छत्तीसगढ़ का बजट पेश कर रहे मुख्यमंत्री बघेल…Watch Live

CG BUDGET : कोरोना काल के बीच… छग राज्य का पहला बजट… कर्जदारी से मुक्ति और… जनता को राहत… पर होगा फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य का आज 21 वां बजट पेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने कार्यकाल का तीसरा बजट आज सदन में पेश करेंगे। एक अनुमान के तहत आज के बजट का आकार करीब 1 लाख करोड़ संभावित है। देश के साथ प्रदेश भी कोरोना काल से उबर नहीं पाया है, ऐसे में सरकार के समक्ष समस्याएं और चुनौतियां दोनों ही भरपूर है। इन सबसे परे, प्रदेश की जनता को राहत देना सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसके अलावा कोरोना काल की वजह से सरकार पर कर्ज बढ़ा है, तो राजस्व की आवक भी कमजोर पड़ी है।

मुख्यमंत्री भूपेश की सरकार सत्ता संभालने के साथ ही गांव, गरीब, किसान, स्वास्थ्य और स्कूली शिक्षा के साथ ही प्रदेश की महिलाओं के विकास पर ध्यान देते आ रही है। बीते सालों में इस बात को धरातल पर अमल में लाते हुए भी देखा गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से इन तमाम चीजों के विकास में काफी ज्यादा बाधाएं आईं हैं। लिहाजा माना जा रहा है कि इस बजट में भी खेती, किसान, महिलाओं के रोजगार सहित स्कूली शिक्षा के उन्नयन की दिशा में भूपेश सरकार ज्यादा प्रयास करेगी।

बीते वर्ष कोरोना काल के बावजूद सरकार ने प्रदेश में इंग्लिश मीडियम स्कूलों को विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, उसका प्रतिफल भी सामने आ चुका है। पूर्व में किए गए घोषणा की बात की जाए तो प्रदेश में 100 इंग्लिश मीडियम स्कूलों के संचालन को लेकर बड़ा फैसला आज बजट प्रावधान के तौर पर सामने आने की संभावना है। इसके लिए शिक्षकों की भर्ती, स्टाफ और स्कूलों के रिनोवेशन पर सरकार लगातार काम कर रही है। वहीं महिलाओं के कौशल योजना और उनके द्वारा बनाए उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने में भी सरकार कहीं पर भी कमतर नहीं है।

पर्यटन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने काफी ज्यादा ध्यान दिया है। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब का जिस तरीके से काया कल्प हुआ है, प्रदेशभर में पर्यटन विकास को इसी तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, ताकि पर्यटन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के नक्शे में शामिल हो सके और पर्यटकों की फेहरिस्त लंबी होती जाए। इससे नए रोजगार का सृजन होगा, तो प्रदेश के विकास को भी बल मिल पाएगा।

उच्च शिक्षा की ओर भी भूपेश सरकार का पूरा ध्यान है। खासतौर पर मेडिकल शिक्षा और प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य को लेकर सरकार हर तरह के प्रयास पर जोर दे रही है। एक तरफ जहां प्रदेश में नए मेडिकल काॅलेज खोले जाने पर विचार हो रहा है, तो वहीं प्रदेश की जनता को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा देने के लिए भी भूपेश सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है।

BREAKING : 1 मार्च को पेश होगा बजट… कैबिनेट ने लगाई मुहर… इन मसलों पर भी हुई चर्चा… हुआ फैसला

रायपुर। आज विधानसभा परिसर के समिति कक्ष में हुई भूपेश कैबिनेट की बैठक में आठ मसलों पर चर्चा हुई। एक मार्च को बजट पेश किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है। इसके अलावा लिए गए फैसले निम्नांकित हैं –

1.छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा निर्मित आयुर्वेद दवाओं, हर्बल उत्पादों तथा लघु वनोपज के प्रसंस्करण से प्राप्त प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो के शासकीय विभागों द्वारा क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया। राज्य लघु वनोपज संघ के पास उत्पाद उपलब्ध नही होने की स्थिति में शासकीय विभागों द्वारा संघ से अनापत्ति प्राप्त कर उन उत्पादों की खरीदी बाजार से की जा सकेगी।
छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा स्वयं अथवा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से निर्मित उपरोक्त उत्पादों के संबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम के प्रावधान के अनुसार निविदा आमंत्रण को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। विक्रय मूल्य के निर्धारण के लिए अपर मुख्य सचिवध्प्रमुख सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया।

2. प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र में कोदो-कुटकी एवं रागी को समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का निर्णय लिया गया।

3. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का उन्नीसवां वार्षिक प्रतिवेदन (एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020) विधानसभा के पटल में रखे जाने हेतु अनुमोदन किया गया।

4. खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अनिराकृत धान के निराकरण के संबंध में निर्णय लिया गया कि – सूखत उपरांत संग्रहण केन्द्र में शेष अनुमानित 2.27 लाख मे.टन धान के निराकरण के लिए उसना कस्टम मिलिंग के शेष 1.72 लाख मे.टन चावल जमा करने के लक्ष्य को निरस्त कर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में पूर्व में निर्धारित लक्ष्य 28.55 लाख टन के विरूद्ध चावल जमा करने हेतु शेष मात्रा 92,000 टन के अतिरिक्त 60,000 टन चावल स्टेट पूल में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करने की अनुमति दी गयी।

5. राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर 92 लाख मे.टन धान की खरीदी की गई है। भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम मेें 24 लाख में.टन. चावल लिए जाने की अनुमति दी गई है। राज्य पीडीएस हेतु 24 लाख मे.टन. चावल की आवश्यकता की पूर्ति के पश्चात् अनिराकृत धान 20.5 लाख में.टन सरप्लस (अतिशेष) है। जिसका निराकरण समिति स्तर से नीलामी के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया। नीलामी में प्राप्त अधिकतम दर का अनुमोदन धान खरीदी और कस्टम मिलिंग के लिए गठित मंत्रि-मण्डलीय उप समिति द्वारा किया जाएगा। नागरिक आपूर्ति निगम में उपलब्ध चावल की विक्रय दर मंगाने हेतु खाद्य विभाग को अधिकृत किया गया।

6.छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क (संशोधन) अधिनियम 2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

7. छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के कोरबा में स्थापित 120 मेगावाट क्षमता की दोनो इकाईयों को बंद करने हेतु कंपनी के संचालक मण्डल द्वारा लिए गए निर्णय का अनुसमर्थन किया गया तथा पाॅवर प्लांट को बंद करने के फलस्वरूप उपलब्ध रिक्त भूमि के वैकल्पिक उपयोग पर निर्णय केे लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया।

8. छ.ग. राज्य में लघु वनोपज के परिवहन में टी.पी. नियम को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत राज्य सरकार द्वारा काष्ठ, खनिज, वन्य जीव उत्पाद तथा तेन्दूपत्ता को छोड़कर समस्त अविनिर्दिष्ट लघु वनोपजों को यह छूट दी गई है।

BREAKING : राजकीय कर्ज को लेकर… सरकार को घेरने… विपक्ष ने किया जोरदार प्रयास

प्रश्नकाल में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि सरकार ने 18 दिसम्बर 2018 से 30 जनवरी 2021 तक कितना कर्ज लिया है। जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, सरकार ने जनवरी 2021 तक 36170 करोड़ का कर्ज लिया है। यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए बाजार से और नाबार्ड जैसी वित्तीय संस्थाओं से लिया गया है। शिवरतन शर्मा ने कहा, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के इसी विषय पर पूछे प्रश्न के लिखित उत्तर में कर्ज की राशि 41239 करोड़ बताई गई है।

भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा, अगर वे उत्तर से असंतुष्ट हैं तो संदर्भ समिति को भेज सकते हैं। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, संदर्भ समिति में भेजने का अधिकारी अध्यक्ष को है। वे भेज दें। बाद में मुख्यमंत्री ने कहा, अभी जो प्रश्न उठा है उसका जवाब लीजिए। जब नेता प्रतिपक्ष का सवाल आएगा तो उनका भी जवाब दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़: देश का बजट… और छत्तीसगढ़ की प्रक्रिया…

संसद में देश का आम बजट पेश हो चुका है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना बजट भाषण समाप्त कर चुकी हैं। लेकिन इस बजट में आम कर दाताओं को कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। वहीं बजट के बाद इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद भी महंगे होंगे। लेकिन सार्वजनिक उपक्रमों में जान फूंकने के लिए निर्मला सीतारमण ने झोला खोलकर घोषणाएं की है।

बजट 2021