एमपी के मास्टर जी गजब हैं: 23 साल में सैलरी मिली 36 लाख, लेकिन 24 शहरों में बना ली करोड़ों की संपत्ति

मध्यप्रदेश के एक प्राथमिक स्कूल के शिक्षक के पास से सवा पांच करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। यह चौंकाने वाला खुलासा लोकायुक्त भोपाल की दस सदस्यीय टीम की जांच में हुआ। मंगलवार को यह जांच की गई थी। टीम ने सुबह छह बजे प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पंकज रामजन्म श्रीवास्तव के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों में भोपाल का मिनाल रेसीडेंसी स्थित मकान नंबर डी 413 और सारणी-बगडोना में एमजीएम कॉलोनी के घर शामिल हैं। इन छापेमारी से पंकज की बैतूल, छिंदवाड़ा, भोपाल और नागपुर में 24 से ज्यादा प्रॉपर्टी की जानकारी मिली है। जिसमें समरधा में प्लॉट, पिपरिया जाहिरपीर में एक एकड़ भूमि, छिंदवाड़ा में छह एकड़ भूमि, बैतूल में आठ आवासीय प्लॉट, बगडोना में छह दुकान और दस अलग-अलग गांवों में कुल 25 एकड़ की कृषि भूमि शामिल है। बता दें कि पंकज घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रेंगाढाना में स्थित एक प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है। फिलहाल पंकज की संपत्ति को लेकर अभी जांच चल रही है। पंकज के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

टीम की ओर से की गई छापेमारी में पता चला कि पंकज क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को ऊंची ब्याज दर पर कर्जा देता था और उनकी संपत्ति को गिरवी रखता था। कर्ज लेने वाले अगर पैसा नहीं चुका पाते थे तो पंकज उनकी संपत्ति अपने नाम करवा लेता था। पंकज ने अपने मित्र के साथ श्रीराम आईटीआई संस्था के निर्माण कार्य में करीब 50 लाख रुपये का निवेश किया है।

लोकायुक्त अधिकारी डॉक्टर सलिल शर्मा का कहना है कि पंकज ने 1998 में शिक्षा विभाग में 2,256 रुपये के वेतन पर नौकरी ज्वाइन की थी। मौजूदा समय में पंकज का वेतन करीब 40,000 रुपये प्रति महीना है। लोकायुक्त अधिकारी ने बताया कि 23 साल की नौकरी में पंकज को 36,50,500 रुपये का वेतन मिला।

5 थाना प्रभारियों का हुआ तबादला…एसपी ने जारी किया आदेश…देखें सूची

बिलासपुर। बिलासपुर जिले में स्थित कई थानों के थानेदारों को बदल दिया गया है, जिलाा एसपी ने आज आदेश जारी करते हुए पूर्व से पदस्थ कई थाना प्रभारियों को दूसरे थानों में भेज दिया है। जारी आदेश के अनुसार सृष्टि चंद्राकर सिविल लाइन, ललिता मेहर सरकंडा, हरविंदर सिंह रतनपुर कृष्णा पाटले बिल्हा और प्रकाश कांत को कोटा थाने का प्रभार सौंपा गया है। एसपी ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

साइबर सुरक्षा अभियान का बिलासपुर पुलिस ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड.. 5 लाख से अधिक लोगों ने संकल्प पत्र भरकर कहा- मैं भी “साइबर मितान”

बिलासपुर– बिलासपुर पुलिस ने आम जनता के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा का विश्वकीर्तिमान रच डाला है। आज 5 लाख से अधिक लोगों ने संकल्प पत्र भरकर यह संकल्प लिया, कि अब से न तो वे कभी साइबर फ्रॉड के शिकार होंगे, न ही अपने से जुड़े किसी व्यक्ति को इसका शिकार होने देंगे। चंद घंटों में लाखों लोगों का एक साथ साइबर सुरक्षा को लेकर लिए गए इस संकल्प ने बिलासपुर पुलिस और बिलासपुरवासियों का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया।

साइबर अपराधों को बढ़ते देख एसपी प्रशांत कुमार अग्रवाल ने इस साइबर मितान अभियान की शुरुआत की थी, ताकि बिलासपुर को साइबर अपराध से मुक्त किया जा सके। धीरे-धीरे इस अभियान में बिलासपुर की जनता व अन्य लोग भी जुड़ते गए और देखते ही देखते सब ने मिलकर वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा डाला।

शुरुआत से लक्ष्य तक का सफर

इस अभियान की घोषणा 22 अगस्त को एसपी प्रशांत अग्रवाल ने की। इस दौरान साइबर जागरूकता पर बनी शॉर्ट फिल्मों का टीजर भी जारी किया गया. इसके साथ ही 4 चरणों में यह अभियान बांट दिया गया. पहले चरण में 22 से 25 अगस्त तक टीमें बनाई गई. विस्तृत योजना बनाई गई. अभियान के लिए शार्ट अवेयरनेस मूवीज़, पोस्टर्स, ट्रेनिंग मटेरियल इत्यादि तैयार किया गया. दूसरे चरण में 25 से 30 अगस्त के बीच इन सभी को ट्रेनिंग दी गई. जिसमें बताया गया कि साइबर क्राइम किस किस तरह के होते हैं और इनसे कैसे बचना है. इसी बीच तीसरे चरण की शुरुआत की गई. 25 अगस्त से 31 अगस्त के बीच प्रचार-प्रसार का काम शुरू कर दिया गया. इस दौरान साइबर लीडर्स और साइबर रक्षक तैयार किए गए. जिसमें पुलिस स्टाफ, एसपीओ व कई सामाजिक संगठन के लोग शामिल हुए. ये साइबर रक्षक चौथे चरण के दौरान 1 सितम्बर से 7 सितम्बर तक दिन-रात एक करके केवल लोगों को जागरूक करते रहे और उन्हें बताते रहे कि उन्हें किस तरह से साइबर अपराध से बचना है. इन साइबर रक्षको को उनकी जिम्मेदारी का क्षेत्र बांटा गया. जिसके बाद 8 सितम्बर की सुबह इस महाअभियान में शामिल हुए लोगों ने संकल्प पत्र भरकर साइबर क्राइम से बिलासपुर को मुक्त करने का वादा किया.

विश्व साक्षरता दिवस पर साइबर क्राइम को लेकर अवेयरनेस

मनाया जाता है. इसी दिन बिलासपुर पुलिस ने पूरे जिले के लोगों को साइबर अपराध के बारे में जानकारी देकर और उन्हें अवेयर करके नई पीढ़ी की तकनीकी शिक्षा देने का काम किया है.

पिछले कुछ वर्षों में पूरे दुनिया तकनीक से जुड़ी है और उसी तेजी के साथ साइबर अपराध भी बढ़ने से शुरू हो गए हैं. लॉकडाउन के समय में सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट्स करने में और इजाफा होने से साइबर ठगी के प्रकरण भी बढ़े थे.

कैसे एक-एक व्यक्ति तक पहुंचे साइबर मितान

इसके लिए पुलिस, एसपीओ, सामाजिक संगठन इत्यादि से साइबर मितान बनाए गए, जिन्होंने साइबर रक्षक तैयार किए. ये रक्षक अपने अधीन 25-25 साइबर मितान बनाया. इसके बाद सरकारी दफ्तरों, कॉलेज-कोचिंग, जिम, शॉपिंग मॉल, बाजार, होटल-रेस्टोरेंट, कॉलोनी, अपार्टमेंट, टोलप्लाजा, पेट्रोल पंप, वार्ड पार्षद-सरपंच (हारे-जीते प्रतिनिधी), समितियां इत्यादि से सम्पर्क करके उन्हें जागरूक करके इनके जरिए हर एक व्यक्ति तक अभियान पहुंचाया गया, तब जाकर जिले का तकरीबन हर एक घर, हर एक वार्ड, हर एक गांव साइबर अपराध को लेकर अवेयर हो सका.

अभियान के दौरान ही फ्रॉड से बचे सैकड़ों लोग

एसपी प्रशांत कुमार अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस के द्वारा चलाये गए इस साइबर मितान अभियान, एक कदम सजगता की ओर… का रिजल्ट इसी बीच हर किसी को देखने को मिला. इस अभियान के दौरान भी साइबर क्रिमिनल्स लगातार अपनी ओर से बिलासपुर के लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए अलग-अलग तरह का झांसा देते रहे. लेकिन, इस अभियान के चलते लोगों तक साइबर क्राइम के तरीकों की जानकारी पहले ही पहुंच चुकी थी, जिसका यह फायदा हुआ कि इस बीच डेढ़ सौ के करीब लोग फ्रॉड का शिकार होने से बच गए.

सोशल मीडिया में शेयर की जा रहीं शार्ट फिल्में व कंटेंट

लगातार पुलिस अधिकारी लाइव आकर लोगों से रूबरू हो रहे हैं और लोगों के सवालों के जवाब दे रहे हैं. साथ ही उसके जरिए लोगों तक साइबर क्राइम से जुड़ी हुई शार्ट फिल्में व अन्य कंटेंट पहुंचाए जा रहे हैं. इसके अलावा व्हाट्सएप नम्बर 9479264100 से लोगों तक जरुरी जानकारियां पहुंचाई जा रही हैं.

प्रमुख संकल्प

– अपना ओ.टी.पी किसी से शेयर नही करूंगा.

– फोन पर ए.टी.एम कार्ड/क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी को नही बताउंगा.

– अपना ए.टी.एम कार्ड स्वंय उपयोग करूंगा एवं ए.टी.एम बूथ पर सावधानी रखूंगा.

के झांसे में आकर किसी अनजान खाता में पैसा जमा नही करूंगा.

पर अनजान व्यक्तियों से संपर्क नही करूंगा तथा अवांछित पोस्ट वायरल नहीं करूंगा.

– सोशल आई.डी/ई-वालेट, ए.टी.एम का पासवर्ड/पिन सुरक्षित रखूंगा.

– ओ.एल.एक्स/क्विकर आदि में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान सावधानी रखूंगा.

– गूगल सर्च से प्राप्त कस्टमर केयर के मोबाईल नंबर का उपयोग करते समय सावधानी रखूंगा.

– भुगतान हेतु अनजान नंबर से प्राप्त लिंक को क्लिक/ओपन या क्यू.आर कोड को स्कैन नहीं करूंगा.

– ई-वालेट का उपयोग करते समय सावधानी रखूंगा.

– नौकरी के चाहत में अनजान खातो में पैसा जमा नही करूंगा.

सड़क दुर्घटना रोकने और बिलासपुर में व्यवस्थित यातायात के लिये सामूहिक रूप से कार्य करने की जरूरत- सांसद श्री अरूण साव सड़क सुरक्षा के लिये संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक आयोजित

सजंय मिश्रा,बिलासपुर। बिलासपुर में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसको रोकने के लिये अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा बिलासपुर के यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये सामूहिक रूप से कार्य करने की जरूरत है। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री अरूण साव ने आज सड़क सुरक्षा के लिये संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक में उक्त बातें कही।
मंथन सभाकक्ष में श्री साव की अध्यक्षता में आज समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में श्री साव ने पीडब्ल्यूडी विभाग को अभियान चलाकर बरसात में सड़कों में होने वाले गड्ढों की मरम्मत करने और सड़कों में बैठने वाले मवेशियों की रोकथाम के लिये योजना बनाने का निर्देश दिया। जिससे दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़कों पर जगह-जगह आॅटो ना खड़े रहे और निर्धारित स्थल पर ही बस व आॅटो अपनी सवारी उतारे इस पर कड़ाई से ध्यान देने की आवश्यकता है। तीन सवारी वाहनों और जेब्रा क्राॅसिंग में सड़क जाम करने वालों पर सख्ती से कार्यवाही हो। कानून का भय होगा, तभी बिलासपुर को यातायात की दृष्टि से सम्मानजनक स्थान मिलेगा।
बैठक में बताया गया कि जिले में 9 ब्लेकस्पाॅट चिन्हांकित है, जहां पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती है। जिसमें नेशनल हाईवे मस्तूरी एनएच-49 में जयरामनगर से मोहतरा मार्ग, चकरभाठा में एनएच-130 मार्ग पर छतौना मोड़, सिरगिट्टी में एनएच-130 मार्ग पर तिफरा ओवरब्रिज, सकरी में एनएच-111, रतनपुर में एनएच-130-ए में बेलतरा और सांझीपारा बाईपास, महामाया चैक, मोपका चैक, बहतराई चैक शामिल है। ब्लेकस्पाॅट में सुधार संबंधित कार्य की सतत् समीक्षा और निगरानी की जा रही है। डाॅ.बांधी ने मस्तूरी व जयरामनगर मार्ग में गति नियंत्रक लगाने और संकेतक बोर्ड लगाने कहा। सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिये आगामी तीन माह का एक्शन प्लान तैयार कर इसके क्रियान्वयन करने का निर्णय लिया गया इसके लिये समिति के सदस्य ब्लेकस्पाॅट वाले स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। ब्लेकस्पाॅट का स्थल पर जायजा लेकर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में यातायात अवरोध करने वाले और दुर्घटनाजनित मार्गों, चैक-चैराहों के संबंध में ध्यान आकर्षित कराया।
यातायात शिक्षा को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने और कोविड संक्रमण के चलते बच्चों को दी जा रही आॅनलाईन शिक्षा में हफ्ते में कम से कम एक दिन यातायात की शिक्षा भी दिये जाने का प्रस्ताव किया गया। यातायात विभाग के डीएसपी ने बताया कि गत वर्ष 41 हजार से अधिक बच्चों को यातायात जागरूकता के लिये प्रशिक्षण दिया गया। आरटीओ श्री शर्मा ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर गत वर्ष ढाई हजार से अधिक प्रकरण बनाये गये थे और 1 करोड़ 58 लाख से अधिक प्रसमन शुल्क वसूल किया गया था। इस वर्ष माह अगस्त तक 1100 से अधिक प्रकरणों में 60 लाख रूपये प्रसमन शुल्क वसूल किये गये हैं। यातायात डीएसपी ने बताया कि इस वर्ष अब तक 12 हजार 800 वाहन चालकों पर चालान कर 40 लाख 81 हजार रूपये प्रसमन शुल्क वसूला गया है। लगरा में स्थापित यातायात पार्क के रख-रखाव के संबंध में भी चर्चा की गयी और सार्वजनिक संस्थान को इसकी जवाबदारी देने का निर्णय लिया गया। रायपुर से बिलासपुर मार्ग में शहर प्रवेश के लिये अतिरिक्त फ्लाईओवर की आवश्यकता को देखते हुए इसके लिये प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। गोल बाजार एवं सदर बाजार में यातायात के दबाव को देखते हुए इन मार्ग में जुलूस आदि को प्रतिबंधित करने और संडे बाजार को अन्यत्र शिफ्ट करने के संबंध में शहर के गणमान्य नागरिकों से चर्चा उपरांत निर्णय करने पर सहमति बनी। शहर में आॅटो की अत्यधिक संख्या को देखते हुए उनके लिये क्षेत्र विभाजन करने का सुझाव दिया गया। साथ ही चैक-चैराहों के उन्नयन के लिये आवश्यक राशि बजट में शामिल करने का प्रस्ताव भेजने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में मस्तूरी विधायक डाॅ.कृष्णमूर्ति बांधी, बेलतरा विधायक श्री रजनीश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चैहान, बिल्हा के विधायक प्रतिनिधि, अतिरिक्त कलेक्टर श्री बी.एस.उईके, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सभी एसडीएम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।सड़क दुर्घटना रोकने और बिलासपुर में व्यवस्थित यातायात के लिये सामूहिक रूप से कार्य करने की जरूरत- सांसद श्री अरूण साव
सड़क सुरक्षा के लिये संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक आयोजितबिलासपुर। संजय मिश्राबिलासपुर में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसको रोकने के लिये अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा बिलासपुर के यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये सामूहिक रूप से कार्य करने की जरूरत है। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री अरूण साव ने आज सड़क सुरक्षा के लिये संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक में उक्त बातें कही।
मंथन सभाकक्ष में श्री साव की अध्यक्षता में आज समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में श्री साव ने पीडब्ल्यूडी विभाग को अभियान चलाकर बरसात में सड़कों में होने वाले गड्ढों की मरम्मत करने और सड़कों में बैठने वाले मवेशियों की रोकथाम के लिये योजना बनाने का निर्देश दिया। जिससे दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़कों पर जगह-जगह आॅटो ना खड़े रहे और निर्धारित स्थल पर ही बस व आॅटो अपनी सवारी उतारे इस पर कड़ाई से ध्यान देने की आवश्यकता है। तीन सवारी वाहनों और जेब्रा क्राॅसिंग में सड़क जाम करने वालों पर सख्ती से कार्यवाही हो। कानून का भय होगा, तभी बिलासपुर को यातायात की दृष्टि से सम्मानजनक स्थान मिलेगा।
बैठक में बताया गया कि जिले में 9 ब्लेकस्पाॅट चिन्हांकित है, जहां पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती है। जिसमें नेशनल हाईवे मस्तूरी एनएच-49 में जयरामनगर से मोहतरा मार्ग, चकरभाठा में एनएच-130 मार्ग पर छतौना मोड़, सिरगिट्टी में एनएच-130 मार्ग पर तिफरा ओवरब्रिज, सकरी में एनएच-111, रतनपुर में एनएच-130-ए में बेलतरा और सांझीपारा बाईपास, महामाया चैक, मोपका चैक, बहतराई चैक शामिल है। ब्लेकस्पाॅट में सुधार संबंधित कार्य की सतत् समीक्षा और निगरानी की जा रही है। डाॅ.बांधी ने मस्तूरी व जयरामनगर मार्ग में गति नियंत्रक लगाने और संकेतक बोर्ड लगाने कहा। सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिये आगामी तीन माह का एक्शन प्लान तैयार कर इसके क्रियान्वयन करने का निर्णय लिया गया इसके लिये समिति के सदस्य ब्लेकस्पाॅट वाले स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। ब्लेकस्पाॅट का स्थल पर जायजा लेकर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में यातायात अवरोध करने वाले और दुर्घटनाजनित मार्गों, चैक-चैराहों के संबंध में ध्यान आकर्षित कराया।
यातायात शिक्षा को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने और कोविड संक्रमण के चलते बच्चों को दी जा रही आॅनलाईन शिक्षा में हफ्ते में कम से कम एक दिन यातायात की शिक्षा भी दिये जाने का प्रस्ताव किया गया। यातायात विभाग के डीएसपी ने बताया कि गत वर्ष 41 हजार से अधिक बच्चों को यातायात जागरूकता के लिये प्रशिक्षण दिया गया। आरटीओ श्री शर्मा ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर गत वर्ष ढाई हजार से अधिक प्रकरण बनाये गये थे और 1 करोड़ 58 लाख से अधिक प्रसमन शुल्क वसूल किया गया था। इस वर्ष माह अगस्त तक 1100 से अधिक प्रकरणों में 60 लाख रूपये प्रसमन शुल्क वसूल किये गये हैं। यातायात डीएसपी ने बताया कि इस वर्ष अब तक 12 हजार 800 वाहन चालकों पर चालान कर 40 लाख 81 हजार रूपये प्रसमन शुल्क वसूला गया है। लगरा में स्थापित यातायात पार्क के रख-रखाव के संबंध में भी चर्चा की गयी और सार्वजनिक संस्थान को इसकी जवाबदारी देने का निर्णय लिया गया। रायपुर से बिलासपुर मार्ग में शहर प्रवेश के लिये अतिरिक्त फ्लाईओवर की आवश्यकता को देखते हुए इसके लिये प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। गोल बाजार एवं सदर बाजार में यातायात के दबाव को देखते हुए इन मार्ग में जुलूस आदि को प्रतिबंधित करने और संडे बाजार को अन्यत्र शिफ्ट करने के संबंध में शहर के गणमान्य नागरिकों से चर्चा उपरांत निर्णय करने पर सहमति बनी। शहर में आॅटो की अत्यधिक संख्या को देखते हुए उनके लिये क्षेत्र विभाजन करने का सुझाव दिया गया। साथ ही चैक-चैराहों के उन्नयन के लिये आवश्यक राशि बजट में शामिल करने का प्रस्ताव भेजने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में मस्तूरी विधायक डाॅ.कृष्णमूर्ति बांधी, बेलतरा विधायक श्री रजनीश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चैहान, बिल्हा के विधायक प्रतिनिधि, अतिरिक्त कलेक्टर श्री बी.एस.उईके, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सभी एसडीएम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़: अस्पताल संचालक की संदिग्ध मौत…नर्सिंग होम में मिली डॉ. जायसवाल की लाश

बिलासपुर। बिलासपुर के गायत्री अस्पताल के संचालक डॉ अजय जायसवाल की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है। रविवार की देर रात 12 बजे अपने घर से वे नर्सिंग होम आए, फिर वापस नहीं लौटे। पत्नी ने फोन कर गार्ड को डॉक्टर पति से फोन में बात कराने को कहा, तब हुआ पता चला कि नर्सिंग होम के उनके रूम के भीतर डॉ. जायसवाल की लाश पड़ी है। अस्पताल के स्टाफ ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के सीपत चौक स्थित निजी अस्पताल गायत्री हॉस्पिटल की है। पुलिस के मुताबिक पति-पत्नी के बीच अनबन थी, डॉ. अजय नशे के इंजेक्शन लेने के आदी थे। पुलिस मामले की गहरी पड़ताल कर रही है। जांच में डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट आदि की भी मदद ली जा रही है।

श्रम कल्याण बोर्ड चैयरमैन का नगर प्रवास..समर्थकों के साथ सभापति गौरहा किया स्वागत..कहा..जनहित पर हुई बात

बिलासपुर-: छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड चैयरमैन शफी अहमद का आज कांग्रेस नेताओं ने जगह जगह स्वागत किया। रायपुर से अम्बिकापुर जाने के दौरान बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं आत्मीय स्वागत किया। शफी अहमद के पहली बार बिलासपुर पहुंचने पर कांग्रेसियों ने खुशी जाहिर की। यद्यपि शफी अहमद कहीं रूके नहीं। ना ही किसी के साथ किसी प्रकार की बैठक की।

         रायपुर से अम्बिकापुर प्रस्थान के दौरान श्रम कल्याण बोर्ड चैयमैन का भरारी में  समर्थकों के साथ अंकित गौरहा ने आत्मीय स्वागत किया। साथ ही गुलदस्ता भेंट कर कुछ देर सामान्य बातचीत की। मुलाकात के दौरान अंकित गौरहा ने जिले और शहर की वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

अंकित गौरहा ने शफी अमद को बताया कि कोरोना काल में शासन की श्रमिक हित से जुड़ी तमाम नीतियों का गंभीरता से पालन किया जा रहा है। सभी श्रमिकों के हितों को गंभीरता से लिया जा रहा है। शफी अहमद से मुलाकात के बाद अंकित ने बताया कि कोरोना काल के चलते चैयरमैन का बिलासपुर में रूकना नहीं हुआ। उन्होने जरूर कहा है कि हालात सामान्य होने पर बिलासपुर आना जरूर होगा। सरकार की श्रम नीतियों और जनहित कार्यों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। साथ ही श्रम हित में सरकार के निर्देशों के पालन को लेकर चर्चा भी करेंगे।

          अंकित ने बताया कि श्रम कल्याण बोर्ड चेयरमैन का कार्यकर्ताओं ने आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद शफी अहमद अंबिकापुर के लिए रवाना हो गए।

अभिनेता अखिलेश पांडे को छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के द्वारा सम्मानित किया गया

बिलासपुर,,15 अगस्त के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के द्वारा छत्तीसगढ़ के जाने-माने अभिनेता अखिलेश पांडे को सम्मानित किया गया अखिलेश को यह सम्मान कोरोना के दौरान प्रेरणात्मक वीडियो बनाने के लिए दिया गया जिस दौरान कोरोना चरम पर था इस दौरान अखिलेश ने बिलासपुर जिला प्रशासन व बिलासपुर पुलिस के कार्यों को दिखाते हुए एक बहुत ही प्रेरणात्मक वीडियो बनाया गया जिसे की लाखों लोगों ने देखा और इस वीडियो की काफी प्रशंसा भी हुई थी जब हमने इस संदर्भ में अखिलेश से बात की तब अखिलेश ने बताया की उस दौरान इस वीडियो को लेकर संयुक्त कलेक्टर दिव्या अग्रवाल से उनकी बात हुई और फिर इस वीडियो को शूट किया गया जिसमें कि बिलासपुर जिला प्रशासन के कमिश्नर संजय अलंग एसपी प्रशांत अग्रवाल एवं जिला प्रशासन के सारे अधिकारियों के कार्यों को दिखाया गया बिलासपुर पुलिस के द्वारा भी जो कार्य किए जा रहे थे उसे भी इस वीडियो में दिखाया गया और इस वीडियो को बनाने के लिए अखिलेश पांडे ने निर्देशन किया रोशन वैष्णव ने इस गाने को गाया और हिमांशु वैष्णव ने संपादन किया अखिलेश ने इस अवसर पर बिलासपुर जिला प्रशासन के कमिश्नर संजय अलंग कलेक्टर सारांश मित्तर संयुक्त दिव्या अग्रवाल एसपी प्रशांत अग्रवाल का विशेष आभार जताया और कहा कि आने वाले समय में भी अगर जिला प्रशासन या जिला पुलिस को उनकी आवश्यकता पड़ती है तो वह उनके लिए सदैव खड़े रहेंगे

बिलासा की छात्राओं के लिए  शुरू होगा मेंटल हेल्थ इन कोविड-19 पेनडेमिक ऑनलाइन कोर्स जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम स्पर्श क्लीनिक के अंतर्गत कराया जा रहा 12सप्ताह का कोर्स

बिलासपुर,,, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्पर्श क्लीनिक शासकीय बिलासा गर्ल्स डिग्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं के लिए मेंटल हेल्थ इन कोविड-19पेनडेमिक नाम से 12 सप्ताह का ऑनलाइन कोर्स शुरू कराने जा रहा है।
यह राज्य में अपनी तरह का पहला कोर्स होगा जिससे विद्यार्थी कोविड-19 का कारण होने वाले मानसिक विकरून को पहचान सकेगें। जल्द पहचान होने पर उनकी काउंसलिंग और उपचार भी जल्द हो सकेगा,राज्य मानसिक चिकित्सालय, सेंदरी के अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीआर नंदा ने बताया।
डॉ नंदा ने इस संबंध में प्राचार्य,शासकीय बिलासा गर्ल्स डिग्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय को एक पत्र भी लिखा है। जारी किए गए पत्र के अनुसार मेंटल हेल्थ इन कोविड-19 पेनडेमिक का ऑन लाइन कोर्स गर्ल्स डिग्री कॉलेज और राज्य मानसिक चिकित्सालय, सेंदरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।
अगस्त 8 से शुरू किये जाने वाले इस कोर्स में गर्ल्स डिग्री कॉलेज में अध्ययनरत मनोविज्ञान, पीजी डिप्लोमा गाइड एंड काउंसलिंग,पीजी डिप्लोमा इन क्लीनिकल सायकोलॉजी और एमएससी ह्यूमन डेवलपमेंट विषय की स्नात्कोत्तर की छात्राएं भाग ले सकेंगी। कोर्स व प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
इनके द्वारा काराया जाएगा प्रशिक्षण
मेंटल हेल्थ इन कोविड-19पेनडेमिक का ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मल्लिकार्जुन राव सगि और सायकेट्री सोशल वर्कर प्रशांत रंजन पाण्डेय के द्वारा कराया जाएगा। यह पूरा कोर्स ऑनलाइन जूम स्लाईडों एवं गूगल क्लास रूम के माध्यम से कराया जाएगा। इस कोर्स को वही छात्र-छात्राएं पूरा कर पाएंगे जिन्होंने इस कोर्स के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया होगा। प्रशिक्षके शुरू और अंत में टेस्ट दिया होगा। एक असाइनमेंट होगा, जिसमें उन्हें 80 प्रतिशत मार्क्स लाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कोर्स के दौरान60 प्रतिशत उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है।
प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम एवं शेड्यूल
कोर्स में लर्निंग ऑब्जेक्टिव के बारे में बताया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को बेसिक स्किल इन सायकोएनालसिस,सायकोलॉजिकल फर्ट एड, स्ट्रेस मैनेजमेंट, स्क्रीनिंग ऑफ एनेक्स्टी एंड डिप्रेशन और सुसाइड प्रेवेंशन के बारे में बताया जाएगा। इस कोर्स के कोआर्डिनेटर सायकेट्री सोशल वर्कर प्रशांत रंजन पाण्डेय,मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मल्लिकार्जुन राव सगि, बिलासा गर्ल्स डिग्री कॉलेज की गृह विज्ञान विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रोफेसर प्रतिभा बाजपेयी और डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम और स्टेट मेंटल हेल्थ हॉस्पिटल सेंदरी की टीम करेगी।

पूर्व आवास मित्र डिकेश श्रीवास द्वारा हितग्राही को दी गई जान से मारनें की धमकी, एस.पी. कार्यालय में हुई शिकायत दर्ज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के न्यायधानी बिलासपुर जिला अंतर्गत नगर पंचायत बिल्हा के वार्ड क्रमांक 12 निवासी पूर्व आवास मित्र डिकेश श्रीवास, पिता- नंदू श्रीवास विगत कुछ वर्षों से नगर पंचायत बिल्हा क्षेत्र में आवास मित्र का कार्य करता था, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्यामरतन यादव, पिता- बेदूराम यादव, वार्ड क्रमांक 5 बिल्हा निवासी से आवास निर्माण करवानें के लिए सी.एम.ओ. तथा इंजीनियर के नाम से चालीस हजार रुपयों की मांग किया, तत्पश्चात् हितग्राही श्याम रतन यादव के द्वारा सी.एम.ओ. नगर पंचायत बिल्हा, ए.एक्का से संपर्क कर उक्त प्रकरण से अवगत कराया गया तब उन्होंने कहा कि आवास मित्र डिकेश श्रीवास जो बोल रहा है वैसा करो, तब हितग्राही श्याम रतन यादव के द्वारा डिकेश श्रीवास को बीस हजार रुपये तत्काल दिया गया, उसके बाद पाँच-पाँच हजार रुपये दो बार दिया गया, प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्य हितग्राहीयों से श्याम रतन यादव के द्वारा पैसा लेन-देन के संबंध में जानकारी लेनें पर उन्हें अपनें आप को ठगा हुआ महसूस हुआ, जिसकी शिकायत श्याम रतन यादव के द्वारा नगर पंचायत बिल्हा के तत्कालीन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष से किया गया तब उनके द्वारा कार्यवाही का आश्वासन दिया गया, उसके कुछ दिन बाद आवास मित्र डिकेश श्रीवास बचत दस हजार रुपए के लिए दबाव बनाया गया तब श्याम रतन यादव के द्वारा उन्हें दस हजार रुपये कहीं से व्यवस्था करके दिया गया,
आप को बता दें कि उक्त हितग्राही का आवास पूर्ण रूप से तैयार हो जानें के बाद भी आज दिनांक तक आवास का अंतिम किश्त अप्राप्य है, पूरे मामले की शिकायत हितग्राही श्याम रतन यादव के द्वारा नगर पंचायत बिल्हा के जिम्मेदार अधिकारियों से की जा चुकी है परंतु इस मामले पर उन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई भी उचित कार्यवाही नहीं किया गया,
हितग्राही श्याम रतन यादव के द्वारा नगर पंचायत बिल्हा में अपनें अंतिम किश्त और ठगी की गई चालीस हजार रुपयों की प्राप्ति के लिए बार-बार निवेदन किया गया लेकिन उस दौरान पूर्व आवास मित्र डिकेश श्रीवास के द्वारा हितग्राही को जान से मार डालनें की धमकी दी गई,
उपरोक्त बातों से क्षुब्ध हितग्राही श्याम रतन यादव के द्वारा एस.पी. कार्यालय बिलासपुर में अपनें साथ घटित ठगी और मानसिक प्रताड़ना का लिखित शिकायत दर्ज करवा कर उचित कार्यवाही की मांग की गई है।
इस खबर के प्रसारण उपरांत अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्याम रतन यादव को कब तक न्याय मिल पाता है या फिर मामले को टाल-मटोल कर रफा-दफा कर दिया जाता है।

शिवसेना ने छेडा जनजागरण अभियान, शिवसैनिक पहुंचे बम्हनीडीह ब्लॉक*

जांजगीर चाम्पा।। शिवसेना जिलाध्यक्ष ठा.ओंकार सिंह गहलौत जी के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने 29 जुलाई को बम्हनीडीह ब्लॉक के ग्राम हथनेवरा, सोंठी, अफरीद, चोरिया, लखुर्री पहुंचे। जहां जनजागरण अभियान छेडकर शासन द्वारा संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों से लिया। ग्रामीणों के कथन अनुसार शासन द्वारा संचालित योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौंचालय हितग्राहियों को शौंचालय निर्माण पूर्ण होने के पश्चात भी अभी तक प्रोत्साहन की राशि प्राप्त नहीं हुआ है। जिससे हितग्राहियों को साहूकारों के कहासूनी से जुझना पड रहा है। जिससे शौंचालय हितग्राहियों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है। ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य एजेंसी द्वारा बनाए गए शौंचालय निर्माण गुणवत्ता विहीन है। मापदण्ड को ताक में रखकर निर्माण कार्य कराया गया है। जिसमें जांच कर उचित कार्यवाही आवश्यक है। निर्माण एजेंसी को शौंचालय निर्माण कार्य की पूरी राशि प्रदान कर दी गई है। जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखी गई। ग्रामीणों ने शिवसेना की जनजागरण अभियान को प्रशंसा किया। इस अवसर पर ठा.ओंकार सिंह गहलौत (जिलाध्यक्ष), शुभम सिंह राजपूत (जिलासचिव),अश्वनी कुमार साहू (जिलाकार्यकारिणी), दिलीप साहू, मनीष कुमार आदित्य शिवसैनिक सहित दिलीप धीवर, धनंजय पटेल, धर्मेश यादव, गणेश पटेल, नरेश यादव, प्रहलाद महरा, मुकेश पटेल, राजेन्द्र पटेल व अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।

महासमुंद के बाद मुंगेली में विचरण कर रहा हाथियों का झुंड, बढ़ा ग्रामीणों पर खतरा

मुंगेली. छतीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुंगेली (Mungeli) हाथी (Elephant) के झुंड के आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. मुंगेली वनमंडल की तरफ हाथियों का झुंड लगातार बढ़ रहा है. इससे वनांचल औऱ वन गांवो के आसपास रहने वाले लोगो मे भारी दहशत का माहौल है. हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है. 4 दिन पहले करीब 17 हाथियों का दल महासमुंद के शहरी इलाकों में प्रवेश कर गया था, जिससे लोगों में दहशत बढ़ गई थी. इसके बाद अब मुंगेली के ग्रामीण इलाकों में हाथियों की वजह से दहशत है.
मुंगेली वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि 12-15 हाथियों का झुंड की कुछ दिनों से अचानकमार टाईगर रिजर्व के जंगल में कोर जोन में होने की जानकारी मिल रही थी, लेकिन आज इन हाथियों का झुंड सुरही बोइरहा पटपरहा गांव के आसपास पहुंचा है, जिससे ग्रामीण डरे हुए हैं. डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि सभी गांव में मुनादी कराई गई है. हाथियों से सतर्क करने के लिए पाम्पलेट चिपकाए गए हैं. साथ ही खुद औऱ वनकर्मी भी ग्रामीणों से मिलकर समझाईश दे रहे हैं कि जब तक हाथी का झुंड जंगल मे सक्रिय है ग्रामीण जंगल में मत जाए औऱ सावधान रहें.

आईएमए की जिला इकाई ने कोरोना प्रशिक्षण का अभ्यास समर्थन

लक्ष्य रजक,महासमुंद। सरकारी हो या गैर सरकारी आज हर किसी के बीच कोरोना विरूद्ध लड़ाई ही प्राथमिक मुद्दा है। ऐसे में चहों ओर चल रहे कोरोना के अभ्यास में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन महासमुंद की जिला इकाई भी अमह भूमिका में नजर आ रही है। लगातार हो रहे अद्यतन जानकारियों के अंकन और हर रोज जुड़ रही उपचार की नई तकनीकों से अवगत होते हुए आईएमए की जिला इकाई ने भी प्रशिक्षण लेकर पूर्ण अभ्यास किया। बुधवार 22 अप्रैल को हुई एक वृहदत्तर कार्यशाला में जिले के शासकीय और अशासकीय दोनों ही क्षेत्रों से आए अनुभवी एवं नामी चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से आईएमए की जिला इकाई के बैनर तले कोरोना वायरस नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर प्रबंधकीय एवं चिकित्सकीय प्रशिक्षण लिया। डॉ विमल चोपड़ा की अध्यक्षता एवं डाॅ एनके मंडपे के मार्गदर्शन में हुई इस एक दिवसीय कार्यशाला में डाॅ सुरभि जैन ने कुल 12 चिकित्सकों सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को कोविड 19 की बीमारी व इसके वायरस के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया साथ ही संक्रमण जांच एवं उपचार के दौरान रखी जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में अवगत कराया गया।
इस दौरान पूर्व से ही कोरोना कंट्रोल की प्लानिंग में जुटे दल के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और सामुहिक रूप से विचारों का आदान-प्रदान कर प्रशिक्षण को संगोष्ठी के रूप भी नियोजित किया गया। चर्चा के दौरान चिगत एक सौ तेईस वर्षों पहले बने महामारी कानून को लेकर बात हुई, जिसमें महामारी कानून को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन को उचित ठहराते हुए पूर्ण रूपेण समर्थन व्यक्त किया गया। आईएमए जिला इकाई के अध्यक्ष डाॅ विमल चोपड़ा ने संशोधित कानूनी प्रावधानों को प्रदेश एवं जिला स्तर पर भी लागू किए जाने मांग रखी। सदस्यों बहुमत के साथ इस प्रस्ताव का स्वागत किया। बढ़ते क्रम में डाॅ मंडपे ने भी प्रावधानों के लागू किए जाने की स्थिति में आने वाले सकारात्मक बदलाव एवं बढ़ने वाली सेवा सुविधाओं के बारे में अपने बात रखी। इस दौरान जिला चिकित्सालय के मुख्य रूप से सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ आरके परदल सहित डाॅ एके शुक्ला, डाॅ घनश्याम चंद्राकर, डाॅ आरएल चंद्राकर, डाॅ एचबी कालीकोटी, डाॅ आई नागेश्वर राव, डाॅ गिरधारी चंद्राकर, डाॅ मेमन, डाॅ गुरूदत्ता एवं डाॅ पिंचा सहित सहयोगी चिकित्सकीय अमला उपस्थित रहा। कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर पूर्व में आ रही समस्याओं के नियोजन के लिए भी प्रारूप तैयार कर आपस में कार्यभार बांटे गए। साथ ही सभी ने कोरोना वायरस नियंत्रण एवं रोकथाम अभियान में सक्रिय योगदान के उद्देश्य लिए अपनी भूमिका सुनिश्चित करते हुए सेवाभावी शपथ ली।

दुकानों के खुलने के समय मे फिर किया बदलाव, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिक, सैनेटरी, आटोमोबाइल्स, स्टेशनरी आदि दुकानें अब तीन दिन खुलेंगी, मिल्क पार्लर दो शिफ्ट में खुलेंगे

पवन निर्मलकर,बिलासपुर। जिले में लॉकडाउन के दौरान अनुमति प्राप्त गतिविधियों को निर्धारित समय सीमा के लिए संचालन की छूट प्रदान की गई है जिसमें आंशिक परिवर्तन किया गया है। वे दुकानें जिन्हें सप्ताह में दो दिन खोलने की अनुमति थी तीन दिन खोले जा सकेंगे साथ ही मिल्क पार्लर को भी दो शिफ्टों में खोलने की अनुमति दी गई है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय अलंग द्वारा जारी आदेशानुसार आटोमोबाइल, टायर एवं पंचर की दुकान, इलेक्ट्रिकल, हार्डवेयर, स्टेशनरी, सैनेटरी (प्लम्बर आइटम), बिजली-पंखे की दुकान, निर्माण सामग्रियों जैसे-सीमेन्ट, सरिया की दुकानों को सप्ताह में प्रत्येक सोमवार, गुरुवार एवं शनिवार को प्रातः 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुले रखने की अनुमति दी गई है। मिल्क पार्लर प्रातः 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 बजे से 7 बजे तक खोले जा सकेंगे।
इसी तरह डेली नीड्स, किराना, आटा चक्की, मोबाइल रिचार्ज दुकान एवं चश्मा दुकान, वाटर केन, पनीर व दूध से निर्मित मिठाईयों की दुकान, सभी मंडियां, दुकान एवं ठेले (सब्जी, फल, अनाज, चिकन, मटन, मछली), कृषि मशीनरी विक्रय एवं स्पेयर पार्ट्स, खाद एवं उर्वरक, बीज विक्रय, पशु चारा (चौपाया एवं मछली चारा) की दुकानों को प्रातः 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी गई है।
शेष निर्देश यथावत रहेंगे। पूर्व में अप्रभावित जिले, क्षेत्र के हॉटस्पॉट एवं कंटेनमेंट जोन घोषित होने की दशा में शासन द्वारा संपूर्ण लॉकडाउन के संबंध में जारी निर्देश पूर्वानुसार प्रभावी होंगे तथा इन अतिरिक्त गतिविधियों को निष्पादित करने की अनुमति हॉटस्पॉट एवं कंटेन्मेंट जोन में नहीं होगी।

पुलिस विभाग ने 57 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति सूची जारी की है। जारी सूची में एएसआई को एसआई के पद पर पदोन्नत किया गया

रायपुर।पुलिस विभाग ने 57 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति सूची जारी की है। जारी सूची में एएसआई को एसआई के पद पर पदोन्नत किया गया है। ये लिस्ट डीजीपी डीएम अवस्थी ने जारी की है। जिन पुलिसर्मियों को प्रमोशन दिया गया हैं उनके नाम इस प्रकार है….

मालवाहक वहान में 63 मजदूर सवार..महाराष्ट्र से सवार मजदूर छत्तीसगढ़ पहुँचे..

पवन निर्मलकर, बिलासपुर। गुरुवार को जब रतनपुर में पुलिस पार्टी चेकिंग प्वाइंट लगाकर वाहनों की जांच कर रही थी तो तभी बगदेवा चौक के पास से एक मालवाहक तेज गति से गुजर रही थी , जिस पर संदेह होने पर रतनपुर पुलिस द्वारा उसे रोका गया। जब इस मालवाहक माजदा की जांच की गई तो पुलिस की भी आंखें फटी की फटी रह गई । इस मालवाहक वाहन में करीब 63 लोग सवार थे, जिनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं तक थी। यह सभी महाराष्ट्र के नागपुर के भंडारा के पास से इस वाहन में सवार हुए थे। बताया जा रहा है कि रोजी मजदूरी करने वाले उत्तर प्रदेश के फैजाबाद बस्ती के आसपास रहने वाले लोग लंबे अरसे से नागपुर के भंडारा में फंसे हुए थे।


इस दौरान वहां से मालवाहक वाहन क्रमांक एमएच 14 सीपी 4340 लेकर सिद्धार्थनगर करही उत्तर प्रदेश निवासी शोहरत अली सिद्दीकी गुजरा। जिसे रोककर मजदूरों ने अपनी परेशानी बताई। चूंकि लॉक डाउन के दौरान भी मालवाहक वाहनों को अंतर प्रदेशीय परिवहन की इजाजत है। इसका लाभ लेते हुए शोहरत अली ने इस लालच में मजदूरों को वाहन में बिठा लिया कि उसकी अतिरिक्त कमाई हो जाएगी। हैरानी इस बात की है कि महाराष्ट्र के भंडारा से चलकर यह वाहन रतनपुर क्षेत्र तक पहुंच गई और रास्ते में कहीं भी इसकी जांच तक नहीं हुई। असल में कुछ दिन पहले पुलिस द्वारा ऐसे ही मालवाहक वाहन की जांच किए जाने पर पुलिस अधिकारी सस्पेंड कर दिए गए थे। शायद इससे पुलिस का मनोबल टूटा है। तभी तो इस मालवाहक की जांच कहीं नहीं हुई और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में मजदूर छत्तीसगढ़ पहुंच गए। जैसा कि सभी जानते हैं इन दिनों भारत में सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज महाराष्ट्र से ही है। ऐसे प्रदेश के मजदूरों का रतनपुर तक पहुंच जाना हैरानी पैदा करता है । यह सभी मजदूर उत्तर प्रदेश बस्ती जाने के लिए निकले हैं, लेकिन यह भी हैरानी की बात है कि वे इस बीच रतनपुर कैसे पहुंच गए। फिलहाल पुलिस ने परमिट शर्तों का उल्लंघन करते हुए मालवाहक वाहन में सवारी बिठाने के जुर्म के तहत वाहन को जब्त कर चालक शोहरत अली को हिरासत में ले लिया है , लेकिन ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तो धारा 188 और अन्य धाराओं के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। तो वही हैरानी की बात यह भी है कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में आए मजदूरों को बिना किसी जांच के ही जाने दिया गया । वाहन के पकड़े जाने के बाद सभी 63 मजदूर जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल है पैदल ही उत्तर प्रदेश जाने के लिए निकल पड़े , जबकि उत्तर प्रदेश यहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर है । यह घटना बताती है कि पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर किस तरह से लापरवाही की जा रही है। इन्हीं वजहों से कोरोना का संक्रमण फैल सकता है लेकिन लगता नहीं कि से लेकर किसी को भी गंभीर चिंता है । हैरानी तो इस बात की भी है कि छोटे-छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाओं के साथ कैसे यह मजदूरों का काफिला सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करेगा। रतनपुर पुलिस ने तो वाहन और वाहन चालक को गिरफ्तार कर जैसे अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली लेकिन महाराष्ट्र जैसे संक्रमित प्रदेश से आने वाले इन मजदूरों को जिस तरह बिना किसी जांच के आगे जाने दिया गया उस बड़ी लापरवाही पर किस की जवाबदेही बनती है यह तय करने वाला भी कोई नहीं है।

कवर्धा फर्जी आरक्षक बनकर ठगी करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया

सुनील नादम,बिलासपुर।कवर्धा जिले में फर्जी आरक्षक बनकर ठगी करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार युवक के पास से पुलिस ने चोरी की एक स्कार्पियो गाड़ी भी बरामद की है.

आरोपी युवक का नाम रवि कुंवर है और वह कोरबा का रहने वाला था. बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर नीली बत्ती लगी स्कार्पियो गाड़ी में घूमता था और खुद को एसडीएम का ड्रायवर बताता था. आरोपी ने कवर्धा के दो लोगों को नौकरी लगाने के नाम से ठगी की. शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया.

बताया जा रहा है कि लोगों में रौब जमाने के लिए आरोपी ने दो माह पहले कोरबा से स्कार्पियो चोरी कर लाया था और उसमें नीली बत्ती लगाकर घूमता था.

सीडब्ल्यूडी की बैठक में सोनिया ने की कोरोना संक्रमण पर चर्चा, कहा- 3 मई के बाद प्रकृति का एक और लॉकडाउन होगा

रायपुर। 3 मई के बाद की स्थिति को कैसे प्रबंधित किया जाएगा, इस बारे में केंद्र सरकार को स्पष्ट जानकारी नहीं है. उस तिथि के बाद वर्तमान प्रकृति का एक लॉकडाउन और भी विनाशकारी होगा. यह बात कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कही.

सोनिया गांधी ने कहा कि लॉकडाउन जारी है और हमारे समाज के सभी वर्गों को तीव्र कठिनाई और संकट का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से हमारे किसान और खेत मज़दूर, प्रवासी श्रमिक, निर्माण श्रमिक और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक. व्यापार, वाणिज्य और उद्योग एक आभासी पड़ाव पर आ गए हैं और करोड़ों जीविकाएं नष्ट हो गई हैं.

उन्होंने कहा कि 23 मार्च को तालाबंदी शुरू होने के बाद से, मेरे पास, जैसा कि आप सभी जानते हैं, प्रधानमंत्री को कई बार लिखा गया है. मैंने अपने रचनात्मक सहयोग की पेशकश की और ग्रामीण और शहरी दोनों परिवारों की पीड़ा को कम करने के लिए कई सुझाव भी दिए. ये सुझाव हमारे मुख्यमंत्रियों सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर तैयार किए गए थे. दुर्भाग्य से, उन पर केवल आंशिक और बुरी तरह से कार्रवाई की गई है.

परीक्षण कम और परीक्षण किट की आपूर्ति भी कम

श्रीमती गांधी ने कहा कि हमारा ध्यान स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और आजीविका के मुद्दों से सफलतापूर्वक जुड़ने पर होना चाहिए. हमने प्रधानमंत्री से बार-बार आग्रह किया है कि परीक्षण, ट्रेस और संगरोध कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है. दुर्भाग्य से, परीक्षण अभी भी कम है और परीक्षण किट अभी भी कम आपूर्ति और खराब गुणवत्ता की हैं. पीपीई किट हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदान की जा रही हैं लेकिन संख्या और गुणवत्ता खराब है.

11 करोड़ लोगों को खाद्यान्न की जरूरत

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न का प्रवेश अभी तक लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा है. 11 करोड़ लोग जिन्हें सब्सिडी वाले खाद्यान्न की जरूरत है, वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बाहर हैं. इस संकट की घड़ी में परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को 10 किलोग्राम अनाज, 1 किलो दाल और आधा किलोग्राम चीनी हर महीने उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए.

तालाबंदी के पहले चरण में गई 12 करोड़ नौकरियां तालाबंदी के पहले चरण में 12 करोड़ नौकरियां चली गईं. बेरोजगारी और बढ़ने की संभावना है क्योंकि आर्थिक गतिविधि एक ठहराव पर बनी हुई है. इस संकट से निपटने के लिए प्रत्येक परिवार को कम से कम 7,500 रुपये प्रदान करना अनिवार्य है. प्रवासी मजदूर अब भी फंसे हुए हैं, बेरोजगार हैं और घर लौटने को बेताब हैं. संकट के इस दौर से बचे रहने के लिए उन्हें खाद्य सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा का जाल उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं किसान

किसानों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कमजोर और अस्पष्ट खरीद नीतियों और बाधित आपूर्ति श्रृंखलाओं के मुद्दों को बिना देरी के संबोधित करने की आवश्यकता है. आगामी 2 महीनों में शुरू होने वाली खरीफ फसलों के अगले दौर के लिए किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए.

एमएसएमई के लिए विशेष पैकेज

MSMEs आज लगभग 11 करोड़ कर्मियों को नियुक्त करते हैं. वे जीडीपी का एक तिहाई हिस्सा बनाते हैं. यदि उन्हें आर्थिक बर्बादी से बचाना है, तो यह जरूरी है कि उनके जीवित रहने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए.

राज्यों को दिए फंड लिए वापस

राज्य और स्थानीय सरकारें COVID-19 के खिलाफ लड़ाई की अग्रिम पंक्ति हैं. हमारे राज्यों को वैध रूप से दिए गए फंड को वापस आयोजित किया गया है. मुझे यकीन है कि हमारे मुख्यमंत्री हमें उन कठिनाइयों के बारे में बताएंगे जो वे सामना कर रहे हैं.

भाजपा फैला रही घृणा का वायरस

मुझे भी आपके साथ कुछ ऐसा साझा करना चाहिए जो हममें से प्रत्येक भारतीय को चिंतित करे. जब हमें कोरोना वायरस से एकजुट रूप से निपटना चाहिए, तो भाजपा सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और घृणा के वायरस को फैलाना जारी रखती है. हमारे सामाजिक समरसता के लिए गंभीर क्षति हो रही है। हमारी पार्टी, हमें उस क्षति की मरम्मत के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.
साझा करनी चाहिए सफलता की कहानियां कुछ सफलता की कहानियां हैं और हमें उनकी सराहना करनी चाहिए. सबसे अधिक हमें प्रत्येक व्यक्तिगत भारतीय को COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करना चाहिए, जो पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति के बावजूद होता है.

प्रेरित करता है स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का समर्पण डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वच्छता कार्यकर्ता और अन्य सभी आवश्यक सेवा प्रदाता, एनजीओ और लाखों नागरिक पूरे भारत में सबसे अधिक जरूरतमंदों को राहत प्रदान करते हैं. उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प वास्तव में हम सभी को प्रेरित करता है.

सरकार को रचनात्मक समर्थन के लिए प्रतिबद्ध

अंत में उन्होंने कहा कि मुझे न केवल कांग्रेस राज्य सरकारों बल्कि देशभर में हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के अथक और अथक प्रयासों को भी स्वीकार करना चाहिए. मैं एक बार फिर सरकार के प्रति अपने रचनात्मक समर्थन को बढ़ाने के लिए हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराती हूं.

दुर्घटना..खड़ी ट्रक से आईसर ट्रक टकराई एक कि मौत और दो लोग घयाल

पवन निर्मलकर, बिलासपुर। रतनपुर के पास आईसर ट्रक से परचून खाली कर अंबिकापुर से भाटापारा लौट रहा ट्रक जैसे ही देर रात 3 बजे करीब रतनपुर भरारी पावर प्लांट के पास में पहुंची तभी अनियंत्रित होकर खड़ी ट्रक से जाकर टकराई । जिसमें हेल्पर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई । वही एक युवक को मामूली चोटें आई । जबकि ड्राइवर बाल-बाल बच गया । इस घटना के बाद खड़ी ट्रक अपना वाहन लेकर चला गया । कुछ वाहन चालकों ने इसकी सूचना रतनपुर पुलिस के साथ 108 को दिया । तब स्टॉप घटनास्थल पर पहुंचे । जहां पर से घायल युवक को लाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में भर्ती कराया । जबकि मृतक को अस्पताल के फ्रीजर में सुरक्षित रखवा दिया ।


इस संबंध में रतनपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि आईसर ट्रक क्रमांक – एम एच – 40 — बीजी -9067 अंबिकापुर से परचून खाली कर रात 10 बजे भाटापारा जा रहा था । रात 3 बजे करीब वह रतनपुर के भरारी पावर प्लांट के पास में पहुंचा ही था कि सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराया । जिसमें घटनास्थल पर ही हेल्फर रेहान यादव पिता प्रकाश यादव उम्र 24 वर्ष बीरगांव पारडी नागपुर निवासी की मौत हो गई ।
। वही ट्रक में बैठा युवक चंद्रशेखर राव पिता आनंद राव उम्र 24 वर्ष बीरगांव पारडी नागपुर निवासी को मामूली चोटें आई । जबकि ड्राइवर संतोष बघेल पिता शालिक राम बघेल उम्र 40 वर्ष बाल बाल बच गया । इस घटना को देखकर वाहन चालकों ने रतनपुर पुलिस को सूचना दिया । वही 108 को सूचना दिया । तब स्टॉप घटनास्थल पर पहुंचे । वही रतनपुर पुलिस भी गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल पर पहुंच गई । जहां पर से लाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में घायल को भर्ती कराया । वहीं मृतक को अस्पताल के फ्रिजर में सुरक्षित रखवा दिया । जिसके पश्चात परिजनों का इंतजार करने लगी। गुरुवार कि सुबह इस मामले में पंचनामा बयान लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी भेज दिया ।

सप्ताह में दो दिन पूरी तरह बंद रहेंगी दुकानें, लॉक डाउन का करना ही होगा पालन

पवन निर्मलकर, बिलासपुर।लॉक डाउन में 20 अप्रैल से दी छूट के बाद अब सोशल डिस्टेंसिंग व लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाने वालों के कारण बिलासपुर कलेक्टर ने सख्ती बरतने का ऐलान कर दिया है। इस सख्ती के मुताबिक सप्ताह में दो दिन बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे। वहीं आटो पार्ट्स, इलेक्ट्रिक दुकाने भी सीमित अवधि में ही खोलने का फैसला लिया जा रहा है।जिला प्रशासन के अधिकारी रोजाना लॉक डाउन की स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक कर रहे हैं। बुधवार को हुई बैठक में 20 अप्रैल से दुकानों को खोलने का समय बढ़ाने से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि शाम चार बजे तक बाजार खोलने के फैसले के बाद शहर की सड़कों पर भीड़ बढ़ गई है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी अपेक्षित रूप से नहीं हो रहा था। बता दें कि किराना दुकानों को 20 अप्रैल से शाम चार बजे तक और डेयरी शॉप को शाम सात बजे तक खोलने का आदेश कल ही जारी किया गया था।