आपदा के मृतक की चार बेटियों को सोनू सूद ने लिया गोद…

नई दिल्ली। कोरोनाकाल में जरूरतमंदों की हर तरह से मदद करने वाले बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद अब चमोली आपदा के पीड़ि‍त परिवार का सहारा बन गए है जा हाँ उन्होंने टिहरी जिले की दोगी पट्टी के एक पीड़ि‍त परिवार की चार बेटियों को गोद लिया है। आपदा ने इन बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है। अभिनेता सोनू सूद की टीम ने पीड़ि‍त परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाने की पुष्टि की।

जानकारी अनुसार 45 वर्षीय आलम सिंह विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना से जुड़ी ऋत्विक कंपनी में इलेक्ट्रीशयन के पद पर कार्यरत थे। जल प्रलय के दिन आलम सिंह परियोजना की टनल के भीतर काम करने गए थे, लेकिन उसके बाद लौटे नहीं। आठ दिन बाद मलबे में दबा उनका शव मिला उनके निधन से पूरा परिवार बेबस और बिना सहारे के रह गया है. आलम की चार बेटियां भी हैं जो अपने पिता के जाने से बुरी तरह टूट गई. जिसके बाद अब सोनू सूद की तरफ से इन बेटियों को नया भविष्य देने की तैयारी है. एक्टर की टीम ने बताया है कि सोनू इस परिवार की चारों बेटियों को गोद लेना चाहते हैं. वे उनकी पढ़ाई से लेकर शादी तक, हर खर्चा उठाने को तैयार हैं।

आपको बता दें वैसे ये पहली बार नहीं है जब सोनू सूद की तरफ से इतने बड़े पैमाने पर मदद करने की बात कही गई हो. पिछले साल जब बिहार और असम में भी बाढ़ का प्रकोप देखने को मिला था, तब सोनू सूद की तरफ से काफी मदद पहुंचाई गई थी. किसी को पढ़ाई के लिए किताबें दी गई थीं तो किसी का नया घर बनवाया गया. सिर्फ यही नहीं एक्टर ने प्रभावित राज्यों में नौकरी देने की एक अनूठी मुहिम भी शुरू की थी. सोनू की वो मदद देख ही अब कहा जा रहा है कि चमोली त्रासदी में भी लोगों की जिंदगी बदलने में एक्टर निर्णायक भूमिका निभाते नज़र आनेवाली है।

सोनू सूद ने यह अनोखी डिमांड भी की पूरी… वीडियो शेयर कर बोले- बस यही बाकी रह गया था…

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद अभी भी लोगों की मदद करते नजर आ रहे हैं। लॉकडाउन से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार जारी है। सोनू सूद से लोग ट्विटर के जरिए डिमांड करते हैं और एक्टर उसे पूरा करने में लग जाते हैं। कुछ दिन पहले ही सोनू सूद से एक शख्स ने गुहार लगाई थी और कहा था, “सोनू सूद सर हमारे गांव में एक लंगूर बंदर के आतंक के कारण दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं अत: आपसे निवेदन है कि बंदर को हमारे गांव से कहीं दूर जंगल में भेजवा दीजिए.” अब सोनू सूद ने शख्स की डिमांड पूरी कर दी है.

सोनू सूद ने एक वीडियो ट्वीट कर कहा: “लो बंदर को भी पकड़ लिया। अब बोलो.” सोनू सूद के इस ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं और उन्हें महान बता रहे हैं. बता दें कि सोनू सूद ने शख्स के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा था: “बस अब बंदर पकड़ना ही बाकी रह गया था दोस्त। पता भेज, यह भी करके देख ही लेते हैं।”

बता दें कि सोनू सूद लोगों की पढ़ाई, इलाज, काम काज, नौकरी हर चीज में मदद करते हुए नजर आते हैं। सोनू सूद की मदद के कारण कहीं गांव में उनकी मूर्ति बनाई गई तो कहीं उनकी पूजा भी की जाती है। उन्होंने अपने काम से लोगों का खूब दिल जीता है। लॉकडाउन के दौरान भी सोनू सूद ने लोगों की खूब मदद की थी। यहां तक कि उन्होंने विदेशों में फंसे छात्रों को भी प्लेन के जरिए भारत वापस बुलाया था। वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में उन्होंने फिल्म ‘किसान’ साइन की है।

IMPRESSING : सोनू देने जा रहे हैं… बगैर लागत के… व्यापार खड़ा करने का… शानदार मौका

कोरोना काल में गरीबों और जरुरतमंदों के लिए मसीहा बनकर उभरे अभिनेता सोनू सूद अब देश के बेरोजगारों के लिए नई स्कीम लांच करने वाले हैं। इसका जल्द ही आगाज हो सकता है। सोनू सूद ने ट्वीटर पर लिखा है ’’तैयार रहिए’’।
कोरोना संक्रमण की वजह से जब पूरे देश में हाहाकार की स्थिति बनी हुई थी, अभिनेता सोनू सूद ने मुक्तहस्त से धन लुटाया और लोगों की मदद पर मदद करते रहे, लेकिन अपने हाथ नहीं खींचे। इस बीच उनकी मदद को लेकर भी आलोचनाएं होती रहीं, लेकिन उन्होंने परवाह किए बगैर लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए क्या टेªन, तो क्या फ्लाइट, सभी तरह की व्यवस्थाएं कर दी। जरुरतमंदों के इलाज का भी खर्च उठाया, पढ़ने के लिए उत्साही लोगों की भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए। यहां तक की मजबूर लोगों की नौकरी की भी व्यवस्था करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाने की दिशा में भी अब सोनू सूद एक कदम आगे बढ़कर काम करने वाले हैं। उन्होंने देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक स्कीम शुरु करने का निर्णय लिया है। इस स्कीम के तहत बेरोजगार युवकों को, जिनके पास लागत के पैसे तक नहीं है, उन्हें जीरो इन्वेस्टमेंट पर व्यापार खड़ा करने का मौका देने वाले हैं, ताकि वे आगे बढ़ते रहें और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद कर सकें।

बुजुर्गों के साथ अभद्रता की तस्वीरें सामने आने के बाद, सोनू सूद ने सभी लोगों से की ये अपील

इंदौर। कड़ाके की ठंड में इंदौर से आई अमानवीय तस्वीर के बाद देश भर में इस कृत्य की निंदा हो रही है। बुजुर्गों के साथ अभद्रता की तस्वीरें सामने आने पर हर किसी के मन में ये सवाल है कि आखिर इंदौर नगरनिगम ने ऐसा क्यों किया।

वहीं इस घटना को लेकर कोरोना काल में गरीबों के लिए मसीहा बनकर उभरे सोनू सूद ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि आप मिलकर इन्हें एक छत देने की कोशिश करें।
दरअसल, शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इंदौर नगर-निगम की एक गाड़ी बेघर बुजुर्गों को शहर के बाहर देवास हाईवे पर सामान समेत छोड़ने पहुंची। निगम कर्मी उन्हें ट्रक से उतार रहे थे इसी दौरान स्थानीय लोगों ने निगम कर्मियों से शहर से बाहर यूं हाईवे पर छोड़ने का विरोध किया और बुजुर्गों को यूं लावारिस जानवरों की तरह खुले में छोड़ने का कारण पूछा तो निगमकर्मी कोई साफ जवाब नहीं दे सके। जिसके बाद उन्होंने एक-एक कर सभी बुजुर्गों को वापस उसी ट्रक में बैठा दिया, जिस ट्रक में वह उन्हें लेकर शहर से बाहर लाए थे और फिर वे वहां से रवाना हो गए। इस निंदनीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि इंदौर स्वच्छता में तो अभी प्रथम हुआ है मगर मानवीय संबंधों में प्रथम पहले से है। इंदौर की पहचान नष्ट ना होने दे। मैं मन से दुखी हूं।

अपने नाम पर ऑटो रिक्शा देखकर हैरान हुए सोनू सूद, पूछा- ‘ये कब हुआ!’

एक ऑटो चालक ने अपने ऑटो (Auto Rickshaw) को सोनू सूद (Sonu Sood) को डेडिकेट कर दिया. चालक की कुछ फोटोज वायरल हो रही हैं जिसमें चालक के ऑटो के पीछे सोनू सूद की बड़ी सी तस्वीर लगी है जिसपर लिखा है- “भारत का असली हीरो, सोनू सूद”

अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. पिछले साल कोरोना और लॉकडाउन के वक्त सोनू सूद ने जिस तरह जरूरतमंदों की मदद की वो सराहनीय था. उनकी इसी मदद के चलते भारत के कई लोग सोनू सूद को अपना मसीहा मानने लगे. ट्विटर पर वे अपनी जरूरतों का जिक्र करते और सोनू उसे पूरा कर देते. सोनू के नेक दिल काम के कारण उन्हें फिल्मों में पॉजिटिव रोल मिलने लगे हैं. लोग उन्हें भगवान की तरह पूजने लगे हैं.

इस बात का उदाहरण हाल ही में एक तस्वीर में दिखाई दिया जिसमें एक ऑटो चालक ने अपने ऑटो (Auto Rickshaw) को सोनू सूद को डेडिकेट कर दिया. चालक की कुछ फोटोज को सिने टाइम ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया है जिसमें चालक के ऑटो के पीछे सोनू सूद की बड़ी सी तस्वीर लगी है जिसपर लिखा है- “भारत का असली हीरो, सोनू सूद”

सोशल मीडिया पर इस ऑटो चालक और उसके ऑटो की तस्वीर वायरल हो चुकी है. यहां तक सोनू की नजर भी इस तस्वीर पर पड़ गई. उन्होंने इस पोस्ट को रीट्वीट करते हुए ट्वीट किया- “मेरी ऑटो रिक्शा? ये कब हुआ”

सोनू सूद के खिलाफ BMC ने दर्ज कराया केस, रिहायशी इमारत को होटल में किया तब्दील

मुंबई. बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद के खिलाफ बीएमसी ने एक्शन लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि सोनू सूद ने जुहू में स्थित एक छह मंजिला आवासीय इमारत को बिना अनुमति के होटल में तब्दील कर लिया है. बीएमसी का कहना है कि एक्टर ने इसके ऐसा करने से पहले कोई परमिशन नहीं ली है. बीएमसी ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा है कि सोनू सूद के खिलाफ महाराष्ट्र रीजन एंड टाउन प्लानिंग एक्ट के तहत एक्शन लिया जाना चाहिए. बीएमसी का कहना है कि एक्टर ने महाराष्ट्र रीजन ऐंड टाउन प्लानिंग एक्ट के सेक्शन 7 के तहत दंडनीय अपराध किया है.
बीएमसी की तरफ से 4 जनवरी को जुहू पुलिस स्टेशन पर दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि सोनू सूद ने एबी नायर रोड पर स्थित शक्ति सागर बिल्डिंग को बिना परमिशन के ही होटल में तब्दील कर लिया है.नियमों के मुताबिक, शक्ति सागर एक रिहायशी बिल्डिंग है और उसका कॉमर्शियल उद्देश्य से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

बीएमसी ने अपनी शिकायत में कहा है कि ये पाया गया है कि सोनू सूद ने खुद ही जमीन के इस्तेमाल में बदलाव कर लिया है. इसके अलावा तय प्लान से अतिरिक्त निर्माण कराते हुए रिहायशी इमारत को रेजिडेंशियल होटल बिल्डिंग में तब्दील कर लिया है.इसके लिए उन्होंने अथॉरिटी से जरूरी तकनीकी मंजूरी भी हासिल नहीं की है.

इस मामले पर सोनू सूद ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्होंने पहले ही बीएमसी से यूज चेंज के लिए परमिशन ली थी और अब महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे थे.