 लोगों को शामिल किया। इनकी उम्र 55 साल से अधिक थी। रिसर्च में नकारात्मक सोच का खास संबंध अल्जाइमर के साथ देखा गया। रिसर्च में पाया गया कि जिन व्यक्तियों के दिमाग में दो खतरनाक प्रोटीन जमा होने लगे, उनमें याददाश्त की क्षमता तेजी से घटने लगी। जिन लोगों में ये दोनों प्रोटीन ज्यादा मिले, उन्हें बाद में डिमेंशिया का शिकार होना पड़ा।

रिसर्च में शामिल लोगों से दो साल के बाद नकारात्मक यादों से संबंधित कई सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि आप नकारात्मक अनुभवों को अपने जीवन में किस तरह याद करते थे। जो लोग अपने पूर्व के नकारात्मक चिंतनों से ज्यादा परेशान और चिंतित थे, उनमें वे प्रोटीन ज्यादा मात्रा में पाए गए। जब इन लोगों के दिमाग का ब्रेन स्कैन किया गया तो इनमें से 113 डिमेंशिया से पीड़ित लोगों का सीधा संबंध नकारात्मक सोच से था। इस रिसर्च को चार साल के दौरान पूरा किया गया।

Anti Ageing Skin Care: चेहरे की झुर्रियों, काले धब्बों और डलनेस से छुटकारा पाने के लिए ऐसे बनाएं आलू से साबुन


अगर आपके चेहरे में डलनेस आ गई है या उम्र के लक्षण दिखने लगे हैं, तो आलू से बने इस साबुन का प्रयोग करें। ये साबुन आप बहुत आसानी से घर पर बना सकती हैं।
हमारी स्किन बहुत सेंसिटिव होती है और एक उम्र के बाद तो इसका लुक और फील बदलता ही है। अगर उम्र 30 के ऊपर हो गई है तो स्किन का टेक्शचर खराब होने लगता है। ऐसे में हम स्किन के लिए कई तरह के नुस्खे ट्राई करते हैं। कभी तो महंगे कॉस्मेटिक्स लेते हैं और कभी देसी नुस्खे ट्राई करते हैं। पर कई बार हमें मन के मुताबिक नतीजे नहीं मिलते। अब अगर स्किन पर उम्र के कई लक्षण जैसे रिंकल्स, काले दाग, झाइयां, स्किन पर छोटे-छोटे दानों का आना आदि दिख रहे हैं तो क्यों न ऐसे में एक ऐसा तरीका आजमाया जाए जिसके लिए न तो हमें बहुत पैसे खर्च करने पड़ें और न ही बहुत मेहनत लगे।
आपने कई ब्यूटी ब्लॉगर्स से सुना होगा कि आलू स्किन के लिए बहुत लाभकारी है। न सिर्फ ये स्किन का टेक्शचर ठीक कर सकता है बल्कि इससे स्किन लाइटनिंग और ब्राइटेनिंग इफेक्ट भी मिलता है। ऐसे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं कि आलू की मदद से कैसे रोज़ाना इस्तेमाल करने वाला साबुन बनाया जा सकता है। जी हां, आलू की मदद से आप साबुन बना सकती हैं जो न सिर्फ आपके चेहरे को सौम्य बनाएगा बल्कि पोर्स को टाइट कर एंटी-एजिंग लुक भी देगा।

इसके लिए क्या चाहिए-

1. आलू का जूस
2. विटामिन E कैप्सूल
3. एलोवेरा जेल
4. बादाम तेल
5. सोप बेस
6. सोप मोल्ड

कैसे बनाएं आलू से साबुन-

सबसे पहले 1 आलू को कद्दू कस करने के बाद इसका रस निकाल लें। क्योंकि आलू में विटामिन A, फॉसफोरस, कैल्शियम सब कुछ है इसलिए ये न सिर्फ स्किन का टेक्शचर सुधारने में मदद कर सकता है बल्कि इससे सन टैन आदि कम करने में भी मदद मिलती है।इसके बाद आप सोप बेस पिघला लें। ये आसानी से मार्केट में मिल जाएगा। अगर आपके पास सोप बेस नहीं है तो घर में मौजूद किसी कम केमिकल वाले साबुन को कद्दू कस कर लें और उसका चूरा इस्तेमाल करें।

अब सबसे पहले एक बर्तन में ग्रेट किया हुआ साबुन या सोप बेस जो भी आप ले रही हों वो डालें। उसमें 3-4 चम्मच आलू का रस मिलाएं। इसके ऊपर 2 चम्मच एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें।
इसमें 1 चम्मच स्वीट बादाम तेल और दो विटामिन E के कैप्सूल फोड़कर डालें। अब इसे डबल बॉइलर की मदद से मेल्ट करें। यानि आपको एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करना है और उसके ऊपर साबुन के मिक्स वाला बर्तन लेकर साबुन को पिघलाएं। इसे तब तक हीट करना है जब तक एक स्मूथ पेस्ट न बन जाए। साथ ही अगर आपके पास माइक्रोवेव है तो डबल बॉइलर की जरूर नहीं पड़ेगी। बस माइक्रोवेव में इसे 1 मिनट के लिए रख दें।अब बारी आती है इसे साबुन का शेप देने की, तो सोप मोल्ड में इसे डालकर मनचाहा शेप दिया जा सकता है। अगर सोप बेस की तरह आपके पास सोप मोल्ड भी नहीं है तो आप घर में रखी छोटी कटोरी या आइसक्रीम के कप का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।इस सोप बेस को हमें 3-4 घंटे फ्रीज़ करना है। ध्यान रहे इसे ढककर ही फ्रीज़ करें।

बस तैयार है आपका पोटेटो साबुन।

नोट: अगर आप सोप बेस बाज़ार से ले रही हैं तो कोशिश करें कि नॉन कलर वाला बेस हो। इसी के साथ, अगर आपकी स्किन ऑयली है तो आप इस सोप में बादाम तेल डालना स्किप कर सकती हैं।

जो लोग क्रोध करते हैं, वे कभी भी सुखी नहीं रह पाते हैं, क्रोध की वजह से जीवन में परेशानियां बढ़ती हैं और रिश्तों में दरार आ सकती है..गौतम बुद्ध

  • एक दिन गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए थे, वे एकदम शांत थे, उन्हें इस प्रकार देखकर उनके शिष्य बहुत चिंतित हुए, शिष्यों ने सोचा कि शायद तथागत का स्वास्थ्य ठीक नहीं है

एक चर्चित कथा के अनुसार एक दिन गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए थे। वे एकदम शांत थे, उन्हें इस प्रकार देखकर उनके शिष्य बहुत चिंतित हुए। शिष्यों ने सोचा कि शायद तथागत का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। तभी एक शिष्य ने उनसे पूछा कि आज आप मौन क्यों हैं? क्या हमसे कोई गलती हो गई है? एक अन्य शिष्य ने पूछा कि क्या आप अस्वस्थ हैं?

शिष्यों की बात सुनकर भी बुद्ध चुपचाप ही बैठे रहे। तभी कुछ दूर खड़ा एक शिष्य जोर से चिल्लाया कि आज मुझे सभा में बैठने की अनुमति क्यों नहीं दी गई है? बुद्ध आंखें बंद करके ध्यान करने लगे। बुद्ध को ध्यान में बैठा देखकर वह शिष्य फिर से चिल्लाया कि मुझे प्रवेश की अनुमति क्यों नहीं दी है?

तभी बुद्ध के सामने बैठे एक शिष्य ने बुद्ध से कहा कि कृपा कर उसे भी सभा में आने दीजिए। बुद्ध ने आंखें खोली और बोले कि नहीं, वह अछूत है। उसे आज्ञा नहीं दी जा सकती। ये सुनकर शिष्यों को बड़ा आश्चर्य हुआ।

कुछ शिष्य बोले कि हमारे धर्म में तो जात-पात का कोई भेद ही नहीं, फिर वह अछूत कैसे हो गया? बुद्ध ने कहा कहा कि आज वह क्रोधित हो कर आया है। क्रोध से जीवन की एकाग्रता भंग होती है। क्रोधी व्यक्ति मानसिक हिंसा करता है। इसलिए उसे कुछ समय एकांत में ही खड़े रहना चाहिए। क्रोधित शिष्य भी बुद्ध की बातें सुन रहा था। अब उसे खुद किए व्यवहार पर पछतावा होने लगा। वह समझ चुका था कि अहिंसा ही हमारा धर्म है। क्रोध की वजह से रिश्तों में दरार भी आ सकती है। उसने बुद्ध के सामने संकल्प किया कि अब वह कभी क्रोध नहीं करेगा।

1 जुलाई से चातुर्मास, श्राद्ध पक्ष के बाद 20 से 25 दिन देरी से आएंगे सारे त्योहार, 160 साल बाद लीप ईयर और आश्विन अधिकमास एक ही साल में

  • 19 साल बाद आश्विन माह में अधिकमास, अधिकमास में नहीं किए जाते हैं नामकरण संस्कार, यज्ञोपवित संस्कार, विवाह जैसे शुभ कर्म
  • पुरुषोत्तम मास में करनी चाहिए भगवान विष्णु की विशेष पूजा

धर्म । 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो रहे हैं। चातुर्मास मतलब वो चार महीने जब शुभ काम वर्जित होते हैं, त्योहारों का सीजन होता है। देवशयनी एकादशी से देवप्रबोधिनी एकादशी के बीच के समय को चातुर्मास कहते हैं। इस बार अधिक मास के कारण चातुर्मास चार की बजाय पांच महीने का होगा। श्राद्ध पक्ष के बाद आने वाले सारे त्योहार लगभग 20 से 25 दिन देरी से आएंगे।

इस बार आश्विन माह का अधिकमास है, मतलब दो आश्विन मास होंगे। इस महीने में श्राद्ध और नवरात्रि, दशहरा जैसे त्योहार होते हैं। आमतौर पर श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि आरंभ हो जाती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। 17 सितंबर 2020 को श्राद्ध खत्म होंगे और अगले दिन से अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा।

17 अक्टूबर से नवरात्रि आरंभ होगी। इस तरह श्राद्ध और नवरात्रि के बीच इस साल एक महीने का समय रहेगा। दशहरा 26 अक्टूबर को और दीपावली 14 नवंबर को मनाई जाएगी। 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी रहेगी और इस दिन चातुर्मास खत्म हो जाएंगे।

160 साल बाद लीप ईयर और अधिक मास एक ही साल में

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, 19 साल पहले 2001 में आश्विन माह का अधिकमास आया था। अंग्रेजी कैलेंडर का लीप ईयर और आश्विन के अधिकमास का योग 160 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 1860 में ऐसा अधिकमास आया था, जब उसी साल लीप ईयर भी था।

हर तीन साल में आता है अधिकमास

पं. शर्मा के अनुसार एक सूर्य वर्ष 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है, जबकि एक चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। दोनों वर्षों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है। ये अंतर हर तीन वर्ष में लगभग एक माह के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्र मास अतिरिक्त आता है, जिसे अतिरिक्त होने की वजह से अधिकमास का नाम दिया गया है। अधिकमास के पीछे पूरा वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। अगर अधिकमास नहीं होता तो हमारे त्योहारों की व्यवस्था बिगड़ जाती है। अधिकमास की वजह से ही सभी त्योहारों अपने सही समय पर मनाए जाते हैं।

चातुर्मास में तप और ध्यान करने का विशेष महत्व

चार्तुमास में संत एक ही स्थान पर रुककर तप और ध्यान करते हैं। चातुर्मास में यात्रा करने से यह बचते हैं, क्योंकि ये वर्षा ऋतु का समय रहता है, इस दौरान नदी-नाले उफान पर होते है तथा कई छोटे-छोटे कीट उत्पन्न होते हैं। इस समय में विहार करने से इन छोटे-छोटे कीटों को नुकसान होने की संभावना रहती है। इसी वजह से जैन धर्म में चातुर्मास में संत एक जगह रुककर तप करते हैं। चातुर्मास में भगवान विष्णु विश्राम करते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद विष्णुजी फिर से सृष्टि का भार संभाल लेते हैं।

अधिकमास को मलमास क्यों कहते हैं?

अधिकमास में सभी पवित्र कर्म वर्जित माने गए हैं। इस पूरे माह में सूर्य संक्राति नहीं रहती है। इस वजह से ये माह मलिन हो जाता है। इसलिए इसे मलमास कहते हैं। मलमास में नामकरण, यज्ञोपवित, विवाह, गृहप्रवेश, नई बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी जैसे शुभ कर्म नहीं किए जाते हैं।

अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं

मान्यता है कि मलिन मास होने की वजह से कोई भी देवता इस मास का स्वामी होना नहीं चाहता था, तब मलमास ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। मलमास की प्रार्थना सुनकर विष्णुजी ने इसे अपना श्रेष्ठ नाम पुरषोत्तम प्रदान किया। श्रीहरि ने मलमास को वरदान दिया कि जो इस माह में भागवत कथा श्रवण, मनन, भगवान शिव का पूजन, धार्मिक अनुष्ठान, दान करेगा उसे अक्षय पुण्य प्राप्त होगा।

आपके साथ दैवीय शक्तियो का साथ है कैसे पहचाने की आपके पूजा पाठ का असर हो रहा है जाने…

धर्म। दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं जिनके माध्यम से ऊपरी या दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती हैं। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि उसकी दैवीय शक्तियां मदद कर रही है या उसकी पूजा-पाठ-प्रार्थना का असर हो रहा है? आओ जानते हैं इस बारे में 11 संक्षिप्त जानकारी।

1. अच्छा चरित्र
शास्त्र कहते हैं कि दैवीय शक्तियां सिर्फ उसकी ही मदद करती है, जो दूसरों के दुख को समझता है, जो बुराइयों से दूर रहता है, जो नकारात्मक विचारों से दूर रहता है, जो नियमित अपने ईष्ट की आराधना करता है या जो पुण्य के काम में लगा हुआ है। यदि आप समझते हैं कि मैं ऐसा ही हूं तो निश्‍चित ही दैवीय शक्तियां आपकी मदद कर रही हैं। आपको बस थोड़ा सा इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि आप अच्छे मार्ग पर हैं और आपको ऊपरी शक्तियां देख रही हैं।


2. ब्रह्म मुहूर्त
विद्वान लोग कहते हैं कि यदि आपकी आंखें प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में अर्थात रात्रि 3 से 5 के बीच अचानक ही खुल जाती हैं तो आप समझ जाएं कि दैवीय शक्तियां आपके साथ हैं, क्योंकि यही वह समय होता है जबकि देवता लोग जाग्रत रहते हैं। यदि आप अपने बचपन से लेकर जवानी तक इस समय के बीच उठते रहे हैं तो समझ जाएं कि दैवीय शक्तियां आपके माध्यम से कुछ करवाना चाहती हैं या कि वे आपको एक अच्छी आत्मा समझकर यह संकेत दे रही हैं कि अब उठ जाओ। यह जीवन सोने के लिए नहीं है। आपको दुनिया में बहुत कुछ करना है। यह भी कहा जाता है कि सत्व गुण प्रधान लोग इस काल में स्वत: ही उठ जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस समय बहने वाली वायु को अमृततुल्य कहा गया है। यह अमृत वेला होती है। कहते हैं कि इस काल में दुनिया के मात्र 13 प्रतिशत लोगों की ही नींद खुलती है।


3. सपने में देव दर्शन
यदि आपको बारंबार मंदिर या किसी देव स्थान के ही सपने आते रहते हैं। सपने में आप आसमान में ही उड़ते रहते हैं या सपने में आप देवी-देवताओं से वार्तालाप करते रहते हैं तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियां आप पर मेहरबान हैं।


4. पूर्वाभास
यदि आपको आने वाली घटनाओं का पहले से ही ज्ञान हो जाता है या आपको पूर्वाभास हो जाता है तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियों की आप पर कृपा है।


5. पारिवारिक प्रेम
आपकी पत्नी, बेटा, बेटी और आपके सभी परिजन आपकी आज्ञा का पालन कर रहे हैं, वे सभी आपसे प्यार करते हैं एवं आप भी उनसे प्यार कर रहे हैं तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियां आप से प्रसन्न हैं।


6. भाग्य से भी तेज
जीवन में आपको अचानक से लाभ प्राप्त हो जाता है। आपके किसी भी कार्य में किसी भी प्रकार की आपको बाधा उत्पन्न नहीं होती है और सभी कुछ आपको बहुत आसानी से मिल जाता है, तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियां आपकी मदद कर रही हैं।


7. सुगंधित वातावरण का अहसास
यदि कभी-कभी आपको यह महसूस होता है कि मेरे आसपास कोई है या आपको बिना किसी कारण ही अपने आसपास सुगंध का अहसास हो तो समझ जाइए कि अलौकिक शक्तियां आपके आसपास आपकी मदद के लिए हैं।


8. सुहानी हवा

आप पूजा कर रहे हैं और यदि आपको लगे कि अचानक सुहानी हवा का झोंका या प्रकाश पुंज आ गया और शरीर में सिहरन दौड़ने लगे। ऐसा तो पहले कभी हुआ नहीं तो समझिए कि देवी या देवता आप पर प्रसन्न हैं।

9. ठंडी हवा का घेरा
भूमि पर रहते हुए भी कभी-कभी आपको यह अहसास हो कि मेरे आसपास बादल या ठंडी हवा का एक पुंज है जिसने मुझे घेरा हुआ है तो आप समझ जाइए कि अलौकिक या दैवीय शक्ति ने आपको घेर रखा है। ऐसा अक्सर बहुत ज्यादा पूजा-पाठ करने वाले व्यक्ति के साथ होता है।


10. रोशनी का पुंज
अचानक ही आपको तेज रोशनी का पुंज दिखाई दे जिसकी कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते या आपको अचानक ही कानों में मधुर संगीत सुनाई दे और आप आश्‍चर्य करें कि यहां आसपास तो कोई संगीत बज ही नहीं रहा फिर भी वह कानों में सीटी बजने की तरह सुनाई दे, तो आप समझ जाइए कि आप दैवीय शक्ति के सान्निध्य में हैं। ऐसा अक्सर उन लोगों के साथ होता है, जो निरंतर ही अपने ईष्टदेव का मंत्र जप कर रहे होते हैं।