BREAKING : सीएम बघेल ने प्रदेश से… की यह बड़ी अपील… जताई सहयोग की उम्मीद

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों का कड़ाई से पालन करने और पात्रतानुसार टीकाकरण के कार्य में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई की सफलता के लिए यह जरूरी है कि पात्रतानुसार सभी लोग टीका लगवाएं। सीएम बघेल ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी लोग मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, सेनेटाईजर का उपयोग करें और साबुन से बार-बार हाथ धोएं। इन उपायों का पालन कर कोरोना से बचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए सभी लोग पात्रतानुसार टीकाकरण में सहयोग करें। टीका लगाने और लगवाने का काम आपके बिना पूरा नहीं होगा। टीका लगाने के बाद भी मास्क, सुरक्षित दूरी तथा हाथों को साबुन से बार-बार धोने जैसे उपाय करते रहें। सीएम ने कहा है कि राज्य सरकार के साथ समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को रोकने में हम अब तक काफी हद तक सफल हुए हैं। उम्मीद है कि भविष्य में भी सभी के सहयोग से हम कोरोना को रोकने में सफल होंगे।

CG ब्रेकिंग : कोरोना की वजह से परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला… 9वीं-11वीं की परीक्षा की नयी गाइडलाईन हुई जारी

छत्तीसगढ़ में कोरोना की बढ़ी रफ्तार का इफेक्ट दिखने लगा है। रायपुर में छत्तीसगढ़ बोर्ड के सरकारी और निजी स्कूलों में 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी। इस बार फिर 9वीं-11वीं बोर्ड की परीक्षाएं स्कूलों में आयोजित करने के बजाय आनलाइन तरीके से ही आयोजित किया जायेगा। इससे पहले सीबीएसई ने भी इन कक्षाओं की परीक्षाओं को ऑनलाइन तरीके से ही आयोजित करने का निर्णय लिया था। इस बाबत DEO सभी स्कूलों के प्राचार्य को पत्र भेज दिया है।

परीक्षा की तारीख स्कूल प्रबंधन अपने सहूलियत के मुताबिक तय करेंगे। ये निर्णय अभी सिर्फ रायपुर के लिए हुआ है, बाकी के जिलों में कोरोना के हालात के मुताबिक शिक्षा विभाग परीक्षा को लेकर निर्णय करेगा। हालांकि ऑनलाइन परीक्षा कराने में चुनौतियां काफी ज्यादा है। कई ऐसे भी बच्चे हैं, जिनके घरों में स्मार्टफोन नहीं है, ऐसी स्थिति में पर्चा उन तक पहुंचाना और फिर पेपर को मंगाना दोनों ही बड़ी चुनौती की बात होगी।

हालांकि डीईओ ने ये विकल्प दिया है कि अगर किसी के पास स्मार्ट मोबाइल फोन की सुविधा नहीं है तो अभिभावकों की सहमति लेकर आफलाइन भी परीक्षा आयोजित करायी जा सकती है।

2,000 रुपये का नोट बंद करना चाहती है सरकार? 2 साल से नहीं छापा एक भी नोट

सरकार ने लोकसभा में बताया है पिछले दो सालों में 2 हजार रुपए के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है, जबकि इसकी संख्या में कमी आ गई है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को संसद को एक लिखित जवाब में बताया कि 30 मार्च 2018 को 2000 रुपए के 336.2 करोड़ नोट सर्कुलेशन में थे, जबकि 26 फरवरी 2021 को इसकी संख्या घटकर 249.9 करोड़ रह गई।

वित्त राज्य मंत्री ने जवाब में कहा, ”किसी मूल्य के बैंक नोटों की छपाई का फैसला जनता की लेन-देन की मांग को पूरा करने के लिए RBI के की सलाह पर लिया जाता है।” उन्होंने कहा, ”2019-20 और 2020-21 में 2000 रुपए के नोट की छपाई का ऑर्डर नहीं दिया गया है।”

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2019 में बताया था कि वित्त वर्ष 2016-17 (अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक) में 354.2991 करोड़ नोटों की छपाई की गई थी। हालांकि, 2017-18 में केवल 11.1507 करोड़ नोटों की छपाई की गई। 2018-19 में 4.669 करोड़ नोट छापे गए तो अप्रैल 2019 के बाद से एक भी नोट नहीं छापा गया है।

माना जा रहा है कि यह फैसला कालेधन पर रोक लगाने के लिए ऐसा किया गया है। नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर किए जाने के बाद सरकार ने 500 रुपए के नए नोट और 2 हजार रुपए के नोट को जारी किया था। 2000 रुपए के नोट के अलावा सरकार ने 10, 20, 50 और 100 रुपए के नए नोट जारी किए हैं।

किसी ने बेकसूर होने के बाद भी काटे 20 साल की सज़ा तो किसी ने की आत्महत्या तो कोई अब भी जूझ रहा करियर की बर्बादी से – पढ़िए वो केस जब महिलाओ ने लगाय थे गलत आरोप

हाल ही में सोशल मीडिया के साथ televison पर जोमाटो के डिलीवरी बॉय और बेंगलुरु की मेकअप आर्टिस्ट हितेश चन्द्राणी द्वारा डिलीवरी व मारपीट को लेकर आरोप लगाए गए थे जिसके बाद जोमाटो डिलीवरी बॉय ने भी अपने ब्यान से पूरा तख्ता ही पलट दिया जिसके बाद से इंस्टाग्राम फेसबुक ट्विटर में हितेश चन्द्राणी को लेकर लोगो में गुस्से भरा कमेंट देखने को मिला महिलाओ द्वारा गलर आरोपों के चलते कितने बार ही बेकसूर पुरुषो को बहुत बड़े खामियाजे को भुगतना पड़ता है

सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पुराने केसेस भी निकाल कर लोग धड़ल्ले से शेयर करते हुए दिख रहे है वही कई सोशल मीडिया पर फेमिनिस्ट पर भी कमेंट आरहे है
सर्वजीत सिंह, जिसे अब एक उत्पीड़नकर्ता के रूप में जाना जाता है, दिल्ली कॉलेज की छात्रा जसलीन कौर द्वारा दायर एक झूठे मामले के लिए धन्यवाद, पंद्रह महीने पहले हुई घटना के बाद से जीवन कितना कठिन और शर्मनाक है। सिंह, पुरुष अधिकार कार्यकर्ता दीपिका नारायण भारद्वाज, और मानवाधिकार कार्यकर्ता कुंदन श्रीवास्तव द्वारा शुरू से ही समर्थित हैं, अब कुंदन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी आवाज उठा रहे हैं जो लोगों को उत्पीड़न, अन्याय, अनैतिकता और अनौचित्य के खिलाफ आवाज उठाने में मदद करता है।
जसलीन ने एक उत्पीड़क को खड़े होने के लिए तुरंत प्रसिद्धि के लिए उपयोग किआ , दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने उसके साहस के लिए जसलीन को 5,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की, और दिल्ली के सीएम अरविंद केरीवाल ने कौर, AAP सदस्य को ट्विटर पर बधाई दी।सिर्फ एक दिन में, जब पुलिस ने पूछताछ की, तो विश्वजीत सिंह, एक प्रत्यक्षदर्शी, ने यू-टर्न लेना शुरू कर दिया। उन्होंने मामले में सर्वजीत की बेगुनाही की कसम खाई और इस बात की पुष्टि की कि यह जसलीन ही थी जिसने मौखिक रूप से उस व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार और दुर्व्यवहार किया था। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पक्ष बदल दिया, अभिनेता सोनाक्षी सिन्हा, जिन्होंने शुरू में कौर का समर्थन किया, ने सर्वजीत से माफी मांगी और मामले की प्राथमिक जांच पूरी होने से पहले ही दिल्ली के सीएम केजरीवाल को लड़की की प्रशंसा करने के लिए बाहर बुलाया गया।

दुष्कर्म के झूठे आरोप में 20 साल जेल में बिताने वाले विष्णु तिवारी के पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों को लेकर नेशनल हयूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। एनएचआरसी ने यह भी पूछा है कि सरकार इन सालों में क्या कर रही थी और सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने उसके मामले का आंकलन क्यों नहीं किया। एनएचआरसी को अपनी जांच में यह भी पता चला है कि यह सीआरपीसी की धारा 433 के ‘गैर-अनुप्रयोग’ का मामला लगता है, जिसके तहत सरकार उन कैदियों की जल्द रिहाई की समीक्षा करती है, जिन्हें स्वास्थ्य, अच्छे आचरण और विभिन्न कारणों से रिहाई पाने के योग्य होते हैं। ऐसे में इस मामले पर रिव्यू न किया जाना स्पष्ट रूप से सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की असक्रियता को दर्शाता है।

अब आयोग ने उप्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में उनका जवाब मांगा है। आयोग ने अपने पत्र में कहा है, “इस मामले में जिम्मेदार लोक सेवकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और पीड़ित के लिए राहत और पुनर्वास के कदम उठाकर उसके साथ हुए अन्याय की भरपाई होनी चाहिए। जो कि उसने इतने सालों के दौरान मानसिक पीड़ा और सामाजिक कलंक के तौर पर झेला।एक व्यक्ति, जिसने अपराध के लिए सात साल से अधिक समय तक मुकदमे का सामना किया, उसे चेन्नई, तमिलनाडु की एक अदालत ने 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया।संतोष ने एक महिला के खिलाफ मुआवजे का मुकदमा जीता, जिसने उस पर बलात्कार और उसे अभद्रता करने का झूठा आरोप लगाया था। हालांकि, एक डीएनए परीक्षण ने पुष्टि की कि संतोष उसके बच्चे का पिता नहीं है।

मासूम ने किया बलात्कार का मुकदमा
संतोष ने कहा कि उसके माता-पिता ने महिला के साथ उसकी शादी तय कर दी थी, लेकिन संपत्ति के विवाद को लेकर उनके परिवार के साथ उनके रिश्तों में खटास आ गई, और उन्होंने भाग लिया। बाद में, जब वह एक निजी कॉलेज में इंजीनियरिंग कर रहा था, तो महिला की माँ ने अपने माता-पिता को बताया कि उसने उसकी बेटी को गर्भवती कर दिया है और मांग की कि वे तुरंत शादी कर लें।जब संतोष ने महिला के साथ कोई संबंध होने से इनकार किया, तो उसने और उसके परिवार ने उसके खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज की। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने संतोष के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे एक अदालत में पेश किया गया जिसने उसे 95 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। बाद में, उन्हें 12 फरवरी 2010 को द टाइम्स ऑफ इंडिया ने जमानत पर रिहा कर दिया।इस समय तक महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्चे के डीएनए परीक्षण ने साबित कर दिया कि संतोष उसके पिता नहीं थे। फिर सात साल से अधिक समय तक चले मुकदमे के बाद, एक महिला अदालत ने 10 फरवरी, 2016 को संतोष को बरी कर दिया।

सिर्फ महिलाओ के आरोप ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी तुरंत तस्वीर और वीडियो देख कर विचार व्यक्त करना या आक्रोश जताने वाले युवा भी इन सभी पर बराबर हिस्सेदारी रखते है,

BIG BREAKING – शिवम् की हुई वापसी..11 दिन पहले परिजनो के साथ तिरूपती से अपहरण हुआ था शिवम् विजयवाडा में मिला…

बच्चे के परिजनो ने गरियाबंद पुलिस कप्तान भोजराम पटेल का आभार व्यक्त किया

गरियाबंद ज़िले से बड़ी खबर निकल कर आ रही है, आज से ११ दिन पहले अपने परिजनो के साथ तिरूपती मंदिर दर्शन करने गया 6 वर्षीय मासूम बच्चे को अपहरण कर लिया गया था जिसके बाद से ही उसके पूरे परिवार में मातम सा छाया हुआ था जो आज ११ दिनो के बाद आज विजयवाडा में हुआ बारामद बच्चे के पिता जी ने विंडीओ काल के माध्यम से बात किया जहाँ एक ओर गरियाबंद sp भोजराम पटेल ने कमान सम्भाल रखी थी और बच्चे और उनके परिजनो को लगतार जुड़े रहे और उन्हें ये संतवाँना देते रहे उन्हें धैर्य रखने का हौसाल देते रहे कि उनके बच्चे की बहुत जल्द वापसी होगी और वही तिरूपती sp से उनकी लगतार सम्पर्क होते रहाँ .. खबर मिलते ही परिजनो और क्षेत्र वसीयो में खुसी की लहर दौड़ी लोगों ने शोसल मीडिया के माध्यम से बधाईया दी वही

खुले में शौच कर रहे दो युवकों हाथी ने दौड़ाया, एक को सूंड से उठा फेका, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

कोरिया। जिले में हाथियों आतंक कम होने का नाम नहीं ले रह है। भरतपुर विकासखण्ड के मुख्यालय जनकपुर से लगे पचवारपारा इलाके में एक हाथी अचानक पहुंच गया। यहाँ दो युवक शौच करने गए हुए थे जिसमें से शिव कुमार पाव नामक युवक का हाथी से सामना हो गया।

अपनी सूंड से हाथी ने युवक को कुछ दूर पर फेंक दिया जिससे युवक घायल हो गया और वहां से किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल हुआ। वहीं दूसरा साथी युवक मोतीलाल पाव हाथी के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर भागने में सफल हो गया । बहरासी रेंज के पचवारपारा इलाके में घायल हुए युवक का इलाज भरतपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है जिसकी हालत खतरे से बाहर है। युवक की कमर जांघ के अलावा सिर में हल्की चोट आई है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन अमला मौके पर पहुँचा और ग्रामीणों से सतर्क रहने की बात कही । जनकपुर रेंज के बड़काडोल अमराडंडी और पतवाही के इलाके में हाथी घूम रहा है जहाँ फसलों को नुकसान पहुँचा रहा है ।

बड़ी खबर : 1 अप्रैल से सप्ताह में केवल 4 दिन की नौकरी… लेकिन 12 घंटे करना होगा काम ! जानिए सरकार की प्लानिंग

नई दिल्ली। 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो रही है और इसी के साथ नए वित्त वर्ष में की नियम कायदों में बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव कर्मचारियों के काम के घंटों में होने की संभावना है। मिली जानकारी के मुताबिक नए वित्त वर्ष से working hours 12 घंटे हो सकते हैं। साथ ही कर्मचारियों की ग्रैच्युटी और भविष्य निधि में भी बढ़ोतरी हो सकती है। यहां यह जरूर बता दें कि कर्मचारियों के working hours में बढ़कर भले ही 12 घंटे हो रहे हो लेकिन ऐसी स्थिति में सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही काम करना होगा।

1 अप्रैल से लागू हो सकता नया कानून

गौरतलब है कि बीते साल संसद में तीन मजदूरी संहिता विधेयक पारित किए गए थे। इन तीनों कानूनों को अब 1 अप्रैल से लागू किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है कर्मचारियों के हाथ में आने वाला पैसा (Take home salary) कम हो जाएगी। साथ ही इसका असर कर्मचारियों (Employee) और नियोक्ता (Employer) सभी पर होगा। इस नए नियम से निजी कंपनियों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होगी।

नए वेज कानून से होंगे ये बदलाव

– वेज (Wage) की नई परिभाषा के तहत अब भत्ते कुल सैलरी के अधिकतम 50 प्रतिशत ही होंगे।

– आजाद भारत के 73 साल के इतिहास में पहली बार श्रम कानून में बड़ा बदलाव किया गया है।

– केंद्र सरकार का दावा है कि नए कानून से नियोक्ता और श्रमिक दोनों को फायदा मिलेगा।

– नए नियमों के मुताबिक अब मूल वेतन कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। ऐसा होने पर कर्मचारियों की सैलरी का स्ट्रक्चर में बदलाव आ जाएगा।

– चूंकि भविष्य निधि मूल वेतन पर आधारित होती है, इसलिए मूल वेतन बढ़ने से पीएफ बढ़ेगा, जिसका मतलब है कि टेक-होम (Take home salary) या हाथ में आने वाले वेतन में कटौती होगी।

– कर्मचारियों की ग्रैच्युटी और पीएफ में योगदान बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी होगी।

– नए ड्राफ्ट कानून में अधिकतम 12 घंटे तक काम करने का प्रस्ताव पेश किया गया है।

– नियमों के मुताबिक किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम करने को प्रतिबंधित किया गया है।

कर्मचारियों को हर 5 घंटे के बाद 30 मिनट का आराम देने के निर्देश दिए गए हैं।

ANALYSIS : राहुल गांधी के 6 भरोसेमंद में… सीएम भूपेश बघेल शामिल… कई दिग्गज छूट गए पीछे

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में साल 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने हर किसी को चौंकाया था। लगातार तीन बार जादुई आंकड़ों के करीब पहुंचने की कोशिश में कांग्रेस विफल साबित हुई, लेकिन संगठन की बागडोर भूपेश बघेल के हाथों में आते ही छग कांग्रेस जैसे तरुणाई की अंगड़ाई लेने लगा और जब नतीजा आया, तो तीन बार तक सत्ता के शिखर में बैठी भाजपा के पास मानो धरातल भी नहीं बचा था। स्वाभाविक तौर पर श्रेय तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अब के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सिर बंधना लाजिमी है। हालांकि वे अकेले इस श्रेय को कभी नहीं लेते, बल्कि पूरी पार्टी की मेहनत का रंग बताते हैं।

पार्टी आलाकमान ने उनपर तब जो भरोसा जताया था, आज वह और पुख्ता हो गया है, जिसकी वजह से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब राहुल बिग्रेड के उन 6 सबसे ज्यादा भरोसेमंद शख्सियत में शुमार हो चुके हैं, जिस पर ना केवल राहुल गांधी, बल्कि सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को भी पूरा भरोसा है। देश की एक बहुप्रतिष्ठित और चर्चित समाचार पत्रिका के ताजा अंक का मुखपृष्ठ इस बार कांग्रेस आलाकमान पर है। इस मैगजीन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सबसे करीबी जो छह नेता हैं, उनमें से एक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी हैं। पांच अन्य शख्सियत में केसी वेणुगोपाल, राजीव सातव, अजय माकन, रणदीप सिंग सुरजेवाला और जयराम रमेश का नाम शामिल हैं। इन छह नेताओं को ही सोनिया गांधी और प्रियंका का भी करीबी माना जाता है।

कई दिग्गजों को पछाड़ बढ़े कदम

आश्चर्य किंतु सत्य मुहावरे को मुख्यमंत्री बघेल ने चरितार्थ कर दिया है। छत्तीसगढ़ के कई दिग्गजों को तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले ही पीछे छोड़ दिया था। अब देश के अन्य राज्यों के दिग्गजों से भी वे कई कदम आगे बढ़ चुके हैं। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, पुडुचेरी के पूर्व सीएम वी नारायणसामी के अलावा पार्टी के अन्य बड़े नेता सचिन पायलट, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा, अशोक तंवर, संजय निरूपम सहित कई नेताओं को पछाड़ते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह मुकाब हासिल किया है। कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों में भी भूपेश बघेल सबसे अव्वल माने जा रहे हैं क्योंकि किसी और मुख्यमंत्री को राहुल ब्रिगेड में जगह नही मिली है।

असम और पश्चिम बंगाल की बागडोर

गांधी परिवार ने सीएम भूपेश बघेल को असम विधानसभा चुनाव में प्रभारी और पश्चिम बंगाल चुनाव में स्टार प्रचारक बनाकर इस बात पर मुहर लगाई है कि फिलहाल वे आलाकमान के सबसे चहेते और भरोसेमंद मुख्यमंत्री हैं। अगर इन दोनों राज्यों में कांग्रेस अपनी सरकार बना लेती है या स्थिति मजबूत करती है तो बघेल का कद कई गुना बढ़ जाएगा। बहरहाल राहुल और सोनिया गांधी के गुड बुक में सीएम बघेल का नाम दर्ज हो चुका है, जिसे स्थाई बनाए रखना फिलहाल एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि प्रदेश में सत्ता की बागड़ोर को आने वाले ढ़ाई साल तक संभालने के साथ ही दूसरी बार सरकार लाने की भी जिम्मेदारी का निर्वहन उन्हें करना पड़ेगा।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को जल्द मिलेगी बड़ी राहत, हटेगी तबादले पर लगी रोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। दरअसल प्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों के तबादले पर लगी रोक हटाने वाली है। इस बात के संकेत खुद मंत्री रविंद्र चौबे ने दी है। हालांकि अभी इस पर कैबिनेट की मुहर नहीं लगी है। लेकिन सरकार के इस फैसले से पिछले एक साल से तबादला का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मंत्री रविंद्र चौबे ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा है कि पिछले एक साल कोरोना के कारण तबादले नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी-कर्मचारी रिटायर भी हो रहे हैं। नए ताबदला नीति पर अप्रैल में चर्चा होगी।

BREAKING : बोर्ड परीक्षा से वंचित हो सकते हैं… छग के 20 हजार बोर्ड परीक्षार्थी… क्या है मामला, पढ़िए

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12 वीं बोर्ड की परीक्षा की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों को इस साल बड़ा झटका लग सकता है, जबकि उनकी कोई भी गलती नहीं है। दरअसल, बोर्ड परीक्षा देने की तैयारी कर रहे, 10वीं और 12वीं के छात्रों की आकलन रिपोर्ट व प्रायोगिक परीक्षाओं के नंबर अब तक माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के पोर्टल में स्कूलों के जिम्मेदारों ने अपलोड नहीं किए है। स्कूल प्रबंधन की इस लापरवाही से लगभग 20 हजार छात्राओं की जानकारी माशिमं पोर्टल में मिसिंग हैं।

छात्रों के आकलन और प्रायोगिक परीक्षा संबंधी जानकारी माशिमं को उपलब्ध हो सके, इसलिए माशिमं सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारियों को मामलें में सख्ती करने और जल्द से जल्द जानकारी अपलोड कराने का निर्देश दिया है। माशिमं सचिव ने मामलें में लापरवाह स्कूल के जिम्मेदारों को फटकार लगाई है और दोबारा गलती ना दोहराने का निर्देश जारी किया है।

तो नहीं दिला पाएंगे परीक्षा

माशिमं के जानकारों की मानें तो जिन छात्रों की आकलन रिपोर्ट और प्रायोगिक परीक्षाओं के नंबर माशिमं पोर्टल में अपलोड नहीं होंगे। उन छात्रों को अनुपस्थित माना जाएगा। इस स्थिति में छात्र बोर्ड की परीक्षा नहीं दे सकेंगे। स्कूल के जिम्मेदारों की लापरवाही से छात्रों का भविष्य बर्बाद ना हो, इसलिए माशिमं सचिव ने मामलें में सावधानी बरतने और जल्द से जल्द आकलन व प्रायोगिक परीक्षा की रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश दिया है।

हर माह रिपोर्ट सबमिट करना जरूरी

माशिमं के जानकारों की मानें तो जिन छात्रों की तीन आकलन रिपोर्ट व प्रायोगिक परीक्षाओं का नंबर पोर्टल में अपलोड होगा, तब उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल पाएगी। कोरोना के मद्देनजर विभागीय अधिकारियों ने परीक्षार्थियों के लिए यह तरीका तय किया है। इन रिपोटर््स के आधार पर ही छात्रों को उपस्थित और अनुपस्थित माना जा रहा है। आकलन रिपोर्ट हर माह सबमिट करनी है। प्रदेश के कुछ स्कूलों ने जनवरी माह की रिपोर्ट भी अब तक सबमिट नहीं की है।

BREAKING : शाम पांच बजे के बाद… चार दिनों तक बंद रहेंगे बैंक… तो निपटा लें, जरुरी काम

यदि आपको बैंक का कोई भी जरूरी कार्य करना है, तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 13 मार्च से लगातार चार दिन बैंक बंद रहेंगे। 13 मार्च को माह का दूसरा शनिवार है और 14 मार्च को रविवार है, इसलिए इन दिनों सभी राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 15 और 16 मार्च 2021 को देश के सरकारी और ग्रामीण बैंकों की हड़ताल है। इसलिए अगर आपका कोई बैंकिंग कार्य शेष है तो उसे समय पर पूरा कर लें।

भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट के अनुसार, आज 11 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर अगरतला, आईजॉल, इंफाल, कोलकाता, गैंगटॉक, गुवाहाटी, चेन्नई, नई दिल्ली, पटना, पणजी और शिलांग के अतिरिक्त सभी राज्यों में बैंक बंद हैं। इससे जुड़ी अन्य जानकारी आपको भारतीय रिजर्व बैंक ( आरबीआई ) की वेबसाइट पर मिल जाएगी।

इसलिए की गई हड़ताल की घोषणा
बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक यूनियनों ने 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। फोरम ने सरकारी क्षेत्र के दो बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है।इस साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था। केंद्र सरकार साल 2019 में पहले ही एलआईसी में आईडीबीआई बैंक का अधिकांश हिस्सा बेच चुकी है। इसके साथ ही पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ है।

BIG NEWS : कल एक दिन शेष… फिर चार दिनों के लिए… बैंकों में लटकेगा ताला… जानिए क्यों…?

यदि आपको बैंक का कोई भी जरूरी कार्य करना है, तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 13 मार्च से लगातार चार दिन बैंक बंद रहेंगे। 13 मार्च को माह का दूसरा शनिवार है और 14 मार्च को रविवार है, इसलिए इन दिनों सभी राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 15 और 16 मार्च 2021 को देश के सरकारी और ग्रामीण बैंकों की हड़ताल है। इसलिए अगर आपका कोई बैंकिंग कार्य शेष है तो उसे समय पर पूरा कर लें।

भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट के अनुसार, आज 11 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर अगरतला, आईजॉल, इंफाल, कोलकाता, गैंगटॉक, गुवाहाटी, चेन्नई, नई दिल्ली, पटना, पणजी और शिलांग के अतिरिक्त सभी राज्यों में बैंक बंद हैं। इससे जुड़ी अन्य जानकारी आपको भारतीय रिजर्व बैंक ( आरबीआई ) की वेबसाइट पर मिल जाएगी।

इसलिए की गई हड़ताल की घोषणा
बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक यूनियनों ने 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। फोरम ने सरकारी क्षेत्र के दो बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है।इस साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था। केंद्र सरकार साल 2019 में पहले ही एलआईसी में आईडीबीआई बैंक का अधिकांश हिस्सा बेच चुकी है। इसके साथ ही पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ है।

अखिल भारत हिन्दू महासभा सरायपाली द्वारा भगवान शंकर माता पार्वती की भव्य बारात की शोभायात्रा…

अखिल भारत हिन्दू महासभा सरायपाली द्वारा भगवान शंकर माता पार्वती की भव्य बारात की शोभायात्रा की पूजा अर्चना करते हुए साथ में शुद्ध पेय पदार्थों के साथ बारात का स्वागत एवं सेवा किया गया। जिसमें अखिल भारत हिन्दू महासभा के जिलाध्यक्ष जोरावर सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष नीरज अग्रवाल, गौरव शर्मा, चंदन पाणिग्रही, सोनू मखीजा, दीपक जोगी, आकाश पाणिग्रही, गुलशन चौरसिया, चंद्र कुमार, दविंदर सलूजा, दिनेश अग्रवाल, ललित जायसवाल, जगबंधु यादव आदि सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ब्रेकिंग : मुठभेड़ में 3 नक्सली घायल… भारी मात्रा में उपयोग की सामग्री बरामद…

बीजापुर जिले के कोलनार और छोटे पल्ली के बीच जंगलों में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुआ है. जवानों को भारी पड़ता देख माओवादी मैदान छोड़कर फरार हो गया. इसके बाद फोर्स ने माओवादी केंप ध्वस्त कर दिया. कैंप से दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद किया गया है.

दरअसल, जिले में चलाये जा रहे माआवादी विरोधी अभियान के तहत एसटीएफ एवं डीआरजी के जवान बैल, उतला, छोटेपल्ली, रेखावाया,बोरगा, तकिलोड, कोलनार, घोंट की ओर निकली थी. अभियान के दौरान 10 मार्च को कोलनार एवं छोटेपल्ली के बीच जंगल इन्द्रावती नदी के किनारे उत्तर में पुलिस पार्टी द्वारा माओवादी कैम्प ध्वस्त किया गया. माओवादी कैम्प छोड़कर भाग खड़े हुए. मौके से दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई. हमले में तीन माओवादियों के घायल होने की सूचना है.

BREAKING : कल से अगले 10 दिनों तक… मुख्यमंत्री भूपेश बघेल… छग में नहीं रहेंगे मौजूद… पढ़िए क्या है शेड्यूल

रायपुर। देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस पार्टी आलाकमान ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्टार प्रचारकों में शामिल किया है, वहीं असम में प्रचार की कमान भी दी है। चुनावी तारीखों के नजदीक आते ही एक बार फिर सियासी खलबली मच गई है और प्रचार अभियान तेज होने लगा है।

पार्टी के निर्देश पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 12 मार्च से असम दौरे पर रहेंगे। वे 10 दिनों तक असम में प्रचार-प्रसार करेंगे। असम के प्रभारी सचिव विकास उपाध्याय ने ये जानकारी दी है। असम की सभाओं में सीएम भूपेश बघेल प्रदेश सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। आपको बता दें इससे पहले कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सीएम बघेल की सभा में 8 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी थी। कांग्रेस के नेताओं ने बघेल की सभा में जुटी इस भीड़ को ऐतिहासिक बताया था।

गौरतलब है कि कांग्रेस असम का चुनाव जीतने के लिए ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ पर काम कर रही है। ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ कांग्रेस का चुनावी बूथ मैनेजमेंट है और इसी के दम पर कांग्रेस छत्तीसगढ़ में जीती थी। बघेल के द्वारा चुने हुए कांग्रेस नेताओं की एक टीम है जो असम में चुनावी तैयारियों को संभाल रही है। छत्तीसगढ़ में डाॅ. रमन की हैट्रिक पारी के बाद भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने में मुख्यमंत्री भूपेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी रणनीति के चलते ही डाॅ. रमन सिंह के साथ भाजपा को बुरी तरह से मुंह की खानी पड़ी है।

MAUSAM ALERT : इस साल छत्तीसगढ़ में ज्यादा सताएगी गर्मी… सर्वाधिक गर्म वर्षों में से एक रहेगा 2021… देश के इन राज्यों में रहेगा सबसे अधिक असर

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने में अप्रैल की गर्मी का अहसास होने लगा है, वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वानुमान जाहिर किया है कि छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में इस साल भीषण गर्मी होगी वहीं साल 2021सर्वाधिक गर्म वर्षों में से एक रहेगा।

इस साल गर्मी के मौसम में उत्तर, पूर्वोत्तर, कुछ पूर्वी हिस्सों और पश्चिमी भारत के कुछ भागों में पारे का मिजाज थोड़ा ऊपर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार देश के कुछ हिस्सों में गर्मी अधिक परेशान करेगी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा बीते दिनों जारी मार्च से मई के मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि मध्य भारत के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से तथा उत्तर प्रायद्वीपीय भारत के कुछ तटीय इलाकों में गर्मी इस बार सामान्य से अधिक रहेगी।

मई तक छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापनाम मे 0.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो सकती है बढ़ोत्तरी

रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़, ओड़िशा, गुजरात और तटीय महाराष्ट्र के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़त दर्ज की जाएगी। आईएमडी का कहना है कि गंगा के मैदानी भू-भाग, पंजाब, हरियाणा, चंड़ीगढ़, दिल्ली, पूर्वी व पश्चिमी यूपी, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओड़िशा में मार्च से मई की अवधि के दौरान तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है।

इस बात की संभावना है कि 75 प्रतिशत सामान्य से ज्यादा तापमान दो राज्यों छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में दर्ज होगा। इन दोनों राज्यों में सामान्य से ज्यादा तापमान क्रमश: 0.86 डिग्री सेल्सियस और 0.66 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

इसके अलावा 60 प्रतिशत संभावना है कि हरियाणा, चंड़ीगढ़ और दिल्ली के तापमान में सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों के तापमान बढ़ोतरी में मामूली राहत होगी।

ब्रिटेन के मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बीते वर्ष की तुलना में 2021 में दुनिया थोड़ी कम गर्म रह सकती है, लेकिन ग्रीनहाउस गैस के कारण यह वर्ष भी सर्वाधिक गर्म वर्षों में से एक दर्ज होगा।

प्रशांत महासागर में ला नीना वेदर पैटर्न के कारण भूमध्यसागर के पश्चिम की तरफ तेज हवा के चलने से समुद्र की सतह का पानी उड़ जायेगा, परिणामस्वरूप महासागर के तापमान में दो डिग्री की कमी आ सकती है़।

महासागर के तापमान में होनेवाले इस परिवर्तन से दुनियाभर में तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा़ इस कारण ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और पूर्वी एशिया में जहां ज्यादा बारिश हो सकती है, वहीं दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका को सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है़।

बता दें कि अमेरिका के जंगलों में लगी भयावह आग से लेकर साइबेरिया की भीषण गर्मी तक, बीते वर्ष जलवायु परिवर्तन का प्रभाव दुनियाभर में महसूस किया गया। वर्ष 2020 दशक का सर्वाधिक गर्म वर्ष रहा है़ उन्नीसवीं सदी की तुलना में बीता वर्ष 1़ 2 डिग्री सेंटीग्रेड ज्यादा गर्म दर्ज किया गया़ इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्तमान वर्ष भी दुनिया को गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है।

चयनित शिक्षकों की पदस्थापना… का आदेश जारी… हटाए जाएंगे 1000 से ज्यादा अतिथि शिक्षक

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग ने 1000 अतिथि शिक्षकों को नौकरी से हटाए जाने का आदेश जारी किया है। शिक्षा विभाग, अतिथि शिक्षक की जगह नियमित शिक्षकों की पदस्थापना करेगी। चुनाव से पहले ही इन्हें नियमित करने का वादा किया किया था। जो अब पूरा किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार अब अतिथि शिक्षक 31 मार्च तक ही नौकरी कर पाएंगे। वहीं 1 अप्रैल से नियमित शिक्षकों की पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बता दें कि 2017-18 में करीब 2500 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती की गई थी।

वहीं 300 अतिथि शिक्षकों को हटाने के बाद अब 1000 को हटाने का आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया है। इस आदेश के बाद विद्यामितान संघ ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया। कहा कि आज हम सरकार के आदेश से बेरोजगार हो गए। वहीं आंदोलन की चेतावनी दी है।

हेलपिंग हैंड दी वेल्फेयर सोसाइटी के सदस्यों ने ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुँच कर मनाया महिला दिवस

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए। अधिकांश आयोजन के फोकस में शहरी, उन्नतशील महिलाएं थी, लेकिन इसी बीच हेलपिंग हैंड दी वेल्फेयर सोसाइटी द्वारा ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुँचकर इस दिवस को मनाया गया। हेलपिंग हैंड वेल्फेयर सोसाइटी के सदस्य चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे मौजूद बस्ती में पहुँचे और यहाँ की महिलाओं के साथ केक काटकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सेलिब्रेट किया। संस्था के सदस्य द्वारा ग्रामीण महिलाओं की रोजमर्रा की जीवन मे आने वाली संस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान मौजूद महिलाओं को साड़ी उपहार में देकर उनका सम्मान किया गया।

संस्थान के अध्यक्ष गौरव बंसल ने महिलाओं के साथ चर्चा करते हुए उनकी संस्याओं को हर मुमकिन समाधान उपलब्ध कराने का वचन दिया। इस अवसर पर गाँव में मौजूद श्रीमती कालेश्वरी जी ने हेलपिंग हैंड दी वेल्फेयर सोसाइटी के सदस्यों के स्नेह से अभिभूत नज़र आई, जिन्होंने नम आँखों के साथ इस प्रयास की सराहना की।

उन्होंने कहा की उनके जीवन में ऐसा पहला अवसर आया है जब किसी संस्था ने उन्हें महिला होने का एहसास कराते हुए इस तरह से सम्मान दिया हो। इस कार्यक्रम में संदीप मिश्रा, अविजित राज सिंह, सुयश वर्मा, इशान रजक, अभिषेक विलियम, जान्हवी आलमचंदानी, अनुराग सोमावार आदि शामिल रहे।

छत्तीसगढ़ : प्रेमी जोड़े ने खाया जहर… सड़क पर मिले बेहोश… हालत गंभीर… जांच में जुटी पुलिस… 

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक प्रेमी जोड़े ने जहर का सेवन कर लिया। दोनों को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फ़िलहाल दोनों कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जहां राजनादगांव मार्ग पर अयोध्या नगर में प्रेमी जोड़ा बेहोशी की हालत में देखा गया। युवक का नाम कवर्धा के ग्राम बदौडाकला निवासी रवि पटेल बताया जा रहा है।

मामले की जानकारी आसपास के लोगों ने सिटी कोतवाली पुलिस को दी। डायल 112 की टीम ने घटना स्थल पहुंच कर दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि दोनों की हालत अभी बयान देने की स्तिथि में नहीं है। दोनों ने जहर सेवन किया है। फिलहाल बयान नहीं दे पाने के कारण ख़ुदकुशी करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जांच के बाद ही कारणों का पता चल पाएगा।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के लिए हाई-अलर्ट जारी…बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते है नक्सली कमांडर हिडमा

बीजापुर। नक्सली कमांडर हिडमा और उसके खूंखार साथी छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पिछले कई दिनों से कैंप कर रहे हैं. सुरक्षाबलों ने इस बात को लेकर अलर्ट जारी किया है कि यह नक्सली अपने गोरिल्ला साथियों के साथ सुरक्षाबलों और पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर सकते हैं.

सुरक्षाबलों के सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि 25 लाख का इनामी नक्सली कमांडर हिडमा सुकमा और बीजापुर के जंगलों में 150 से 160 की संख्या में नक्सली कैंप कर रहे हैं, जो कि सुरक्षाबलों को निशाना बना सकता है. यही नहीं, हिडमा के एक दूसरे नक्सली कमांडर के साथ 50 से 60 की संख्या में नक्सली मिलिशिया के जरिए सुरक्षाबलों पर हमला करने की फिराक में है. हिडमा के साथ ही PLGA -1 के बारे में जानकारी मिली है कि वह इस समय बस्तर के इलाके में बीजापुर और सुकमा के आसपास सुरक्षा बलों के डर से भागता फिर रहा है.